NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    urban-company-kent-ro-defamation-case-delhi-high-court-advertisement
    Urban Company vs Kent RO: वॉटर प्यूरीफायर के विज्ञापन पर छिड़ा विवाद, दिल्ली HC में Kent RO ने मानी ये बात
    23 अगस्त 2026
    islamic-nato-bangladesh-saudi-arabia-pakistan-turkiye-defense-agreement
    Islamic NATO में बांग्लादेश की एंट्री पर चर्चा, क्या भारत के लिए बढ़ सकती है चिंता? सऊदी अरब-पाकिस्तान-तुर्किये के रक्षा समझौते पर ढाका का बड़ा बयान
    23 अगस्त 2026
    kal-ka-mausam-24-agust-heavy-rain-alert-up-bihar-18-states
    कल का मौसम: 24 अगस्त को यूपी-बिहार से दक्षिण भारत तक भारी बारिश का अलर्ट, 18 से ज्यादा राज्यों में बिगड़ेगा मौसम
    23 अगस्त 2026
    ppf-vs-nsc-10-lakh-investment-return-tax-calculation
    PPF vs NSC: ₹10 लाख निवेश पर 5 साल में कौन देगा ज्यादा रिटर्न? टैक्स के बाद समझें पूरा गणित
    23 अगस्त 2026
    fd-vs-scss-senior-citizen-best-option-calculation
    FD vs SCSS: सीनियर सिटिजन ₹10 लाख या ₹30 लाख कहां लगाएं? पूरा ब्याज कैलकुलेशन समझें
    23 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-price-third-week-rally-three-month-high-experts-outlook
    Gold Price: 3 हफ्ते से लगातार चढ़ रहा सोना, 3 महीने के हाई पर पहुंची कीमत; आगे कितनी तेजी?
    22 अगस्त 2026
    gold-price-today-america-treasury-decision-gold-4500-dollar-cross
    Gold Price Today: अमेरिका के एक फैसले से रॉकेट बना सोना! $4,500 के पार पहुंची कीमत, क्या अब और बढ़ेगा भाव?
    20 अगस्त 2026
    gold-price-third-week-rally-three-month-high-experts-outlook
    Gold Price Today: महंगा होता जा रहा गोल्ड, लगातार तीसरे दिन बढ़ी चमक, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट का भाव
    19 अगस्त 2026
    gold-silver-price-india-mcx-gold-silver-rate-fall
    Gold Price Today: लगातार दूसरे दिन चमका गोल्ड, दिल्ली से पटना तक 10 शहरों में सबसे सस्ता बिक रहा यहां
    18 अगस्त 2026
    gold-silver-price-hike-today-gold-163-lakh-silver-250-lakh
    Gold Silver Price: सोने-चांदी में तेजी कायम, जानिए ग्लोबल संकेत क्यों हैं अहम?
    17 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    nifty-outlook-recovery-support-resistance-24500-bank-nifty-levels
    Nifty Outlook: दो हफ्तों की गिरावट के बाद क्या अब आएगी रिकवरी? जानिए 24,000 से 24,500 तक के अहम लेवल
    23 अगस्त 2026
    gacm-technologies-qip-fii-stake-29-percent-rs-49-5-crore
    GACM Technologies में QIP के बाद FII की हिस्सेदारी 29% हुई, ₹49.5 करोड़ जुटाए; AI-EdTech से भी बढ़ी उम्मीद
    23 अगस्त 2026
    horizon-industrial-parks-listing-gmp-share-price-ipo
    Horizon Industrial Parks Listing: लगातार घाटे के बीच ग्रे मार्केट से महज 2.5% प्रीमियम के संकेत
    23 अगस्त 2026
    lalithaa-jewellery-listing-ipo-gmp-201-share-price-listing-gain
    Lalithaa Jewellery Listing: ₹201 के शेयर 36% तक दे सकते हैं लिस्टिंग गेन? जानें GMP और कंपनी की पूरी कहानी
    23 अगस्त 2026
    market-outlook-share-market-week-crude-oil-west-asia-fed-fpi
    Share Market Outlook: इस हफ्ते बाजार में आएगा उतार-चढ़ाव या होगी रिकवरी? क्रूड ऑयल, फेड और FPI तय करेंगे चाल
    23 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: 8 साल तक नहीं लिया कोई क्लेम, पत्नी के इलाज की बारी आई तो Niva Bupa ने कैशलेस रिक्वेस्ट क्यों ठुकराई?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

8 साल तक नहीं लिया कोई क्लेम, पत्नी के इलाज की बारी आई तो Niva Bupa ने कैशलेस रिक्वेस्ट क्यों ठुकराई?

