Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 25 अगस्त को उतार-चढ़ाव के बीच खरीदारी देखने को मिली। अगस्त सीरीज की एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,300 के स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहा। अब निवेशकों की नजर 26 अगस्त के कारोबार में बाजार की अगली दिशा पर है।
25 अगस्त को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 286.98 अंक यानी 0.37 फीसदी की बढ़त के साथ 77,656.09 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 115.50 अंक यानी 0.48 फीसदी चढ़कर 24,334.55 पर बंद हुआ। हालांकि बाजार में पूरी तरह तेजी नहीं रही। करीब 1,993 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 2,153 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 156 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी के प्रमुख बढ़ने वाले शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज, इंटरग्लोब एविएशन, मैक्स हेल्थकेयर, अपोलो हॉस्पिटल्स और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे। दूसरी ओर सिप्ला, HDFC लाइफ, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, ONGC और कोल इंडिया दबाव में रहे।
किन सेक्टरों में रही खरीदारी?
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो मंगलवार को कंज्यूमर ड्यूरेबल, इंफ्रास्ट्रक्चर, IT, मीडिया, फार्मा और PSU बैंक इंडेक्स में करीब 0.5 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। इसके विपरीत एनर्जी, मेटल और प्राइवेट बैंक शेयरों में बिकवाली रही।
ब्रॉडर मार्केट में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.5 फीसदी चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
तेल की कीमतों में राहत से बाजार को मिला सपोर्ट
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, ईरान को लेकर अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंध बाजार की आशंकाओं की तुलना में कम कड़े रहे। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में हाल के ऊपरी स्तरों से कुछ नरमी देखने को मिली।
एनर्जी लागत में आई इस राहत ने एक्सपायरी वाले दिन बाजार की धारणा को बेहतर किया। हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सेक्टर ने भी अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। घरेलू बॉन्ड बाजार में स्थिरता के संकेत मिलने के बाद निवेशकों का रुझान डिफेंसिव और घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टरों की ओर बढ़ा।
अब बाजार की नजर आने वाले महंगाई के आंकड़ों और सप्ताह के अंत में होने वाले अमेरिकी फेड चेयर के भाषण पर रहेगी। इनसे महंगाई और ब्याज दरों के भविष्य को लेकर बाजार को महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं।
हालांकि, भारतीय शेयर बाजार में निकट अवधि में सावधानी बनी रह सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव जारी है। ऐसे में मिडिल ईस्ट की जियोपॉलिटिकल स्थिति में किसी भी अचानक बदलाव का असर बाजार पर देखने को मिल सकता है।
Nifty Outlook: 24,200 बना अहम सपोर्ट
कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान के अनुसार, अगस्त F&O सीरीज की एक्सपायरी के दिन निफ्टी ने निचले स्तरों से शानदार रिकवरी की। निफ्टी 115.50 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में करीब 287 अंकों की तेजी रही।
टेक्निकल नजरिए से देखें तो कमजोर शुरुआत के बाद निफ्टी ने 24,100 के आसपास सपोर्ट लिया और वहां से तेज वापसी की। दिन के निचले स्तर से इंडेक्स में 200 अंकों से अधिक की रिकवरी देखने को मिली। डेली चार्ट पर बनी बुलिश कैंडल भी मौजूदा स्तरों से आगे तेजी की संभावना का संकेत देती है।
डे ट्रेडर्स के लिए 24,200 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। यह स्तर 50-डे SMA के आसपास है और मजबूत सपोर्ट जोन के तौर पर काम कर सकता है।
अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर बना रहता है तो अगले सत्रों में 24,500-24,550 की ओर तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, 24,200 के नीचे फिसलने पर मौजूदा तेजी कमजोर पड़ सकती है। इस स्तर के नीचे जाने पर ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन को लेकर सतर्क हो सकते हैं।
Bank Nifty Outlook: 57,000-58,000 की रेंज पर नजर
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा के मुताबिक, बैंक निफ्टी फिलहाल कंसोलिडेशन फेज में है। इंडेक्स अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के आसपास कारोबार कर रहा है, जिससे अभी किसी स्पष्ट दिशा का संकेत नहीं मिल रहा है।
बैंक निफ्टी इस समय 200-DMA के करीब है, जबकि 20-DMA और 50-DMA मौजूदा स्तरों से कुछ ऊपर हैं। ऐसे में इंडेक्स में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
बैंक निफ्टी के लिए 57,000 से 58,000 की रेंज महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं, 58,000-58,200 का क्षेत्र प्रमुख रेजिस्टेंस जोन है। इस रेंज से निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन ही बैंक निफ्टी की अगली दिशा को स्पष्ट कर सकता है।
जब तक ऐसा नहीं होता, ट्रेडर्स के लिए रेंज-बाउंड रणनीति अपनाना और सख्त स्टॉप-लॉस रखना बेहतर हो सकता है।
26 अगस्त को बाजार में क्या रहेगा अहम?
26 अगस्त के कारोबार में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से इन स्तरों पर रहेगी:
- निफ्टी सपोर्ट: 24,200
- निफ्टी अगला लक्ष्य/रेजिस्टेंस: 24,500-24,550
- बैंक निफ्टी रेंज: 57,000-58,000
- बैंक निफ्टी रेजिस्टेंस: 58,000-58,200
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेड से जुड़े संकेत
- अमेरिका-ईरान तनाव और मिडिल ईस्ट की स्थिति
- आने वाले महंगाई आंकड़े
कुल मिलाकर, 25 अगस्त की रिकवरी ने बाजार में बुल्स को कुछ राहत दी है, लेकिन 26 अगस्त को भी उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर 24,500-24,550 की तरफ आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है, जबकि 24,200 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है।
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