Mudra Loan ₹20 Lakh: अगर आप छोटा कारोबार करते हैं या अपना बिजनेस बढ़ाना चाहते हैं और पूंजी की जरूरत है, तो प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आपके लिए उपयोगी हो सकती है। इस योजना के तहत अब पात्र उद्यमियों को ₹20 लाख तक का बिना गारंटी लोन मिल सकता है। हालांकि, ₹20 लाख तक का यह लोन हर आवेदक को नहीं मिलता। इसके लिए ‘तरुण प्लस’ श्रेणी की खास पात्रता पूरी करनी होती है।
क्या है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना यानी PMMY (Pradhan Mantri Mudra Yojana) को केंद्र सरकार ने 8 अप्रैल 2015 को शुरू किया था। इसका उद्देश्य छोटे कारोबार और सूक्ष्म उद्यमों को संस्थागत तौर पर बिना गारंटी के कर्ज उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े कई छोटे कारोबार के लिए लोन लिया जा सकता है। इसके अलावा कृषि से जुड़ी आय पैदा करने वाली गतिविधियां, जैसे डेयरी, पोल्ट्री और मधुमक्खी पालन आदि भी इसके दायरे में आती हैं। PMMY में टर्म लोन के साथ वर्किंग कैपिटल की जरूरत भी पूरी की जा सकती है।
अब ₹20 लाख तक मिलता है मुद्रा लोन
शुरुआत में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अधिकतम ₹10 लाख तक का लोन मिलता था। सरकार ने 2024 में इसकी सीमा बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी। इसके लिए ‘तरुण प्लस’ नाम की नई कैटेगरी शुरू की गई।
इस बदलाव की गजट अधिसूचना 24 अक्टूबर 2024 को जारी हुई और तरुण प्लस के तहत ₹10 लाख से अधिक और ₹20 लाख तक के लोन का प्रावधान किया गया।
मुद्रा लोन की चार कैटेगरी
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना को चार श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें लोन की सीमा इस तरह है:
| कैटेगरी | लोन की राशि |
|---|---|
| शिशु | ₹50,000 तक |
| किशोर | ₹50,000 से अधिक और ₹5 लाख तक |
| तरुण | ₹5 लाख से अधिक और ₹10 लाख तक |
| तरुण प्लस | ₹10 लाख से अधिक और ₹20 लाख तक |
यानी अगर किसी कारोबारी को ₹10 लाख से अधिक की जरूरत है, तो उसके लिए तरुण प्लस श्रेणी महत्वपूर्ण है।
किसे मिलेगा ‘तरुण प्लस’ का फायदा?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। तरुण प्लस का लाभ पहली बार मुद्रा लोन लेने वाले व्यक्ति को सीधे नहीं मिलता।
सरकार के मौजूदा नियमों के अनुसार, तरुण प्लस के तहत ₹10 लाख से अधिक और ₹20 लाख तक का लोन उन उद्यमियों के लिए है, जिन्होंने पहले तरुण कैटेगरी के तहत लोन लिया हो और उसे सफलतापूर्वक चुका दिया हो। यह पात्रता 24 अक्टूबर 2024 से लागू है।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए किसी कारोबारी ने पहले मुद्रा योजना के तहत ₹8 लाख का तरुण लोन लिया। अगर उसने उस लोन को नियमों के अनुसार सफलतापूर्वक चुका दिया और अब कारोबार बढ़ाने के लिए अधिक पूंजी की जरूरत है, तो वह तरुण प्लस के तहत ₹10 लाख से ₹20 लाख तक के लोन के लिए पात्र हो सकता है।
हालांकि, पात्रता पूरी करने के बावजूद अंतिम लोन राशि और मंजूरी संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था के मूल्यांकन पर निर्भर करेगी।
किस तरह के कारोबार के लिए मिल सकता है लोन?
मुद्रा योजना का इस्तेमाल कई तरह के आय पैदा करने वाले छोटे कारोबार के लिए किया जा सकता है। इसमें मुख्य रूप से ये क्षेत्र शामिल हैं:
- छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
- दुकान और खुदरा कारोबार
- ट्रांसपोर्ट से जुड़े छोटे व्यवसाय
- सैलून और ब्यूटी सर्विस
- टेलरिंग और सिलाई का काम
- हस्तशिल्प और कारीगरों से जुड़े व्यवसाय
- फल और सब्जी का कारोबार
- डेयरी
- पोल्ट्री
- मधुमक्खी पालन
- अन्य पात्र सेवा और व्यापार गतिविधियां
सरकार के अनुसार PMMY गैर-कृषि क्षेत्र के छोटे कारोबारों के साथ कृषि से जुड़ी कुछ allied activities को भी कवर करती है।
क्या सच में बिना गारंटी मिलता है ₹20 लाख?