Namam Sharma
Last updated: 2026/08/22 at 7:59 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
11 Min Read
niva-bupa-insurance-claim-rejected-8-years-premium-cashless-claim
SHARE

Niva Bupa Insurance Claim Rejected: हेल्थ इंश्योरेंस का मकसद ही यही होता है कि बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी के समय इलाज के खर्च को लेकर परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े। लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए एक मामले ने इंश्योरेंस पॉलिसी रखने वाले लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक व्यक्ति ने दावा किया है कि वह करीब 8 साल से हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम भर रहा था और इस दौरान कभी क्लेम नहीं किया। अब जब उसकी पत्नी अस्पताल में भर्ती हुईं तो कैशलेस इलाज के लिए किया गया अनुरोध मंजूर नहीं हुआ।

Contents
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या दावा किया गया?रात 3:17 बजे क्लेम और 23 मिनट बाद जवाब का दावापत्नी को टाइफाइड होने का दावाNiva Bupa ने क्या कहा?कैशलेस रिजेक्ट होना और क्लेम रिजेक्ट होना अलग-अलग बातेंहेल्थ इंश्योरेंस लेते समय किन बातों का रखें ध्यान?1. पॉलिसी के सभी क्लॉज पढ़ें2. कैशलेस नेटवर्क अस्पताल की जांच करें3. कैशलेस का मतलब हर खर्च की गारंटी नहीं4. मेडिकल दस्तावेज संभालकर रखें5. क्लेम रिजेक्शन का कारण लिखित में मांगेंसोशल मीडिया के दावे को अंतिम फैसला न मानेंबीमा ग्राहक के लिए सबसे बड़ी सीख

मामला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी Niva Bupa से जुड़ा बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए दावे के मुताबिक, मरीज को टाइफाइड के इलाज के लिए ग्रेटर नोएडा के Fortis अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का कहना है कि कंपनी ने कैशलेस क्लेम को यह कहते हुए मंजूर नहीं किया कि मरीज को मुख्य रूप से जांच और मूल्यांकन के लिए भर्ती किया गया था।

हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कंपनी ने कैशलेस सुविधा देने से इनकार किया है, लेकिन इसे अंतिम क्लेम रिजेक्शन नहीं बताया। कंपनी ने मरीज के परिवार को रीइम्बर्समेंट के तहत दस्तावेज जमा करने की सलाह भी दी है।

सोशल मीडिया पोस्ट में क्या दावा किया गया?

niva-bupa-insurance-claim-rejected-8-years-premium-cashless-claim

8 साल से ये बंदा हेल्थ इंश्योरेंस भर रहा था आज बीबी बीमार है हॉस्पिटल में तो इंश्योरेंस क्लेम नहीं हो रहा है।

Niva Bupa की तीन-तीन पॉलिसीज हैं इसके पास, खुद की बीवी की पेरेंट्स की बच्चे की पच्चीस पच्चीस लाख की,

फैमिली फ्लोटर तक नहीं लिया सिर्फ पीस ऑफ माइंड के लिए।

आठ साल में… pic.twitter.com/Yp1UFUBzOe

— Rahul Kumar (@MukAn_X) August 22, 2026

एक वेरिफाइड X अकाउंट से शेयर की गई पोस्ट में इस पूरे मामले को लेकर चिंता जताई गई। पोस्ट के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति करीब आठ वर्षों से हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम चुका रहा था। उसके पास परिवार के अलग-अलग सदस्यों के लिए तीन इंश्योरेंस पॉलिसियां होने का दावा किया गया है।

पोस्ट में बताया गया कि इन पॉलिसियों की बीमा राशि करीब 25-25 लाख रुपये बताई गई है। परिवार ने कथित तौर पर कई वर्षों तक किसी तरह का क्लेम नहीं किया था।

लेकिन पत्नी के अस्पताल में भर्ती होने के बाद जब पहली बार क्लेम की जरूरत पड़ी तो कैशलेस रिक्वेस्ट को मंजूरी नहीं मिली। सोशल मीडिया पोस्ट में इसे लेकर सवाल उठाया गया कि अगर ग्राहक लंबे समय तक नियमित रूप से प्रीमियम भरता रहा और पॉलिसी की शर्तों के अनुसार कवर लेता रहा, तो मेडिकल इमरजेंसी के समय कैशलेस सुविधा क्यों नहीं मिली।

रात 3:17 बजे क्लेम और 23 मिनट बाद जवाब का दावा

मामले को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही है, वह क्लेम रिक्वेस्ट और उसके जवाब का समय है।

पोस्ट में दावा किया गया है कि क्लेम रिक्वेस्ट रात 3:17 बजे भेजी गई थी और करीब 3:40 बजे उसे डिनायल का जवाब मिल गया। यानी लगभग 23 मिनट के भीतर कैशलेस अनुरोध पर फैसला आने की बात कही गई है।

पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि क्लेम से जुड़े स्पष्टीकरण भेजे जाने के बाद भी करीब 10 से 15 मिनट के भीतर दोबारा डिनायल का जवाब मिला।

इसी आधार पर ग्राहक की ओर से सवाल उठाया गया कि इतने कम समय में मेडिकल दस्तावेजों की पूरी जांच और मूल्यांकन किस तरह किया गया।

हालांकि, यह समय-सीमा और इससे जुड़े आरोप सोशल मीडिया पर किए गए दावे पर आधारित हैं। इन्हें कंपनी या किसी स्वतंत्र जांच द्वारा अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

पत्नी को टाइफाइड होने का दावा

सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति की पत्नी का नाम मनीषा शर्मा बताया गया है और वह अस्पताल में भर्ती थीं।

पोस्ट में दावा किया गया कि इससे पहले मरीज का इलाज फैमिली डॉक्टर और दो अस्पतालों में कराया गया था। बाद में उनकी तबीयत को देखते हुए उन्हें Fortis Greater Noida में भर्ती कराया गया, जहां टाइफाइड की बात सामने आने का दावा किया गया।

परिवार की शिकायत मुख्य रूप से इस बात को लेकर बताई गई कि इतने वर्षों तक प्रीमियम भरने के बाद पहली बार बीमा का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ी, लेकिन कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी।

Niva Bupa ने क्या कहा?

कंपनी की ओर से साझा किए गए जवाब में कहा गया कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मरीज को मुख्य रूप से जांच और मूल्यांकन के लिए भर्ती किया गया था। इसी आधार पर कैशलेस सुविधा को मंजूरी नहीं देने की बात कही गई।

कंपनी ने अपने जवाब में संबंधित पॉलिसी के क्लॉज 5.1.4 का उल्लेख किया है।

यानी कंपनी की ओर से कैशलेस रिक्वेस्ट को पॉलिसी की शर्तों के आधार पर मंजूर नहीं किया गया।

लेकिन कंपनी के जवाब का दूसरा हिस्सा भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

कैशलेस रिजेक्ट होना और क्लेम रिजेक्ट होना अलग-अलग बातें

Niva Bupa के जवाब के मुताबिक, कैशलेस सुविधा से इनकार करने का मतलब यह नहीं है कि पूरा इंश्योरेंस क्लेम ही खारिज कर दिया गया है।

कंपनी ने ग्राहक को रीइम्बर्समेंट के लिए क्लेम के जरूरी दस्तावेज जमा करने की सलाह दी है।

इसे आसान भाषा में ऐसे समझ सकते हैं:

अगर कैशलेस सुविधा मंजूर होती है, तो पॉलिसी की शर्तों और पात्रता के अनुसार बीमा कंपनी अस्पताल के साथ सीधे इलाज के खर्च का निपटान कर सकती है। वहीं कैशलेस सुविधा नहीं मिलने पर मरीज या परिवार को इलाज का खर्च पहले खुद उठाना पड़ सकता है और बाद में पॉलिसी के नियमों के अनुसार रीइम्बर्समेंट के लिए आवेदन करना पड़ सकता है।

इसलिए कैशलेस रिक्वेस्ट का रिजेक्ट होना और अंतिम इंश्योरेंस क्लेम का रिजेक्ट होना एक ही बात नहीं है।

हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय किन बातों का रखें ध्यान?

यह मामला हेल्थ इंश्योरेंस लेने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख भी देता है। केवल पॉलिसी खरीद लेना पर्याप्त नहीं है। पॉलिसी की शर्तों और exclusions को समझना भी उतना ही जरूरी है।

1. पॉलिसी के सभी क्लॉज पढ़ें

हेल्थ इंश्योरेंस में अलग-अलग परिस्थितियों के लिए अलग नियम हो सकते हैं। अस्पताल में भर्ती होने, डे-केयर ट्रीटमेंट, जांच, बीमारी की प्रकृति और मेडिकल आवश्यकता से जुड़े नियमों को पहले समझ लें।

2. कैशलेस नेटवर्क अस्पताल की जांच करें

पॉलिसी लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपके शहर और आसपास कौन-कौन से अस्पताल इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क में हैं।

3. कैशलेस का मतलब हर खर्च की गारंटी नहीं

कैशलेस सुविधा मिलने का मतलब यह नहीं है कि अस्पताल का हर खर्च बीमा कंपनी अपने आप चुका देगी। कवरेज पॉलिसी की शर्तों, sum insured, exclusions और admissibility पर निर्भर करता है।

4. मेडिकल दस्तावेज संभालकर रखें

डॉक्टर की सलाह, प्रिस्क्रिप्शन, जांच रिपोर्ट, अस्पताल के बिल, डिस्चार्ज समरी और अन्य मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए। रीइम्बर्समेंट क्लेम के समय इनकी जरूरत पड़ सकती है।

