Skipper Share Price: Skipper Limited को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) प्रोजेक्ट्स के लिए कुल ₹1,305 करोड़ के कई ऑर्डर मिले हैं। कंपनी के मुताबिक, इन ऑर्डर्स में नॉर्थ अमेरिका में ट्रांसमिशन टावर और मोनोपोल की सप्लाई के साथ घरेलू स्तर पर 765 kV ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
कैपिटल गुड्स कंपनी Skipper Limited के शेयरों में बुधवार, 27 अगस्त 2026 को कारोबार के दौरान 3 फीसदी से अधिक की तेजी देखने को मिली। शेयरों में यह उछाल कंपनी की ओर से ₹1,305 करोड़ के नए ऑर्डर मिलने की घोषणा के बाद आया। कंपनी ने 27 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में बताया कि उसे Transmission & Distribution (T&D) Projects के लिए कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर प्राप्त हुए हैं।
कंपनी के लिए यह ऑर्डर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें घरेलू बाजार के साथ-साथ विकसित अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले प्रोजेक्ट शामिल हैं। Skipper पहले से ही पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कारोबार में मौजूद है और नए ऑर्डर उसके T&D पोर्टफोलियो को और मजबूत कर सकते हैं।
₹1,305 करोड़ के ऑर्डर में क्या-क्या शामिल है?
Skipper Limited के अनुसार, मिले नए ऑर्डर्स की कुल वैल्यू करीब ₹1,305 करोड़ है। इन ऑर्डर्स के तहत कंपनी को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में काम करना होगा।
इनमें खास तौर पर नॉर्थ अमेरिकन मार्केट में T&D प्रोजेक्ट्स के लिए ट्रांसमिशन टावर और मोनोपोल की सप्लाई शामिल है। इसके अलावा कंपनी को एक घरेलू डेवलपर से दो 765 kV ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट्स भी मिले हैं।
765 kV जैसे हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट देश के बड़े पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क और बिजली के लंबी दूरी तक ट्रांसमिशन से जुड़े होते हैं। ऐसे प्रोजेक्ट्स कंपनी के ऑर्डर बुक और भविष्य के रेवेन्यू विजिबिलिटी के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
एक्सपोर्ट बिजनेस को लेकर कंपनी उत्साहित
ऑर्डर की घोषणा के बाद Skipper Limited के डायरेक्टर शरण बंसल ने कंपनी के एक्सपोर्ट बिजनेस को लेकर सकारात्मक रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने एक्सपोर्ट कारोबार में आई नई तेजी को लेकर उत्साहित है और विकसित बाजारों से मिलने वाले ऑर्डर उम्मीदों के मुताबिक बढ़ रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि नए ऑर्डर्स की विविधता कंपनी के T&D पोर्टफोलियो को मजबूत करती है। साथ ही, इससे अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में जटिल पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी की स्थिति एक भरोसेमंद पार्टनर के रूप में मजबूत होती है।
FY27 के लिए 15% रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस बरकरार
इससे पहले CNBC-TV18 से बातचीत में शरण बंसल ने कंपनी की वित्तीय स्थिति और आगे के कारोबार को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही में सिंगल-डिजिट ग्रोथ के बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए 15% रेवेन्यू ग्रोथ और 30% प्रॉफिट ग्रोथ का अपना मौजूदा गाइडेंस बरकरार रखा है।
कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में एक्सपोर्ट शिपमेंट सामान्य हो जाएंगे। इससे कंपनी की ग्रोथ में तेजी आने की संभावना बन सकती है।
पहली तिमाही में क्यों प्रभावित हुआ था कारोबार?
Skipper के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन पर जियोपॉलिटिकल घटनाक्रमों का असर पड़ा था। इसके कारण एक्सपोर्ट शिपमेंट में रुकावट आई और कारोबार की ग्रोथ प्रभावित हुई।
हालांकि, कंपनी का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में एक्सपोर्ट शिपमेंट सामान्य होने से स्थिति में सुधार हो सकता है। मैनेजमेंट ने मार्जिन में भी बढ़ोतरी की बात कही है।
ऐसे में नए अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स कंपनी के एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए अहम माने जा रहे हैं। खासकर नॉर्थ अमेरिका जैसे विकसित बाजार में ऑर्डर मिलना कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
शेयरों का कैसा रहा प्रदर्शन?
₹1,305 करोड़ के ऑर्डर की खबर के बाद Skipper के शेयरों में शुरुआती कारोबार में 3 फीसदी से अधिक की तेजी आई। हालांकि, तेजी के बाद शेयर में कुछ नरमी भी देखने को मिली।
लगातार दो कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद 27 अगस्त को शेयर बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। पिछले 10 कारोबारी सत्रों की बात करें तो इनमें से 7 सत्रों में स्टॉक बढ़त के साथ बंद हुआ है।
पिछले एक साल के दौरान Skipper के शेयर में 6 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं, करीब ₹560 प्रति शेयर के स्तर पर कारोबार कर रहा स्टॉक अपने 52-हफ्ते के हाई ₹593 प्रति शेयर से बहुत ज्यादा दूर नहीं है।
निवेशकों को क्या समझना चाहिए?
Skipper के लिए ₹1,305 करोड़ के नए ऑर्डर्स निश्चित तौर पर सकारात्मक खबर हैं। खासकर इसलिए क्योंकि ऑर्डर बुक में घरेलू प्रोजेक्ट्स के साथ नॉर्थ अमेरिका से जुड़े T&D प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।
इसके अलावा, कंपनी FY27 में 15% रेवेन्यू ग्रोथ और 30% प्रॉफिट ग्रोथ के अपने गाइडेंस पर कायम है। यदि एक्सपोर्ट शिपमेंट सामान्य होते हैं और नए ऑर्डर्स का निष्पादन तय समय पर होता है, तो आने वाली तिमाहियों में कंपनी के प्रदर्शन पर इसका असर दिखाई दे सकता है।
हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी की वैल्यूएशन, ऑर्डर बुक, कर्ज, मार्जिन, कैश फ्लो और भविष्य की ग्रोथ को ध्यान में रखना जरूरी है। सिर्फ किसी एक ऑर्डर या एक दिन की शेयर तेजी के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: newsjagran.in पर दिए गए विचार और जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से हैं। इसे निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


