Mopshop IPO Listing: मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन के शेयरों की आज BSE SME पर कमजोर शुरुआत हुई। ₹138 के IPO प्राइस के मुकाबले शेयर ₹137 पर लिस्ट हुए। यानी निवेशकों को करीब 0.72% का लिस्टिंग नुकसान उठाना पड़ा। IPO में खुदरा निवेशकों की ओर से अच्छी दिलचस्पी देखने को मिली थी, लेकिन लिस्टिंग के बाद उन्हें निराशा हाथ लगी।
मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन फैसिलिटी मैनेजमेंट सप्लाइज (FMS) से जुड़े प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराने का कारोबार करती है। कंपनी का ₹27 करोड़ का IPO 19 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। IPO को कुल मिलाकर 1.59 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
₹138 के मुकाबले ₹137 पर हुई लिस्टिंग
Mopshop के IPO में शेयर का इश्यू प्राइस ₹138 तय किया गया था। BSE SME पर आज शेयर ₹137 पर लिस्ट हुआ। इस तरह IPO निवेशकों को प्रति शेयर ₹1 का नुकसान हुआ, जो इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 0.72% है।
लिस्टिंग के बाद भी शेयर ₹137 के आसपास बना रहा। ऐसे में जिन निवेशकों ने IPO में ₹138 के भाव पर शेयर हासिल किए थे, उन्हें फिलहाल मामूली नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
खुदरा निवेशकों ने जमकर लगाई थी बोली
Mopshop IPO को सबसे ज्यादा समर्थन खुदरा निवेशकों से मिला। IPO का रिटेल हिस्सा 2.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके चलते कुल IPO को 1.59 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
हालांकि, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII कैटेगरी में उतनी मजबूत मांग नहीं दिखी। इस हिस्से को सिर्फ 0.27 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
इससे साफ है कि IPO की मांग मुख्य रूप से रिटेल निवेशकों के भरोसे रही, लेकिन लिस्टिंग के समय बाजार ने कंपनी को प्रीमियम देने के बजाय डिस्काउंट पर कारोबार की शुरुआत कराई।
IPO से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?
Mopshop IPO का आकार करीब ₹27 करोड़ था। इसमें लगभग ₹22 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए, जबकि ₹10 फेस वैल्यू वाले 3.75 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए हुई।
OFS से मिलने वाली रकम कंपनी के बजाय शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को जाती है। वहीं नए शेयरों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी कई कामों में करेगी।
कंपनी के मुताबिक, IPO से जुटाई गई रकम में से:
- ₹11.98 करोड़ कर्ज कम करने में खर्च होंगे।
- ₹2.60 करोड़ कमर्शियल वाहनों की खरीदारी पर खर्च किए जाएंगे।
- ₹1.05 करोड़ रूफटॉप ग्रिड सोलर पावर प्लांट लगाने में लगाए जाएंगे।
- ₹3.31 करोड़ सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल होंगे।
- ₹3.13 करोड़ IPO से जुड़े खर्चों पर खर्च किए जाएंगे।
कर्ज कम करने के लिए IPO की रकम का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल किया जाना कंपनी की बैलेंस शीट के लिए अहम माना जा सकता है।
Mopshop का कारोबार क्या है?
मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन फैसिलिटी मैनेजमेंट सप्लाइज यानी FMS से जुड़े प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। कंपनी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो काफी व्यापक है।
इसमें माइक्रोफाइबर कपड़े, सरफेस डिसइंफेक्टेंट्स, सेंसर वाले डिस्पेंसर, बायोडिग्रेडेबल गार्बेज बैग, टिश्यू पेपर, पेडल बिन, रिंजर बकेट, वैक्यूम क्लीनर, एयर फ्रेशनर, टूल किट और दूसरी संबंधित एक्सेसरीज शामिल हैं।
कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से साफ-सफाई और फैसिलिटी मैनेजमेंट से जुड़े उत्पादों की मांग पर निर्भर करता है।
मुनाफे में दिखी मजबूत बढ़ोतरी
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में मुनाफे में अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 75% CAGR की दर से बढ़कर ₹2.48 करोड़ पहुंच गया।
इसी अवधि में कंपनी की कुल आय लगभग 18% CAGR की दर से बढ़कर ₹42 करोड़ हो गई।
वित्त वर्ष 2026 में भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया। 11 महीने की अवधि में कंपनी ने ₹5.18 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹44.66 करोड़ की कुल आय दर्ज की।
हालांकि, किसी शेयर में निवेश का फैसला केवल मुनाफे में बढ़ोतरी देखकर नहीं करना चाहिए। कंपनी का कर्ज, कैश फ्लो, वैल्यूएशन, भविष्य की ग्रोथ और SME शेयरों में मौजूद जोखिम भी देखना जरूरी है।
कंपनी पर कितना कर्ज है?
फरवरी 2026 के अंत तक कंपनी पर कुल करीब ₹12.21 करोड़ का कर्ज था। वहीं कंपनी के रिजर्व और सरप्लस करीब ₹6.32 करोड़ थे।
IPO से जुटाई गई रकम में से करीब ₹11.98 करोड़ कर्ज घटाने के लिए इस्तेमाल होने हैं। ऐसे में IPO के बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति में कर्ज के मोर्चे पर बदलाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Mopshop IPO की लिस्टिंग से एक बात साफ है कि अच्छा सब्सक्रिप्शन हमेशा मजबूत लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं देता। इस IPO में रिटेल निवेशकों ने 2.91 गुना बोली लगाई, लेकिन शेयर ₹138 के इश्यू प्राइस से नीचे ₹137 पर लिस्ट हुआ।
कंपनी के मुनाफे में वृद्धि और कर्ज कम करने की योजना सकारात्मक पहलू हैं। दूसरी तरफ, SME शेयरों में लिक्विडिटी और कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम अधिक हो सकता है। इसलिए लिस्टिंग के बाद शेयर खरीदने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़े, वैल्यूएशन और कारोबार की संभावनाओं का स्वतंत्र रूप से आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और जोखिमों को समझें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