5. क्लेम रिजेक्शन का कारण लिखित में मांगें

अगर कैशलेस रिक्वेस्ट या क्लेम स्वीकार नहीं किया जाता है तो ग्राहक को कंपनी से कारण और संबंधित पॉलिसी क्लॉज की जानकारी लिखित रूप में मांगनी चाहिए। इससे आगे शिकायत या अपील करने में मदद मिल सकती है।

सोशल मीडिया के दावे को अंतिम फैसला न मानें

इस मामले की जानकारी मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्ट और उसमें साझा किए गए कंपनी के जवाब पर आधारित है। इसलिए इसे देखकर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि कंपनी ने बिना किसी जांच के अंतिम इंश्योरेंस क्लेम खारिज कर दिया।

उपलब्ध जवाब में कंपनी ने कैशलेस सुविधा को मंजूरी नहीं देने की बात कही है, जबकि साथ ही रीइम्बर्समेंट के लिए दस्तावेज जमा करने का विकल्प भी बताया है।

इसलिए इस मामले में आगे क्या होता है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि रीइम्बर्समेंट क्लेम के दस्तावेजों की समीक्षा के बाद कंपनी क्या निर्णय लेती है।

बीमा ग्राहक के लिए सबसे बड़ी सीख

हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम कई वर्षों तक भरने के बाद जब मेडिकल इमरजेंसी आती है तो ग्राहक स्वाभाविक रूप से उम्मीद करता है कि पॉलिसी उसके काम आएगी। ऐसे में कैशलेस सुविधा नहीं मिलने पर परिवार के लिए परेशानी बढ़ सकती है।

लेकिन दूसरी तरफ, इंश्योरेंस पॉलिसी एक कॉन्ट्रैक्ट होती है और उसमें लिखी शर्तें ही यह तय करती हैं कि किस परिस्थिति में कितना कवरेज मिलेगा। इसलिए पॉलिसी खरीदते समय केवल प्रीमियम या बीमा राशि पर ध्यान देने के बजाय waiting period, exclusions, room-rent limit, disease-specific conditions, network hospitals और claim process को भी समझना जरूरी है।

Niva Bupa से जुड़े इस मामले में भी फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण अंतर यही है कि सोशल मीडिया पोस्ट में इसे क्लेम रिजेक्शन के रूप में पेश किया गया, जबकि कंपनी के साझा जवाब में कैशलेस सुविधा को अस्वीकार करने और रीइम्बर्समेंट के लिए आवेदन करने की बात कही गई है।

इसलिए पॉलिसीधारकों को किसी भी कैशलेस अस्वीकृति के बाद घबराने के बजाय कंपनी से लिखित कारण, संबंधित पॉलिसी क्लॉज और आगे की क्लेम प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी लेनी चाहिए।

You Might Also Like

Urban Company vs Kent RO: वॉटर प्यूरीफायर के विज्ञापन पर छिड़ा विवाद, दिल्ली HC में Kent RO ने मानी ये बात

Islamic NATO में बांग्लादेश की एंट्री पर चर्चा, क्या भारत के लिए बढ़ सकती है चिंता? सऊदी अरब-पाकिस्तान-तुर्किये के रक्षा समझौते पर ढाका का बड़ा बयान

कल का मौसम: 24 अगस्त को यूपी-बिहार से दक्षिण भारत तक भारी बारिश का अलर्ट, 18 से ज्यादा राज्यों में बिगड़ेगा मौसम

PPF vs NSC: ₹10 लाख निवेश पर 5 साल में कौन देगा ज्यादा रिटर्न? टैक्स के बाद समझें पूरा गणित

FD vs SCSS: सीनियर सिटिजन ₹10 लाख या ₹30 लाख कहां लगाएं? पूरा ब्याज कैलकुलेशन समझें

TAGGED: Health Insurance Cashless Claim, Health Insurance Claim Rejected, Niva Bupa Cashless Claim, Niva Bupa Claim, Niva Bupa Health Insurance, Niva Bupa Insurance Claim Rejected
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article mudra-loan-20-lakh-tarun-plus-eligibility ₹20 लाख का Mudra Loan: हर किसी को नहीं मिलता तरुण प्लस, जानें पूरी पात्रता
Next Article fno-traders-loss-sebi-study-warren-buffett-warning शेयर बाजार में कमाई का सपना पड़ा भारी! F&O के 88% ट्रेडर्स को नुकसान, बफे ने सालों पहले किया था आगाह

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: 23 अगस्त को इन IPOs पर दिख रहा शानदार प्रीमियम, Tempsens 107% ऊपर
शेयर बाज़ार फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?