Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) चीफ तुकाराम मुंढे इन दिनों खाद्य सुरक्षा को लेकर की जा रही सख्त कार्रवाई के कारण देशभर में चर्चा में हैं। कई चर्चित रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स पर कार्रवाई के बाद उनकी पहचान एक सख्त अधिकारी के तौर पर बनी है। हालांकि, खुद तुकाराम मुंढे अपनी बढ़ती लोकप्रियता को ज्यादा महत्व नहीं देते। उन्होंने कहा कि वह कोई सेलिब्रिटी नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले एक फूड सेफ्टी कमिश्नर हैं।
‘मैं कोई सेलिब्रिटी नहीं हूं’
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में तुकाराम मुंढे ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं कोई सेलिब्रिटी हूं। मैं सिर्फ एक फूड सेफ्टी कमिश्नर हूं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करना है।
उनके मुताबिक, जो खाद्य कारोबारी तय नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। FDA की कार्रवाई का उद्देश्य किसी खास रेस्टोरेंट या ब्रांड को निशाना बनाना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।
3,000 से ज्यादा जगहों पर जांच और छापेमारी
तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में महाराष्ट्र FDA ने खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर अभियान तेज किया है। रॉयटर्स के मुताबिक, मई से अब तक विभाग की टीमों ने राज्य में 3,000 से ज्यादा जगहों पर जांच और छापेमारी की है।
इस अभियान की चपेट में कई बड़े और चर्चित फूड ब्रांड भी आए हैं। कार्रवाई के दौरान चार डोमिनोज आउटलेट और एक पिज्जा हट आउटलेट के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
FDA का फोकस खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ किचन की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और कर्मचारियों की हाइजीन जैसी व्यवस्थाओं की जांच पर भी है।
अयूब रेस्टोरेंट का लाइसेंस हुआ सस्पेंड
महाराष्ट्र FDA ने 23 अगस्त को साउथ मुंबई के मशहूर अयूब रेस्टोरेंट का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया। इससे एक दिन पहले, 22 अगस्त को FDA की टीम ने फोर्ट इलाके में स्थित रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया था।
जांच के दौरान अधिकारियों को कई तरह की कमियां मिलीं। इनमें खाद्य सामग्री को सही तरीके से स्टोर नहीं करना, कच्चे और पके भोजन को अलग नहीं रखना, मक्खियों की मौजूदगी और साफ-सफाई से जुड़ी खामियां शामिल थीं।
इसके अलावा नालियों की सफाई, पानी जमा होने, पेस्ट कंट्रोल और रेस्टोरेंट कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन भी संतोषजनक नहीं पाया गया।
अयूब समेत चार रेस्टोरेंट पर कार्रवाई
महाराष्ट्र में चलाए जा रहे खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत अयूब रेस्टोरेंट समेत कुल चार रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनमें मुंबई के कुर्ला इलाके का एक रेस्टोरेंट और नागपुर के दो आउटलेट भी शामिल हैं।
FDA की कार्रवाई यह संकेत देती है कि विभाग खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर बड़े और छोटे कारोबारियों के बीच कोई अलग मानदंड नहीं रखना चाहता। नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा रही है।
31 अन्य प्रतिष्ठानों को नोटिस
लाइसेंस निलंबित करने के अलावा FDA ने राज्य के 31 अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं। इन प्रतिष्ठानों को पाई गई कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने अभियान के दौरान 2.24 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के खाद्य उत्पाद भी जब्त किए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर अभियान किस स्तर पर चलाया जा रहा है।
खुले खाद्य तेल की बिक्री को लेकर भी विवाद
महाराष्ट्र में FDA का सख्त अभियान ऐसे समय में चर्चा में है, जब खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक को लेकर भी विवाद सामने आया।
FDA ने पहले राज्य में खुले खाने के तेल की बिक्री पर रोक को सख्ती से लागू करने की बात कही थी। दुकानदारों की ओर से छूट की मांग भी सामने आई, लेकिन विभाग ने इसे स्वीकार नहीं किया।
हालांकि, करीब एक घंटे बाद FDA ने खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक को लेकर अपना बयान वापस ले लिया। इसके बाद इस मुद्दे पर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।
अब महाराष्ट्र सरकार इस मामले में आगे की कार्रवाई से पहले नियमों को स्पष्ट करने के लिए बैठक करेगी।
क्यों चर्चा में हैं तुकाराम मुंढे?
तुकाराम मुंढे पहले भी प्रशासनिक सख्ती और नियमों को लागू करने के अपने तरीके के कारण चर्चा में रहे हैं। इस बार महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई ने उन्हें फिर सुर्खियों में ला दिया है।
बड़े रेस्टोरेंट और लोकप्रिय फूड ब्रांड्स के खिलाफ कार्रवाई होने के कारण सोशल मीडिया पर भी उनके अभियान की चर्चा हो रही है। हालांकि, तुकाराम मुंढे का कहना है कि उनकी प्राथमिकता लोकप्रियता हासिल करना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा के नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करना है।
उनका संदेश साफ है कि खाद्य कारोबार में काम करने वाले प्रतिष्ठानों को स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का पालन करना ही होगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर FDA कानून के तहत कार्रवाई करेगा।


