HDFC Bank CEO Appointment: HDFC Bank में एमडी और सीईओ पद को लेकर हलचल तेज हो गई है। मौजूदा एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म होने वाला है। कार्यकाल समाप्त होने में अब करीब दो महीने का समय बचा है। इसी बीच बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले हफ्ते RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि बैठक में बैंक के अगले सीईओ को लेकर अहम चर्चा हुई।
HDFC Bank देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल है, ऐसे में शीर्ष नेतृत्व को लेकर होने वाला कोई भी फैसला बैंक और निवेशकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। खास बात यह है कि अभी तक बैंक के बोर्ड की ओर से एमडी और सीईओ पद के लिए RBI को किसी नाम की औपचारिक सिफारिश नहीं भेजी गई है।
RBI जानना चाहता है बोर्ड की क्या है राय?
सूत्रों के मुताबिक, राजीव कुमार और RBI गवर्नर के बीच हुई बैठक में शशिधर जगदीशन के अगले कार्यकाल को लेकर चर्चा हुई। केंद्रीय बैंक यह समझना चाहता है कि HDFC Bank का बोर्ड जगदीशन को दोबारा एमडी और सीईओ के रूप में नियुक्त करने के पक्ष में है या नहीं।
इसके अलावा RBI की नजर इस बात पर भी है कि राजीव कुमार के चेयरमैन बनने के बाद बोर्ड में किसी अन्य उम्मीदवार के नाम पर चर्चा हुई है या नहीं।
फिलहाल स्थिति यह है कि HDFC Bank के बोर्ड ने CEO नियुक्ति को लेकर RBI के सामने कोई अंतिम नाम नहीं रखा है। ऐसे में अक्टूबर में मौजूदा कार्यकाल खत्म होने से पहले बैंक को अपनी प्रक्रिया तेज करनी पड़ सकती है।
राजीव कुमार के चेयरमैन बनने के बाद बढ़ी सक्रियता
राजीव कुमार 30 जून 2026 को HDFC Bank के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने 15 जुलाई को औपचारिक रूप से नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन का पद संभाला। इसके बाद RBI अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत का सिलसिला भी जारी रहा है।
बताया जा रहा है कि RBI ने शुरुआत में नए चेयरमैन को बैंक के कामकाज और बोर्ड की प्राथमिकताओं को समझने के लिए कुछ समय दिया था। लेकिन अब चेयरमैन के पद संभालने के करीब एक महीने बाद केंद्रीय बैंक चाहता है कि बैंक के शीर्ष नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट हो।
आमतौर पर 6 महीने पहले शुरू होती है CEO नियुक्ति प्रक्रिया
बैंकिंग सेक्टर में एमडी और सीईओ के कार्यकाल की समाप्ति से काफी पहले उत्तराधिकारी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। आमतौर पर बोर्ड संभावित उम्मीदवारों पर विचार करने के बाद अपनी सिफारिश RBI को भेजता है।
अगर बैंक किसी नए व्यक्ति को सीईओ बनाना चाहता है, तो संभावित उम्मीदवारों के नाम कार्यकाल खत्म होने से कई महीने पहले केंद्रीय बैंक के पास भेजे जाते हैं। HDFC Bank के मामले में अभी तक नाम सामने नहीं आने से यह प्रक्रिया सामान्य समयसीमा की तुलना में पीछे चलती दिखाई दे रही है।
शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त होना है। इसलिए अब बैंक के पास फैसला लेने के लिए ज्यादा समय नहीं बचा है।
शशिधर जगदीशन के सामने क्या हैं विकल्प?
मौजूदा स्थिति में HDFC Bank के एमडी और सीईओ पद को लेकर कई संभावनाएं हैं। इनमें सबसे प्रमुख विकल्प जगदीशन को दोबारा जिम्मेदारी देना हो सकता है।
संभावनाएं इस प्रकार हैं:
- शशिधर जगदीशन को एक और तीन साल का कार्यकाल दिया जाए।
- उन्हें पहले की तुलना में छोटा कार्यकाल दिया जाए।
- बैंक के किसी आंतरिक उम्मीदवार को अगला एमडी और सीईओ चुना जाए।
- किसी बाहरी उम्मीदवार को बैंक की कमान सौंपी जाए।
हालांकि, अंतिम फैसला HDFC Bank के बोर्ड की सिफारिश और RBI की मंजूरी की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
AT-1 बॉन्ड मामले पर भी हुई चर्चा
RBI गवर्नर और राजीव कुमार की मुलाकात में केवल CEO नियुक्ति का मुद्दा ही चर्चा में नहीं रहा। सूत्रों के अनुसार, AT-1 बॉन्ड की कथित मिस-सेलिंग से जुड़े मामले पर भी बातचीत हुई।
इस मामले को लेकर कुछ नाराज बॉन्डधारक बहरीन में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। ऐसे में RBI बैंक की स्थिति और इस मामले से जुड़े घटनाक्रम को भी समझना चाहता है।
कुछ महीनों में HDFC Bank में हुए बड़े नेतृत्व बदलाव
HDFC Bank में पिछले कुछ महीनों के दौरान बोर्ड स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक बोर्ड छोड़ दिया था।
इसके बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्य केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन की जिम्मेदारी दी गई। करीब तीन महीने की प्रक्रिया के बाद राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुना गया।
राजीव कुमार को पहले अतिरिक्त निदेशक के तौर पर बोर्ड में शामिल किया गया था। RBI की मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने 15 जुलाई को चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाला।
अब CEO पद को लेकर होने वाला फैसला बैंक के नेतृत्व ढांचे में अगला बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
HDFC Bank शेयर का क्या रहा हाल?
CEO नियुक्ति को लेकर चर्चाओं के बीच HDFC Bank के शेयर में बुधवार को खास हलचल नहीं दिखी। शेयर 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 727.35 रुपये पर बंद हुआ।
हालांकि, पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो शेयर में करीब 25.28% की गिरावट आई है। ऐसे में बैंक के आगामी नेतृत्व फैसले पर निवेशकों की भी नजर बनी हुई है।
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