Gift Nifty Indicator: भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार का कारोबारी सत्र सकारात्मक संकेतों के साथ शुरू होने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में मजबूती घरेलू बाजार में गैप-अप ओपनिंग का संकेत दे रही है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में नरमी और अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी ने निवेशकों के सेंटीमेंट को बेहतर किया है।
हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों की नजर अमेरिकी टेक दिग्गज Nvidia के तिमाही नतीजों पर भी रहेगी। ऐसे में शुरुआती तेजी के बाद बाजार किस दिशा में जाता है, यह ग्लोबल संकेतों और अहम तकनीकी स्तरों पर निर्भर करेगा।
GIFT निफ्टी दे रहा गैप-अप ओपनिंग का संकेत
बुधवार सुबह करीब 8:10 बजे GIFT निफ्टी 75 अंक यानी 0.31 फीसदी की बढ़त के साथ 24,555 के आसपास कारोबार कर रहा था। इससे संकेत मिल रहा है कि घरेलू इक्विटी बाजार की शुरुआत मंगलवार के मुकाबले मजबूत हो सकती है।
मंगलवार को भारतीय बाजार में आखिरी घंटे की खरीदारी ने सेंसेक्स और निफ्टी को मजबूती दी थी। सेंसेक्स 286.98 अंक यानी 0.37 फीसदी चढ़कर 77,656.09 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 115.50 अंक यानी 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ 24,334.55 के स्तर पर बंद हुआ।
अब बुधवार को बाजार की नजर इस बात पर होगी कि निफ्टी शुरुआती तेजी को बरकरार रखते हुए 24,500 के ऊपर टिक पाता है या नहीं।
एशियाई बाजारों से भी मिले सकारात्मक संकेत
बुधवार को ज्यादातर एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। टेक्नोलॉजी शेयरों में मजबूती और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने एशियाई बाजारों के सेंटीमेंट को सपोर्ट किया।
MSCI के एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स में करीब 0.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। हांगकांग का हैंग सेंग लगभग 1 फीसदी ऊपर रहा, जबकि शंघाई कंपोजिट में करीब 0.4 फीसदी की तेजी रही।
जापान का टोपिक्स और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, निक्केई 225 फ्यूचर्स में करीब 0.4 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली।
इस तरह एशियाई बाजारों का कुल मिलाकर रुख भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट क्यों है भारत के लिए अच्छी खबर?
भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार का सबसे अहम सकारात्मक संकेत कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। शुरुआती एशियाई कारोबार में तेल की कीमतों में करीब 2 फीसदी की गिरावट आई। इससे पहले मंगलवार को भी दोनों प्रमुख क्रूड बेंचमार्क में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई थी।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 2 फीसदी गिरकर 86.80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड करीब 1.8 फीसदी कमजोर होकर 80.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए राहत देने वाली मानी जाती है। क्रूड सस्ता होने से देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे खासकर ऑयल-इंटेंसिव सेक्टर और व्यापक अर्थव्यवस्था को फायदा मिल सकता है।
तेल की कीमतों में गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण हैं। ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रबंधन को लेकर ओमान के साथ बातचीत दोबारा शुरू होने की जानकारी दी है। इससे सप्लाई को लेकर बनी चिंताओं में कुछ नरमी आई है।
वॉल स्ट्रीट में भी तेजी, टेक शेयरों में रिकवरी
अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए। Nvidia के तिमाही नतीजों से पहले टेक्नोलॉजी शेयरों में रिकवरी देखने को मिली। साथ ही क्रूड और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने निवेशकों को कुछ राहत दी।
Nasdaq Composite 0.66 फीसदी की बढ़त के साथ 26,151.30 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.32 फीसदी की तेजी आई और यह 7,677.24 पर पहुंच गया। Dow Jones Industrial Average भी 0.30 फीसदी चढ़कर 53,577.40 के स्तर पर बंद हुआ।
बॉन्ड यील्ड में गिरावट को भी इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। यील्ड बढ़ने पर कंपनियों की फंडिंग लागत और शेयरों की वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ सकता है। इसके उलट यील्ड में नरमी से रिस्क एसेट्स के प्रति निवेशकों का रुझान बेहतर हो सकता है।
FII और DII दोनों ने की खरीदारी
घरेलू बाजार में विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है।
मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने करीब ₹1,593 करोड़ के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs भी नेट बायर रहे और उन्होंने करीब ₹230 करोड़ का निवेश किया।
लगातार दूसरे सत्र में विदेशी निवेशकों की खरीदारी बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। अगर यह ट्रेंड आगे भी जारी रहता है तो घरेलू इक्विटी बाजार को अतिरिक्त सपोर्ट मिल सकता है।
निफ्टी के लिए 24,360 का स्तर अहम
तकनीकी स्तरों की बात करें तो निफ्टी के लिए 24,360 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो इंडेक्स में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है।
इसके ऊपर निफ्टी के लिए 24,550 से 24,700 का जोन अगला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस बन सकता है। 24,550 के ऊपर मजबूती बाजार में बुलिश सेंटीमेंट को और मजबूत कर सकती है।
वहीं नीचे की तरफ 24,000 से 23,800 का क्षेत्र अहम सपोर्ट जोन माना जा रहा है। अगर बाजार शुरुआती तेजी को गंवाता है और निफ्टी 24,000 के नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
निफ्टी के अहम स्तर
- तत्काल सपोर्ट: 24,000
- मजबूत सपोर्ट: 23,800
- महत्वपूर्ण स्तर: 24,360
- पहला रेजिस्टेंस: 24,550
- अगला रेजिस्टेंस: 24,700
निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?
बुधवार को बाजार की दिशा तय करने में कई ग्लोबल और घरेलू संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे। सबसे पहले GIFT निफ्टी की चाल यह बताएगी कि शुरुआती गैप-अप कितना मजबूत रहता है। इसके बाद क्रूड ऑयल की कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और एशियाई बाजारों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा।
इसके अलावा Nvidia के नतीजे ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों और उससे जुड़े भारतीय शेयरों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकते हैं। घरेलू स्तर पर FII-DII फ्लो और निफ्टी के 24,360 के ऊपर टिकने की क्षमता पर भी बाजार की नजर रहेगी।
कुल मिलाकर गिरते क्रूड, नरम बॉन्ड यील्ड, मजबूत अमेरिकी बाजार और सकारात्मक GIFT निफ्टी ने बुधवार के कारोबार के लिए माहौल को बेहतर बनाया है। हालांकि, तेज गैप-अप के बाद मुनाफावसूली से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए निवेशकों को केवल शुरुआती तेजी के बजाय निफ्टी के महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों को ध्यान में रखकर कारोबार करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख में बाजार से जुड़े विचार और तकनीकी स्तर केवल सूचना के उद्देश्य से दिए गए हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


