Power Stocks: भारत में बिजली की बढ़ती मांग और रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में तेज विस्तार का फायदा पावर सेक्टर की कंपनियों को मिल सकता है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने सेक्टर की 7 प्रमुख कंपनियों पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने इन शेयरों के लिए दिए गए टारगेट के आधार पर 16% से 43% तक संभावित तेजी का अनुमान लगाया है।
Jefferies के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2030 के बीच भारत में बिजली की मांग करीब 6% सालाना की दर से बढ़ सकती है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए देश में बड़े स्तर पर नई बिजली उत्पादन क्षमता जोड़े जाने की उम्मीद है। खास बात यह है कि नई क्षमता जोड़ने में निजी कंपनियों की हिस्सेदारी सरकारी कंपनियों के मुकाबले ज्यादा रहने का अनुमान है।
Jefferies की पसंदीदा 7 पावर कंपनियां
| कंपनी | रेटिंग | टारगेट प्राइस | संभावित अपसाइड |
|---|---|---|---|
| JSW Energy | Buy | ₹720 | 31% |
| Adani Energy Solutions | Buy | ₹2,060 | 34% |
| Adani Power | Buy | ₹270 | 33% |
| Adani Green Energy | Buy | ₹1,695 | 29% |
| NTPC | Buy | ₹425 | 25% |
| Power Grid | Buy | ₹315 | 16% |
| Torrent Power | Buy | ₹1,780 | 43% |
इन आंकड़ों के मुताबिक Torrent Power में सबसे ज्यादा 43% संभावित अपसाइड देखा गया है। इसके बाद Adani Energy Solutions में 34%, Adani Power में 33% और JSW Energy में 31% तक तेजी का अनुमान है।
बिजली की मांग में तेज बढ़ोतरी की उम्मीद
भारत में आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक विस्तार, शहरीकरण और एयर कंडीशनिंग जैसे बिजली-आधारित उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। Jefferies का अनुमान है कि FY26-FY30 के दौरान बिजली की मांग करीब 6% सालाना बढ़ सकती है।
दूसरी तरफ, निजी क्षेत्र की बिजली उत्पादन क्षमता में करीब 9% सालाना की वृद्धि होने का अनुमान है। इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में पावर सेक्टर में कैपेक्स और नई क्षमता जोड़ने की गतिविधियां तेज रह सकती हैं।
FY30 तक 724 GW हो सकती है भारत की पावर क्षमता
Jefferies के अनुमान के अनुसार भारत की कुल इंस्टॉल्ड पावर क्षमता वित्त वर्ष 2030 तक करीब 724 GW तक पहुंच सकती है। FY26 से FY30 के बीच देश में लगभग 191 GW नई बिजली क्षमता जोड़े जाने का अनुमान है।
नई क्षमता में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रहने की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक:
- 76% नई क्षमता रिन्यूएबल एनर्जी से आ सकती है।
- 18% हिस्सेदारी थर्मल पावर की हो सकती है।
- 6% नई क्षमता हाइड्रो पावर से जुड़ सकती है।
इससे साफ है कि आने वाले वर्षों में भारत के पावर सेक्टर की ग्रोथ का बड़ा हिस्सा सोलर और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स से आ सकता है।
रिन्यूएबल एनर्जी में निजी कंपनियों का दबदबा
नई रिन्यूएबल क्षमता जोड़ने में निजी कंपनियों की भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है। Jefferies के अनुसार FY26-FY30 के दौरान जुड़ने वाली नई रिन्यूएबल क्षमता में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 72% रह सकती है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि रिन्यूएबल बिजली उत्पादन में निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 80% से ज्यादा हो सकती है। इस बदलाव का फायदा उन कंपनियों को मिल सकता है जो बड़े स्तर पर सोलर और अन्य स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश कर रही हैं।
Jefferies के अनुमान के अनुसार Adani Green Energy नई रिन्यूएबल क्षमता में करीब 17% योगदान दे सकती है। वहीं थर्मल पावर के क्षेत्र में Adani Power नई क्षमता जोड़ने में करीब 34% हिस्सेदारी रख सकती है।
सरकारी कंपनियों का भी मजबूत आधार
पावर सेक्टर में निजी कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ने के बावजूद सरकारी कंपनियों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रह सकती है। NTPC और Power Grid जैसी कंपनियों के पास पहले से बड़ा एसेट बेस और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है।
हालांकि, कुल इंस्टॉल्ड पावर क्षमता में PSU कंपनियों की हिस्सेदारी FY26 के करीब 48% से घटकर FY30 तक 45% रहने का अनुमान है। इसके बावजूद ट्रांसमिशन, बिजली उत्पादन और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के चलते सरकारी कंपनियों के लिए भी अवसर बने रह सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
Jefferies की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि भारत में बिजली की बढ़ती मांग और बड़े स्तर पर होने वाला पावर कैपेक्स आने वाले वर्षों में सेक्टर की कंपनियों के लिए ग्रोथ का अहम आधार बन सकता है। खासकर रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और थर्मल क्षमता विस्तार से जुड़ी कंपनियों पर बाजार की नजर रह सकती है।
हालांकि, किसी ब्रोकरेज की Buy रेटिंग या टारगेट प्राइस भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता। शेयर बाजार में कंपनी के नतीजे, वैल्यूएशन, कर्ज, ब्याज दर, रेगुलेटरी बदलाव और बाजार की स्थिति जैसे कई फैक्टर शेयर की कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर
newsjagran.in पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और एजुकेशनल उद्देश्य के लिए है। किसी शेयर में निवेश की सलाह या ब्रोकरेज टारगेट को निवेश की गारंटी न समझें। निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और अपने जोखिम प्रोफाइल का आकलन करें तथा जरूरत होने पर SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार की सलाह लें।