हां। PMMY के तहत कोलेटरल यानी संपत्ति या अन्य जमानत की जरूरत नहीं होती। सरकार ने ₹20 लाख तक के पात्र मुद्रा लोन को क्रेडिट गारंटी व्यवस्था के दायरे में शामिल किया है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर आवेदक को सिर्फ आवेदन करने पर ₹20 लाख मिल जाएगा। बैंक या संबंधित लेंडिंग संस्था आवेदनकर्ता के कारोबार, उसकी repayment history, जरूरत और अन्य निर्धारित मानकों को देखते हुए लोन का फैसला करती है।
कहां से लिया जा सकता है मुद्रा लोन?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन देने वाली संस्थाओं में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, विदेशी बैंक, NBFC और माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं शामिल हैं।
इसके अलावा PMMY JanSamarth Portal पर भी उपलब्ध योजनाओं में शामिल है। इस पोर्टल के जरिए पात्र व्यक्ति संबंधित लोन योजना के बारे में जानकारी लेकर आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है।
आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान
मुद्रा लोन के नाम पर ठगी से बचना भी बेहद जरूरी है। किसी व्यक्ति को सिर्फ इस आधार पर पैसे न दें कि वह आपको सरकारी मुद्रा लोन दिलाने का दावा कर रहा है।
सरकारी जानकारी के अनुसार PMMY के लिए किसी एजेंट या बिचौलिये को अधिकृत नहीं किया गया है। इसलिए आवेदन करने से पहले बैंक या अधिकृत वित्तीय संस्था से जानकारी लेना बेहतर है।
ध्यान रखें कि ‘बिना गारंटी’ का मतलब ‘बिना जांच’ नहीं है। लोन मंजूर करने से पहले बैंक अपनी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन और कारोबार का मूल्यांकन कर सकता है।
पहली बार बिजनेस शुरू करने वालों के लिए क्या?
अगर आप पहली बार अपना कारोबार शुरू कर रहे हैं और पहले कभी तरुण कैटेगरी का मुद्रा लोन नहीं लिया है, तो तरुण प्लस के तहत ₹20 लाख तक के लोन के लिए पात्र नहीं होंगे, क्योंकि इस कैटेगरी की खास शर्त पहले तरुण लोन लेकर उसे सफलतापूर्वक चुकाना है।
ऐसे आवेदक अपनी जरूरत के अनुसार PMMY की शिशु, किशोर या तरुण कैटेगरी में पात्रता के आधार पर आवेदन कर सकते हैं।
₹20 लाख का लोन यानी मुफ्त पैसा नहीं
यह समझना भी जरूरी है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत मिलने वाला पैसा लोन है, अनुदान या मुफ्त सरकारी सहायता नहीं। इसे निर्धारित शर्तों के अनुसार वापस करना होता है। ब्याज दर और repayment की शर्तें संबंधित लेंडिंग संस्था तथा लोन की प्रकृति के अनुसार तय होती हैं।
इसलिए केवल ₹20 लाख की अधिकतम सीमा देखकर लोन लेना सही फैसला नहीं है। कारोबारी को अपनी वास्तविक जरूरत, कारोबार की कमाई और EMI चुकाने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही कर्ज लेना चाहिए।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सरकार ने छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर ₹20 लाख कर दिया है। लेकिन यह पूरी राशि हर किसी को नहीं मिलती। ‘तरुण प्लस’ मुख्य रूप से उन उद्यमियों के लिए है जिन्होंने पहले तरुण कैटेगरी का मुद्रा लोन लिया और उसे सफलतापूर्वक चुका दिया है।
इसलिए अगर आप पहले से कारोबार चला रहे हैं और तरुण लोन की repayment अच्छी रही है, तो कारोबार विस्तार के लिए तरुण प्लस आपके लिए एक विकल्प हो सकता है। वहीं, नए कारोबारी अपनी जरूरत के अनुसार मुद्रा की अन्य कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक नियम और संबंधित बैंक की मौजूदा शर्तें जरूर जांच लें।
डिस्क्लेमर: लोन की मंजूरी, राशि, ब्याज और repayment की शर्तें संबंधित बैंक/वित्तीय संस्था के नियमों और आवेदक की पात्रता पर निर्भर करती हैं। आवेदन से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।


