Nepal Flash Flood: नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक और विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ और उसके बाद पैदा हुए हालात में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। इसी बीच कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के सिलसिले में काठमांडू में मौजूद हैं। उन्होंने नेपाल पहुंचते ही बाढ़ से प्रभावित इलाकों की गंभीर स्थिति और वहां फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर चिंता जताई है।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा कर बताया कि वह काठमांडू में हैं और यहां पहुंचने के बाद उन्हें भोटेकोशी बाढ़ से हुई तबाही की गंभीरता का अंदाजा हुआ। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबरों के बीच उनके परिवारों की चिंता स्वाभाविक है।
काठमांडू में मौजूद शशि थरूर ने उठाया मामला
As indicated this morning, I am in Katmandu, where I had traveled for a series of engagements, and have found myself here as Nepal reels from the Bhote-Koshi flash floods.
Over 130 Indians are reported missing, among them a number of Malayalis. My thoughts are with every family… pic.twitter.com/TCMCeie7kX
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) August 27, 2026 नेपाल में मौजूद होने के कारण शशि थरूर ने लापता भारतीय नागरिकों से जुड़े मामले को भारतीय दूतावास और नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने उठाया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उपलब्ध जानकारी को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया गया है ताकि प्रभावित लोगों की तलाश और उनके परिवारों तक जानकारी पहुंचाने में तेजी लाई जा सके।
थरूर के मुताबिक, नोर्का-रूट्स की ओर से इकट्ठा की गई और केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से प्राप्त लापता मलयाली यात्रियों से संबंधित जानकारी को नेपाली अधिकारियों तथा भारतीय दूतावास के साथ साझा किया गया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब तक लापता लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक इस मामले में प्रयास जारी रहेंगे।
लापता भारतीयों के परिवारों के लिए हेल्पलाइन जारी
नेपाल में फंसे या लापता परिजनों से संपर्क नहीं हो पाने की स्थिति में शशि थरूर ने केरल के परिवारों के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर भी साझा किए हैं।
NORKA / केरल CMO: 9447111844 और 9747132147
भारतीय दूतावास, काठमांडू: +977 9851316807 और +977 9709107500
भारतीय दूतावास के दोनों नंबरों पर व्हाट्सऐप के जरिए भी संपर्क किए जाने की जानकारी दी गई है। थरूर ने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें किसी तरह की जानकारी, अपडेट या सहायता की जरूरत हो तो वे अपने पोस्ट में उनके कार्यालय के आधिकारिक हैंडल @TharoorOffice को टैग कर सकते हैं। इससे संबंधित मामलों के कोऑर्डिनेशन और फॉलो-अप में मदद मिल सकती है।
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही
भोटेकोशी नदी और आसपास के इलाकों में अचानक आए तेज पानी ने कई क्षेत्रों को प्रभावित किया है। बाढ़ के चलते सड़क संपर्क, स्थानीय बुनियादी ढांचे और आवागमन पर भी असर पड़ा है। कई लोग अचानक बढ़े पानी के कारण फंस गए, जिसके बाद सेना, पुलिस और अन्य बचाव दलों को बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा।
प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बचाव अभियान लगातार चलाया गया। स्थानीय प्रशासन के साथ सुरक्षा बलों की टीमें भी राहत और खोज अभियान में जुटी हैं।
130 से ज्यादा भारतीयों के लापता होने की शुरुआती जानकारी
शशि थरूर ने अपने संदेश में बताया कि आपदा के बाद 130 से अधिक भारतीयों के लापता होने की रिपोर्ट सामने आई है। इनमें केरल से जुड़े कई लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग स्तर पर आंकड़े सामने आने के कारण स्थिति की पुष्टि और पहचान का काम महत्वपूर्ण हो गया है। भारतीय और नेपाली अधिकारी उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर लापता लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसे समय में परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने परिजनों से संपर्क स्थापित करना है। यही वजह है कि हेल्पलाइन नंबरों और आधिकारिक चैनलों के जरिए जानकारी साझा करने पर जोर दिया जा रहा है।
नेपाल में मौतों का आंकड़ा बढ़ा
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में अचानक आई इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 270 तक पहुंच गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि नेपाल पुलिस की ओर से 93 और शव बरामद किए जाने के बाद मौतों के आंकड़े में बढ़ोतरी हुई।
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार, विभिन्न प्रभावित जिलों से बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। इनमें चितवन, नवलपरासी पूर्व, धाडिंग, गोरखा, रसुवा, नवलपरासी पश्चिम, नुवाकोट और तनहुं जैसे इलाके शामिल हैं।
हालांकि, इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा के बीच राहत और बचाव अभियान जारी रहने के कारण मृतकों और लापता लोगों की संख्या में आगे भी बदलाव हो सकता है।
करीब 300 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की जानकारी
नेपाल के विदेश मंत्री की ओर से भी बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, लापता लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हो सकते हैं।
भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से उपलब्ध जानकारी में 288 भारतीय नागरिकों के लापता होने की बात कही गई है। इन लोगों का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियां नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
ऐसी स्थिति में यात्रियों की पहचान, उनके अंतिम ज्ञात स्थान और उनके साथ यात्रा कर रहे लोगों से मिली जानकारी को एकत्र करना बचाव अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
हिमस्खलन और नदी के बहाव से जुड़ी आशंका
इस विनाशकारी बाढ़ की वजह को लेकर शुरुआती जानकारी में भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेन्दे के बहाव में रुकावट और हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक घटनाओं की आशंका जताई गई है।
बताया गया कि पानी का अचानक और बेहद तेज बहाव चीन सीमा के नजदीक रसुवागढ़ी क्षेत्र के पास स्थित टिमुरे इलाके तक पहुंचा। अचानक बढ़े पानी ने स्थानीय लोगों और वहां मौजूद यात्रियों को संभलने का बहुत कम समय दिया।
पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की प्राकृतिक घटनाएं बेहद तेजी से गंभीर आपदा का रूप ले सकती हैं। तेज बारिश, भूस्खलन, हिमस्खलन और नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी से राहत कार्य भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
800 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
नेपाल पुलिस के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से अब तक 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। घायल और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए सेना और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।
बचाव टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों तक पहुंचना और वहां फंसे लोगों की सही लोकेशन का पता लगाना है। खराब मौसम और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों के कारण कई स्थानों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
ऐसे में स्थानीय प्रशासन, नेपाली सेना, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों के साथ भारतीय अधिकारी भी लापता भारतीय नागरिकों से जुड़ी सूचनाओं को साझा कर रहे हैं।
परिवारों से आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करने की अपील
नेपाल में फंसे लोगों के परिजनों से अपील की जा रही है कि वे घबराने के बजाय उपलब्ध आधिकारिक हेल्पलाइन और दूतावास के संपर्क माध्यमों का इस्तेमाल करें। किसी व्यक्ति के लापता होने की जानकारी होने पर उसका नाम, पहचान संबंधी विवरण, यात्रा की जानकारी और आखिरी बार संपर्क होने की सूचना अधिकारियों को देना खोज अभियान में मददगार हो सकता है।
शशि थरूर ने भी कहा है कि इस मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों की मदद के लिए समन्वय और जानकारी साझा करने की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी।
नेपाल में आई इस त्रासदी के बीच फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाना, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाना है। राहत और बचाव अभियान के आगे बढ़ने के साथ ही नुकसान और लापता लोगों से जुड़े आंकड़ों की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।


