Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी सोने की तेजी पर 26 अगस्त को ब्रेक लग गया। सोने की कीमत में 600 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, चांदी के भाव में तेजी रही और इसकी कीमत 500 रुपये बढ़ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला।
सोना 600 रुपये सस्ता
दिल्ली सर्राफा बाजार में 26 अगस्त को सोना 600 रुपये गिरकर 1,65,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। पिछले चार सत्रों में लगातार बढ़त के बाद सोने में मुनाफावसूली देखने को मिली। हाल की तेजी के चलते पीली धातु का भाव पिछले कई महीनों के ऊंचे स्तरों के करीब पहुंच गया था।
इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म मडरेक्स के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत के मुताबिक, सोने में लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके कारण कीमतों में कुछ नरमी आई।
चांदी ₹500 उछली
सोने के उलट चांदी में तेजी देखने को मिली। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 500 रुपये बढ़कर 2,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
चांदी में यह तेजी ऐसे समय में आई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत में मामूली गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि घरेलू बाजार में मांग और अन्य कीमत निर्धारक कारकों का भी असर बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी कमजोर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को सोने और चांदी दोनों में कमजोरी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 0.66 फीसदी गिरकर 4,627 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी की कीमत 0.27 फीसदी की गिरावट के साथ 68.39 डॉलर प्रति औंस पर थी।
कमोडिटी बाजार में सिर्फ कीमती धातुओं में ही नहीं, बल्कि कच्चे तेल की कीमतों में भी कमजोरी देखी गई। ब्रेंट क्रूड 1.22 फीसदी गिरकर 87.51 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
लगातार तेजी के बाद सोने में कंसॉलिडेशन
मिरै एसेट शेयरखान के कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट लगातार पांच कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद आया कंसॉलिडेशन है। यानी हाल की तेज बढ़त के बाद बाजार में कुछ समय के लिए कीमतों के स्थिर होने या हल्की गिरावट का दौर देखने को मिल सकता है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट की एक वजह सप्लाई को लेकर चिंता कम होना भी बताई जा रही है। ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अस्थायी रूप से खोलने के तरीकों पर बातचीत की खबरों से सप्लाई संबंधी दबाव में कुछ कमी आई है।
फेड चेयरमैन की स्पीच पर बाजार की नजर
अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगे की ब्याज दर नीति और फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच पर है। वह 28 अगस्त, शुक्रवार को जैक्सन होल में भाषण देने वाले हैं।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, इस भाषण से अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद फिलहाल कम मानी जा रही है।
अगर फेड ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखता है और आगे की नीति में नरम रुख के संकेत देता है, तो इससे सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। इसकी वजह यह है कि कम या स्थिर ब्याज दरों के माहौल में गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति के रूप में सोने की मांग को फायदा मिल सकता है।
आगे कैसी रह सकती है सोने की चाल?
सोने में हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली से कीमतों पर कुछ दबाव बना है। हालांकि, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की चाल, वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कारक आगे भी सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
इसलिए निवेशकों के लिए सिर्फ एक दिन की गिरावट को देखकर बाजार की बड़ी दिशा का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। आने वाले दिनों में अमेरिकी फेड की टिप्पणी और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
नोट: सोने और चांदी के भाव में शहर, शुद्धता, टैक्स और स्थानीय बाजार की स्थिति के आधार पर अंतर हो सकता है। निवेश से पहले ताजा बाजार भाव और विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


