HDFC Bank Share Price: एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर गुरुवार, 27 अगस्त को भारी दबाव देखने को मिला। अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर सिक्योरिटीज फ्रॉड क्लास-एक्शन मुकदमे की खबर सामने आने के बाद शेयर करीब 2.5% तक टूटकर ₹710 के स्तर पर पहुंच गया। यह शेयर का नया 52-हफ्ते का निचला स्तर है।
मुकदमे में बैंक पर अमेरिकी सिक्योरिटीज कानूनों के उल्लंघन के साथ-साथ कथित तौर पर भ्रामक जानकारी देने और कुछ अहम जानकारियां निवेशकों से छिपाने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, ये आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। एचडीएफसी बैंक ने मुकदमे को बेबुनियाद बताया है और कहा है कि वह इसका मजबूती से बचाव करेगा।
अमेरिका में HDFC Bank के खिलाफ क्या केस हुआ?
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक ज्वालंत नटवरलाल सोनेजी ने 13 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एचडीएफसी बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सिक्योरिटीज फ्रॉड क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया। इस मामले में उन निवेशकों को शामिल किया गया है जिन्होंने 17 जुलाई 2023 से 26 मई 2026 के बीच एचडीएफसी बैंक की सिक्योरिटीज खरीदी थीं।
मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि बैंक ने महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) को किए गए करीब ₹45 करोड़ के भुगतान को मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाया। शिकायत के मुताबिक, इस व्यवस्था का इस्तेमाल MSRDC को दूसरे डिपॉजिटर्स की तुलना में अधिक प्रभावी ब्याज दर देने के लिए किया गया।
6.01% ब्याज देने का क्या है मामला?
शिकायत में आरोप है कि MSRDC को उसके जमा पर करीब 6.01% की प्रभावी ब्याज दर दी गई, जबकि सामान्य सेविंग अकाउंट पर उपलब्ध दर करीब 3.50% थी। यानी आरोपों के अनुसार MSRDC को सामान्य दर से लगभग 2.51 प्रतिशत अंक अधिक का फायदा मिला।
मामले में कथित तौर पर इस अतिरिक्त भुगतान को मार्केटिंग या स्पॉन्सरशिप खर्च के रूप में दिखाए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में बैंक के आंतरिक जांच से जुड़ी रिपोर्टों और पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया गया है।
HDFC Bank ने आरोपों पर क्या कहा?
एचडीएफसी बैंक ने अमेरिकी मुकदमे में लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। बैंक के प्रवक्ता के मुताबिक, अमेरिका में किसी कंपनी के शेयर में गिरावट के बाद इस तरह के शेयरहोल्डर मुकदमे दायर होना असामान्य नहीं है।
बैंक का कहना है कि मुकदमे में लगाए गए आरोपों में कोई दम नहीं है और वह मामले में अपना मजबूती से बचाव करेगा।
शेयर ₹710 के 52-हफ्ते के निचले स्तर पर
अमेरिका में मुकदमे की खबर का असर गुरुवार को घरेलू बाजार में साफ दिखाई दिया। एचडीएफसी बैंक का शेयर इंट्रा-डे में करीब 2.5% गिरकर ₹710 तक पहुंच गया। रॉयटर्स के मुताबिक, इस स्तर पर शेयर करीब 29 महीने के निचले स्तर पर भी आ गया।
शेयर में गिरावट का असर पूरे बाजार पर भी पड़ा क्योंकि HDFC Bank का Nifty 50 में बड़ा वेटेज है। सुबह के कारोबार में बैंक के शेयर में करीब 1% की गिरावट ने प्रमुख इंडेक्स पर भी दबाव डाला।
एक साल में कितना टूटा HDFC Bank का शेयर?
एचडीएफसी बैंक के शेयर ने पिछले एक साल में निवेशकों को निराश किया है। 23 अक्टूबर 2025 को बीएसई पर शेयर करीब ₹1,020.35 के स्तर पर था। वहीं, 27 अगस्त 2026 को यह गिरकर ₹710 के आसपास आ गया।
इस तरह एक साल के रिकॉर्ड हाई से शेयर करीब 30% नीचे आ चुका है। वहीं, 2026 में अब तक शेयर में करीब 28% की गिरावट दर्ज की गई है।
निवेशकों को क्या समझना चाहिए?
HDFC Bank के शेयर में मौजूदा गिरावट सिर्फ अमेरिकी मुकदमे की वजह से नहीं, बल्कि बैंक को लेकर पहले से मौजूद गवर्नेंस और लीडरशिप संबंधी चिंताओं के बीच आई है। रॉयटर्स के अनुसार, इन घटनाक्रमों ने निवेशकों की अनिश्चितता बढ़ाई है।
हालांकि, अमेरिकी क्लास-एक्शन में लगाए गए आरोप अभी आरोप ही हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं। इसलिए निवेशकों के लिए बैंक के आधिकारिक बयान, मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया और बैंक के कारोबारी प्रदर्शन पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं देता है।


