Power Sector SCADA News: पावर सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले SCADA सिस्टम को लेकर सरकार स्वदेशीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। लक्ष्य 2028-29 तक देश में इसका स्वदेशी विकल्प तैयार करना और 2030 के बाद इसके आयात पर रोक लगाने की दिशा में आगे बढ़ना है। मौजूदा समय में SCADA सिस्टम के कई अहम सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर कंपोनेंट विदेशों से आते हैं। ऐसे में इस पहल को सिर्फ ‘मेक इन इंडिया’ से जोड़कर नहीं देखा जा रहा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी के लिहाज से भी इसे काफी अहम माना जा रहा है।
क्या है SCADA और पावर सेक्टर में इसका काम?
SCADA यानी Supervisory Control and Data Acquisition एक ऐसा सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल पावर प्लांट, सब-स्टेशन और बिजली के ग्रिड की रियल टाइम निगरानी और नियंत्रण के लिए किया जाता है।
आसान भाषा में समझें तो SCADA को पावर ग्रिड का कंट्रोल सिस्टम कहा जा सकता है। इसके जरिए ऑपरेटर अलग-अलग जगहों पर लगे उपकरणों से डेटा हासिल कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर कई उपकरणों को दूर से नियंत्रित भी कर सकते हैं।
बिजली व्यवस्था के सुचारू संचालन में इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए SCADA की तकनीक, सॉफ्टवेयर और साइबर सिक्योरिटी को रणनीतिक महत्व हासिल है।
क्यों जरूरी हुआ SCADA का स्वदेशीकरण?
सरकार के इस कदम के पीछे केवल विदेशी आयात कम करना ही वजह नहीं है। पावर ग्रिड जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी संरचना में इस्तेमाल होने वाली तकनीक पर विदेशी निर्भरता कम करना भी इसका अहम उद्देश्य है।
अभी SCADA से जुड़े कई महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर और कंपोनेंट विदेशों से आते हैं। इसके कारण तकनीकी सपोर्ट, सॉफ्टवेयर अपडेट और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों में विदेशी तकनीक पर निर्भरता बनी रहती है।
ऐसे सिस्टम में किसी तरह की सुरक्षा कमजोरी पूरी बिजली व्यवस्था के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। यही वजह है कि सरकार अब पावर सेक्टर की महत्वपूर्ण डिजिटल तकनीक में घरेलू क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है।
Operation Sindoor के दौरान बढ़ी साइबर हमलों की चिंता
SCADA के स्वदेशीकरण को लेकर चर्चा के बीच साइबर सिक्योरिटी भी बड़ा मुद्दा बनकर सामने आई है। Operation Sindoor के दौरान पावर सिस्टम को निशाना बनाकर साइबर हमलों की कोशिशों ने महत्वपूर्ण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई।
पावर मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मई 2025 में करीब 8-10 दिनों के दौरान भारत के पावर सिस्टम पर लगभग 2 लाख साइबर अटैक की कोशिशें हुई थीं।
ऐसे माहौल में सरकार की कोशिश है कि देश के पावर ग्रिड को संचालित करने वाली महत्वपूर्ण तकनीक पर भारत की अपनी क्षमता और नियंत्रण मजबूत हो। घरेलू SCADA सिस्टम इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
2028-29 तक स्वदेशी सिस्टम तैयार करने की योजना
SCADA के स्वदेशीकरण के लिए Central Electricity Authority (CEA) की ओर से रोडमैप तैयार किया गया है। इसमें सिस्टम के अलग-अलग हिस्सों को देश में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस रोडमैप में 38 सॉफ्टवेयर मॉड्यूल और 25 हार्डवेयर कंपोनेंट शामिल हैं। इसका उद्देश्य केवल किसी विदेशी SCADA सिस्टम का विकल्प तैयार करना नहीं, बल्कि एक ऐसा घरेलू इकोसिस्टम विकसित करना है, जिसमें सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, सिस्टम इंटीग्रेशन और साइबर सिक्योरिटी जैसी क्षमताएं देश के भीतर उपलब्ध हों।
सरकार National SCADA Mission या एक विशेष वर्किंग ग्रुप बनाने पर भी विचार कर रही है। इसमें Power Grid, GRID-INDIA और घरेलू टेक्नोलॉजी कंपनियों को शामिल किए जाने की संभावना है।
किन शेयरों पर रख सकते हैं नजर?
