30 August Weather: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। सबसे गंभीर स्थिति ओडिशा में बन सकती है, जहां मौसम विभाग ने अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों के कई हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में रेड अलर्ट, अत्यंत भारी बारिश का खतरा

30 अगस्त को ओडिशा के कई इलाकों में बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अनुमान जताया है। लगातार बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा बढ़ सकता है।
बारिश के साथ ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को खुले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की जरूरत है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में भी जमकर बरसेंगे बादल
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में 30 अगस्त को बारिश का दौर तेज रह सकता है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश की चेतावनी है। पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
गांगेय पश्चिम बंगाल में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में पेड़ गिरने, बिजली के तारों को नुकसान पहुंचने और स्थानीय यातायात प्रभावित होने जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं।
यूपी-बिहार में 30 अगस्त को कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी 30 अगस्त को मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ बिहार में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इससे लोगों को विशेष रूप से आकाशीय बिजली के दौरान सावधानी बरतनी होगी।
उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना बेहतर रहेगा।
झारखंड, मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी बारिश का अलर्ट
मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली चमकने की संभावना है। झारखंड में 30 अगस्त को गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं।
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों, निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तराखंड और पहाड़ी क्षेत्रों में भी मौसम खराब
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन, भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियां परेशानी पैदा कर सकती हैं।
ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश
पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 अगस्त को भारी बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है।
कुछ स्थानों पर तेज बारिश थोड़े समय में ही जलभराव की स्थिति पैदा कर सकती है। इसलिए स्थानीय लोगों को निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों से सावधान रहने की जरूरत है।
समुद्र में तूफानी हवाओं का खतरा, मछुआरों के लिए अलर्ट
IMD ने केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में तेज हवाएं चलने की संभावना है।
सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास तथा पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कई हिस्सों में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। कुछ स्थानों पर झोंकों के साथ हवा की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसी तरह दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका के आसपास भी तेज हवाओं का असर रह सकता है। यहां हवा की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
अंडमान-निकोबार में भी तेज हवाओं का अलर्ट
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 30 अगस्त को तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ खराब मौसम की स्थिति बन सकती है। यहां हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
30 अगस्त को इन राज्यों पर ज्यादा असर
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 30 अगस्त को खास तौर पर इन क्षेत्रों पर मौसम का असर देखने को मिल सकता है:
- ओडिशा: अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश: भारी से बहुत भारी बारिश
- छत्तीसगढ़ और गांगेय पश्चिम बंगाल: भारी बारिश की संभावना
- पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार: भारी बारिश का अलर्ट
- झारखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश: भारी बारिश और गरज-चमक
- उत्तराखंड: भारी बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: भारी बारिश और गरज-चमक
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: गरज-चमक के साथ बारिश
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
भारी बारिश और आंधी-तूफान के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली की स्थिति में सुरक्षित इमारत के अंदर रहना ज्यादा सुरक्षित है।
जिन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है, वहां लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचना चाहिए। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सड़क की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की सलाह की जानकारी लेते रहना चाहिए।
कुल मिलाकर 30 अगस्त को ओडिशा में मौसम सबसे ज्यादा गंभीर रहने की आशंका है, जबकि यूपी-बिहार समेत पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी भारी बारिश और आंधी-तूफान लोगों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए स्थानीय IMD अपडेट और प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।


