Tukaram Mundhe News: महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे इन दिनों अपनी सख्त कार्रवाई और लगातार हो रही छापेमारी को लेकर देशभर में चर्चा में हैं। उन्हें ‘IAS सिंघम’ जैसे नामों से भी पुकारा जा रहा है। मई 2026 में महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभालने के बाद से उन्होंने फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। 31 जुलाई तक FDA की ओर से 3,000 से ज्यादा निरीक्षण किए जाने और 165 संस्थानों के लाइसेंस निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
लेकिन तुकाराम मुंढे की कहानी सिर्फ उनकी मौजूदा कार्रवाई तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र के बीड जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर UPSC सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में 20वीं रैंक हासिल करने तक का उनका सफर भी काफी प्रेरणादायक है। आइए जानते हैं उनकी पढ़ाई, UPSC सफलता और IAS बनने की पूरी कहानी।
कौन हैं IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे?
तुकाराम हरिभाऊ मुंढे महाराष्ट्र कैडर के 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं। उनका जन्म 3 जून 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के ताड़सोना गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव के जिला परिषद स्कूल से हुई। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की और आगे चलकर देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षाओं में से एक UPSC में शानदार प्रदर्शन किया।
उनका प्रशासनिक करियर कई महत्वपूर्ण पदों से होकर गुजरा है। जिला प्रशासन से लेकर शहरी प्रशासन और अलग-अलग सरकारी विभागों में जिम्मेदारियां संभालने के दौरान उनकी सख्त और सीधे तरीके से काम करने की छवि बनी। करियर में बार-बार तबादलों की वजह से भी उनका नाम चर्चा में रहा है।
तुकाराम मुंढे कितने पढ़े-लिखे हैं?
तुकाराम मुंढे की शुरुआती शिक्षा बीड जिले के ताड़सोना गांव के जिला परिषद स्कूल में हुई। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए औरंगाबाद गए।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने इतिहास विषय में बैचलर डिग्री (BA) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री (MA) हासिल की।
यानी उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि मुख्य रूप से इतिहास और राजनीतिक विज्ञान से जुड़ी रही। आगे चलकर यही शिक्षा और उनकी सिविल सेवा की तैयारी उन्हें IAS तक ले गई।
UPSC में हासिल की थी देश में 20वीं रैंक
तुकाराम मुंढे ने 2004 में UPSC Civil Services Examination पास की थी। खास बात यह है कि उन्होंने परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल की। इसके बाद वे 2005 बैच के IAS अधिकारी के रूप में महाराष्ट्र कैडर में शामिल हुए।
UPSC जैसी कठिन परीक्षा में इतनी अच्छी रैंक हासिल करना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है। गांव के स्कूल से पढ़ाई शुरू करने वाले मुंढे का यह सफर दिखाता है कि सीमित संसाधनों से निकलकर भी मेहनत और लक्ष्य के दम पर देश की शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचा जा सकता है।
IAS में चयन के बाद उन्होंने मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण लिया।
2011 में सिंगापुर से भी किया विशेष कोर्स
तुकाराम मुंढे की पढ़ाई और प्रशिक्षण सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने 2011 में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से Crisis, Emergency and Disaster Management से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स भी पूरा किया।
इस तरह उनकी शैक्षणिक और पेशेवर ट्रेनिंग में प्रशासन, राजनीति विज्ञान के साथ-साथ आपदा और संकट प्रबंधन जैसे विषय भी शामिल रहे।
2005 बैच के IAS अधिकारी हैं तुकाराम मुंढे
UPSC में सफलता के बाद तुकाराम मुंढे 2005 बैच के IAS अधिकारी बने और महाराष्ट्र कैडर में शामिल हुए। पिछले दो दशकों में उन्होंने महाराष्ट्र में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं।
उनके करियर की पहचान सिर्फ पदों से नहीं बल्कि उनकी कार्यशैली से भी बनी। वे औचक निरीक्षण, नियमों के पालन और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर अक्सर चर्चा में रहे हैं।
उनके करियर में बार-बार तबादले भी हुए। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक करीब 21 साल की सेवा में उनका लगभग 25 बार तबादला हुआ है। हालांकि, तबादलों के पीछे अलग-अलग प्रशासनिक परिस्थितियां रही हैं और इसे केवल किसी एक कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा।
मई 2026 से महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर
तुकाराम मुंढे ने 25 मई 2026 को महाराष्ट्र के Food and Drug Administration यानी FDA के कमिश्नर के रूप में पदभार संभाला। इसके बाद राज्य में खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर बड़े स्तर पर निरीक्षण और कार्रवाई शुरू हुई।
FDA की कार्रवाई का दायरा रेस्टोरेंट, होटल किचन, फूड आउटलेट, वेयरहाउस, डेयरी, फूड डिलीवरी से जुड़े प्रतिष्ठानों और क्विक-कॉमर्स के डार्क स्टोर्स तक पहुंचा। कई जगहों पर खराब हाइजीन, एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री और अन्य नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आईं।
3,000 से ज्यादा निरीक्षणों ने बढ़ाई चर्चा
मौजूदा FDA अभियान ने तुकाराम मुंढे को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया है। India Today के अनुसार, 31 जुलाई तक उनके नेतृत्व में FDA ने करीब 3,000 निरीक्षण किए थे, जबकि 165 संस्थानों के लाइसेंस निलंबित किए गए और लगभग 55 करोड़ रुपये मूल्य का सामान जब्त किए जाने की जानकारी भी मुंढे ने दी।
उनकी कार्रवाई में बड़े ब्रांड्स से लेकर स्थानीय प्रतिष्ठान तक शामिल रहे। इसी वजह से सोशल मीडिया और मीडिया में उन्हें ‘IAS Singham’ जैसे नामों से संबोधित किया जाने लगा है।
पानी बचाने के काम से भी बनाई पहचान
FDA से पहले भी तुकाराम मुंढे की प्रशासनिक कार्यशैली चर्चा में रही है। सोलापुर के कलेक्टर के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान पानी संरक्षण और गांवों की पानी के टैंकरों पर निर्भरता कम करने जैसे मुद्दों पर काम किया गया था।
उनके करियर को केवल छापेमारी से जोड़कर देखना अधूरा होगा। विभिन्न प्रशासनिक पदों पर उन्होंने स्थानीय शासन, सार्वजनिक सेवाओं और विकास से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर काम किया है।
क्यों खास है तुकाराम मुंढे की कहानी?
तुकाराम मुंढे की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनका सफर किसी बड़े शहर या प्रतिष्ठित स्कूल से शुरू नहीं हुआ। महाराष्ट्र के एक छोटे गांव के जिला परिषद स्कूल से पढ़ाई शुरू करने के बाद उन्होंने इतिहास में स्नातक और राजनीतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। इसके बाद UPSC में देश की 20वीं रैंक हासिल कर IAS बने।
आज, 51 साल की उम्र में वे महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर के तौर पर खाद्य सुरक्षा नियमों के सख्त पालन को लेकर देशभर में चर्चा में हैं। उनकी कहानी शिक्षा, मेहनत और प्रशासनिक सेवा के जरिए छोटे शहर और ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर बड़े मुकाम तक पहुंचने की मिसाल पेश करती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और महाराष्ट्र FDA की उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। प्रशासनिक कार्रवाई, निरीक्षण और लाइसेंस संबंधी आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं।