SCADA के स्वदेशीकरण से पावर और टेक्नोलॉजी सेक्टर की कुछ कंपनियों के लिए नए कारोबार के अवसर बन सकते हैं। हालांकि, अभी इसे किसी शेयर को खरीदने का सीधा संकेत नहीं माना जाना चाहिए।
1. Power Grid
इस थीम में Power Grid Corporation of India सबसे प्रमुख नामों में से एक है। कंपनी का पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क में बड़ा अनुभव है और प्रस्तावित स्वदेशी SCADA मॉडल में भी इसका नाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
SCADA, ग्रिड ऑटोमेशन, डिजिटल सब-स्टेशन और सिस्टम इंटीग्रेशन से जुड़े संभावित प्रोजेक्ट्स से कंपनी को फायदा मिल सकता है।
2. Siemens
Siemens पावर ऑटोमेशन, SCADA और एनर्जी मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय है। भारत में स्वदेशी सिस्टम के विकास और मौजूदा ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से इस क्षेत्र में कारोबार के अवसर बन सकते हैं।
3. Hitachi Energy India
Hitachi Energy India ग्रिड ऑटोमेशन, डिजिटल पावर सिस्टम और ट्रांसमिशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करती है। भारत में ग्रिड के आधुनिकीकरण और ऑटोमेशन की बढ़ती जरूरत कंपनी के लिए अवसर पैदा कर सकती है।
4. GE Vernova T&D India
ट्रांसमिशन और ग्रिड ऑटोमेशन से जुड़ी तकनीकों में GE Vernova T&D India भी एक प्रमुख कंपनी है। SCADA और डिजिटल ग्रिड से जुड़े भविष्य के प्रोजेक्ट्स में कंपनी की विशेषज्ञता काम आ सकती है।
5. ABB India
ABB India पावर ऑटोमेशन और डिजिटल ग्रिड सॉल्यूशंस के क्षेत्र में मौजूद है। ग्रिड के आधुनिकीकरण और ऑटोमेशन पर बढ़ता सरकारी फोकस इसके लिए संभावित कारोबारी अवसर पैदा कर सकता है।
6. TCS
SCADA का मामला केवल हार्डवेयर तक सीमित नहीं है। सॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी, डेटा मैनेजमेंट और सिस्टम इंटीग्रेशन की भी बड़ी भूमिका होगी। ऐसे में TCS जैसी IT कंपनियों के लिए भी इस क्षेत्र में अवसर बन सकते हैं।
एक नजर में संभावित कंपनियां
| कंपनी | संभावित अवसर |
|---|---|
| Power Grid | SCADA, ग्रिड ऑटोमेशन और सिस्टम इंटीग्रेशन |
| Siemens | SCADA और एनर्जी मैनेजमेंट |
| Hitachi Energy India | ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA |
| GE Vernova T&D India | ट्रांसमिशन और ग्रिड ऑटोमेशन |
| ABB India | पावर ऑटोमेशन और डिजिटल ग्रिड |
| TCS | सॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी और सिस्टम इंटीग्रेशन |
निवेशकों को अभी क्या करना चाहिए?
SCADA के स्वदेशीकरण की खबर को फिलहाल लंबी अवधि की थीम के तौर पर देखना ज्यादा उचित होगा। केवल सरकार की योजना या संभावित लाभ के आधार पर किसी शेयर में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
असल तस्वीर तब ज्यादा स्पष्ट होगी, जब सरकार स्वदेशी SCADA के लिए कंपनियों और प्रोजेक्ट्स का चयन करेगी। इसके बाद ऑर्डर, कॉन्ट्रैक्ट, निवेश और रेवेन्यू पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।
फिलहाल निवेशक Power Grid समेत SCADA, ग्रिड ऑटोमेशन, पावर डिजिटलाइजेशन और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनियों पर नजर रख सकते हैं।
विदेशी निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा कदम
भारत की बिजली व्यवस्था तेजी से डिजिटल और ऑटोमेटेड हो रही है। ऐसे में पावर ग्रिड को नियंत्रित करने वाली तकनीक का स्वदेशीकरण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।
2030 के बाद SCADA इंपोर्ट को बंद करने और 2028-29 तक घरेलू विकल्प तैयार करने की योजना सफल होती है तो इससे भारत में पावर ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल साइबर सिक्योरिटी का बड़ा घरेलू बाजार विकसित हो सकता है।
हालांकि, इस पूरी थीम का वास्तविक असर कंपनियों की ऑर्डर बुक, सरकारी नीतियों, प्रोजेक्ट आवंटन और कमर्शियल स्केल पर निर्भर करेगा। इसलिए निवेशकों को केवल खबर के आधार पर फैसला लेने के बजाय कंपनी के वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की ऑर्डर बुक का भी विश्लेषण करना चाहिए।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और वैल्यूएशन का अध्ययन करें तथा जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की व्यक्तिगत सलाह नहीं देता है।


