Nepal Flash Flood: नेपाल में बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। नेपाल-चीन सीमा से सटे रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याप्रु बेसी समेत आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। तेज बहाव की चपेट में कई घर, सड़कें और दूसरी संरचनाएं आई हैं। इस बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत की ओर जा रहे करीब 390 यात्री रसुवागढ़ी क्षेत्र में फंस गए हैं और बड़ी संख्या में यात्रियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
नेपाल प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बाढ़ में अब तक 19 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रभावित इलाकों में राहत टीमों को भेजने के साथ ही लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
93 नेपाली नागरिक भी यात्रियों में शामिल
काठमांडू स्थित टच कैलाश ट्रेवल्स एंड टूर्स के प्रबंध निदेशक बासु कुमार अधिकारी के अनुसार, बुधवार 26 अगस्त को करीब 390 यात्रियों को सीमा पार कर तिब्बत की ओर जाना था। इनमें 93 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं।
बताया गया कि ये यात्री अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे। दोपहर करीब 3 बजे तक कुछ यात्रियों से संपर्क हो पाया था, लेकिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
लापता या संपर्क से बाहर बताए जा रहे यात्रियों में विभिन्न ट्रैवल एजेंसियों के ग्राहक शामिल हैं। इनमें सम्राट टूर्स एंड ट्रेवल्स के 71, लीफ हॉलीडेज के 55, काठमांडू हॉलीडेज के 17, कैलाश जर्नी के 31 और एक्सप्लोर वेकेशन के 7 यात्री बताए गए हैं।
इसके अलावा ट्रेकर्स सोसाइटी के 92, रिचा टूर्स के 12, फिशटेल टूर एंड ट्रेवल्स के 27, हिमालयन ग्लेशियर के 62 और अल्पाइन इको ट्रेक के 16 ग्राहक भी प्रभावित यात्रियों में शामिल हैं।
ट्रेकिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ नेपाल के अध्यक्ष सागर पांडे के मुताबिक, यात्रियों से संपर्क करने और उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाने की कोशिश लगातार जारी है।
भोटे कोशी नदी में अचानक बढ़ा पानी
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफ्ले के मुताबिक, तिब्बत की ओर से अचानक आए पानी के तेज बहाव के कारण बुधवार सुबह करीब 9 बजे रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।
इसके बाद नदी ने आसपास के इलाकों में तबाही मचा दी। टिमुरे और स्याप्रु बेसी क्षेत्र विशेष रूप से प्रभावित बताए जा रहे हैं। अचानक आई बाढ़ के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ सीमा क्षेत्र में मौजूद यात्रियों और सुरक्षाकर्मियों के सामने भी मुश्किलें खड़ी हो गईं।
पुलिस के अनुसार अब तक 19 शव बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि राहत और बचाव अभियान जारी होने के कारण मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है।
कई पुलिसकर्मी भी संपर्क से बाहर
बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रभावित क्षेत्र में तैनात नेपाल पुलिस के कई जवानों से भी संपर्क टूट गया है। तेज पानी और प्रभावित सड़कों की वजह से बचाव दलों को मौके तक पहुंचने में भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
नेपाल सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राहत और बचाव अभियान को तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने मंत्रिपरिषद के साथ बैठक कर प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान को प्राथमिकता देने को कहा है।
प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ से प्रभावित स्थानीय लोगों और यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं तक जल्द से जल्द जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके।
भारत ने नेपाल को हर संभव मदद का भरोसा दिया
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा पर भारत ने भी दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर हादसे में हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही। दोनों देशों की टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए आपसी समन्वय बनाए हुए हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी पड़ा असर
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान श्रद्धालु नेपाल के रास्ते चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की ओर जाते हैं। रसुवागढ़ी नेपाल और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा क्षेत्र है। ऐसे में भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने यात्रा से जुड़े सैकड़ों लोगों की आवाजाही प्रभावित कर दी है।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता संपर्क से बाहर यात्रियों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत-बचाव अभियान जारी है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध शुरुआती जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। राहत और बचाव अभियान जारी होने के कारण यात्रियों, मृतकों और लापता लोगों से जुड़े आंकड़ों में आगे बदलाव हो सकता है।


