आईटी दिग्गज Wipro ने Google Cloud के साथ अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पार्टनरशिप को और मजबूत करने का ऐलान किया है। इस खबर के बाद अमेरिकी बाजार में कंपनी के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसिप्ट (ADR) में तेज खरीदारी देखने को मिली। गुरुवार के प्री-मार्केट कारोबार में Wipro ADR करीब 5% तक चढ़ा और भारतीय समयानुसार शाम 4:45 बजे यह लगभग 4.61% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।
भारतीय शेयर बाजार में Wipro का शेयर गुरुवार को ₹176.40 पर बंद हुआ। स्टॉक में दिन के कारोबार के दौरान करीब 0.54% की तेजी रही।
Google Cloud के साथ AI साझेदारी हुई मजबूत
Wipro और Google Cloud की बढ़ी हुई साझेदारी का मुख्य फोकस एंटरप्राइज कंपनियों में AI के इस्तेमाल को बड़े स्तर पर बढ़ाना है। इसके तहत Wipro अपने ग्राहकों को Gemini Enterprise और एजेंटिक AI जैसी तकनीकों को उनके कारोबारी सिस्टम और प्रक्रियाओं में शामिल करने में मदद करेगी।
एजेंटिक AI ऐसी तकनीक है जिसमें AI सिस्टम केवल सवालों का जवाब देने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि तय उद्देश्यों के आधार पर कई चरणों वाले कामों को पूरा करने में भी मदद कर सकता है। यही वजह है कि बड़ी कंपनियां अब AI को सामान्य ऑटोमेशन से आगे ले जाकर अपने रोजमर्रा के बिजनेस ऑपरेशंस में इस्तेमाल करने पर जोर दे रही हैं।
10,000 से ज्यादा AI विशेषज्ञ होंगे तैयार
Wipro अपनी AI क्षमताओं को मजबूत करने के लिए 10,000 से ज्यादा AI-सर्टिफाइड विशेषज्ञों को एडवांस AI क्षमताओं से लैस करेगी। इस पहल में करीब 1,500 फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर्स भी शामिल हैं।
कंपनी के मुताबिक, इन विशेषज्ञों की मदद से ग्राहकों को AI आधारित समाधान लागू करने और उन्हें बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने में सहायता मिलेगी। इससे बिजनेस प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने, काम की गति बढ़ाने और बेहतर फैसले लेने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Wipro ने लॉन्च किया LIFT फ्रेमवर्क
कंपनी ने AI ट्रांसफॉर्मेशन को तेज करने के लिए LIFT फ्रेमवर्क भी पेश किया है। LIFT का मतलब Launch, Ignite, Flywheel और Transform है।
इस फ्रेमवर्क का उद्देश्य कंपनियों को AI अपनाने की शुरुआती प्रक्रिया से लेकर बड़े स्तर पर AI आधारित बदलाव तक पहुंचने में मदद करना है। इसके जरिए कंपनियां पारंपरिक ऑटोमेशन से आगे बढ़कर अपने दैनिक कार्यों में AI एजेंट्स का इस्तेमाल कर सकती हैं।
AI एजेंट संभाल सकते हैं कई बिजनेस कार्य
Wipro ने Gemini Enterprise को अपने प्रमुख एजेंटिक AI प्लेटफॉर्म के रूप में अपनाया है। कंपनी के अनुसार, AI एजेंट्स का इस्तेमाल कंप्लायंस, ह्यूमन रिसोर्स (HR), सेल्स इंटेलिजेंस और दूसरे कारोबारी कार्यों में किया जा सकता है।
इसका मतलब है कि AI का इस्तेमाल सिर्फ कंटेंट तैयार करने या सामान्य सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनियां इसका उपयोग डेटा का विश्लेषण करने, प्रक्रियाओं को ऑटोमेट करने और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने जैसे कामों में भी कर सकती हैं।
Wipro शेयर और ADR का प्रदर्शन
भारतीय बाजार में Wipro के शेयर ने गुरुवार को मामूली बढ़त दर्ज की और यह ₹176.40 पर बंद हुआ। हालांकि, Google Cloud के साथ AI साझेदारी बढ़ाने की खबर का असर अमेरिकी बाजार में कंपनी के ADR पर ज्यादा देखने को मिला।
गुरुवार के प्री-मार्केट कारोबार में Wipro ADR करीब 4.61% ऊपर कारोबार कर रहा था। कारोबार के शुरुआती चरण में इसमें करीब 5% तक की तेजी देखी गई।
AI और क्लाउड कंप्यूटिंग में बढ़ती मांग के बीच Wipro जैसी आईटी कंपनियों के लिए ऐसी साझेदारियां रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। हालांकि, किसी भी शेयर की कीमत पर कंपनी के प्रदर्शन के अलावा वैश्विक आईटी खर्च, अमेरिकी बाजार की स्थिति, मुद्रा विनिमय दर और व्यापक आर्थिक परिस्थितियों का भी असर पड़ता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Google Cloud के साथ AI साझेदारी और कंपनी की AI क्षमताओं को बढ़ाने की योजना Wipro के लिए सकारात्मक कारोबारी पहल हो सकती है। लेकिन केवल किसी एक खबर के आधार पर शेयर में निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।
निवेशकों को कंपनी की तिमाही आय, मार्जिन, ऑर्डर बुक, AI से होने वाली संभावित आय, वैल्यूएशन और भविष्य के बिजनेस आउटलुक जैसे पहलुओं का भी विश्लेषण करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें और अपनी रिस्क प्रोफाइल के अनुसार फैसला करें। NewsJagran.in किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


