Horizon Industrial Parks IPO: ब्लैकस्टोन के निवेश वाली होरीजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स देश की प्रमुख इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स इंफ्रा कंपनियों में शामिल है। कंपनी की आमदनी बढ़ी है, लेकिन मुनाफे की जगह घाटा लगातार बढ़ता गया। अब 24 अगस्त को शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग होने वाली है और ग्रे मार्केट से सिर्फ 2.5% प्रीमियम के संकेत मिल रहे हैं।
Horizon Industrial Parks Listing: होरीजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार अब खत्म होने वाला है। कंपनी का ₹2,600 करोड़ का आईपीओ 17 से 19 अगस्त तक खुला था और इसे कुल 1.52 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। अब कंपनी के शेयर 24 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने वाले हैं।
ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों का GMP करीब ₹1.50 बताया जा रहा है। ₹60 के इश्यू प्राइस के मुकाबले यह करीब 2.50% प्रीमियम है। अगर लिस्टिंग के समय तक यही संकेत बरकरार रहे, तो आईपीओ निवेशकों को लगभग ₹61.50 के आसपास शुरुआती लिस्टिंग मिल सकती है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक या गारंटीड रिटर्न का संकेत नहीं होता। वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और कंपनी के वैल्यूएशन पर निर्भर करेगी।
कंपनी के शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹60 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए गए हैं। वहीं, पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर ₹5 की छूट दी गई थी। कंपनी का अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है और निवेशक अपना स्टेटस बीएसई या आईपीओ के रजिस्ट्रार केफिनटेक की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।
BSE की वेबसाइट पर ऐसे चेक करें अलॉटमेंट स्टेटस
निवेशक बीएसई की आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस सुविधा के जरिए अपने शेयरों का स्टेटस चेक कर सकते हैं।
- बीएसई की आईपीओ स्टेटस वेबसाइट पर जाएं।
- इश्यू टाइप में Equity चुनें।
- इश्यू के नाम में Horizon Industrial Parks चुनें।
- एप्लीकेशन नंबर या पैन नंबर में से किसी एक को दर्ज करें।
- कैप्चा पूरा करें।
- Search पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर शेयर अलॉटमेंट की जानकारी दिखाई देगी।
KFin Technologies से ऐसे चेक करें स्टेटस
अलॉटमेंट स्टेटस आईपीओ के रजिस्ट्रार KFin Technologies की वेबसाइट से भी देखा जा सकता है।
- आईपीओ स्टेटस पोर्टल खोलें।
- Select IPO विकल्प में Horizon Industrial Parks चुनें।
- एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई एक विकल्प चुनें।
- चुने गए विकल्प के अनुसार जरूरी जानकारी भरें।
- सबमिट करें।
- इसके बाद स्क्रीन पर अलॉट हुए शेयरों की जानकारी दिखाई देगी।
Horizon Industrial Parks IPO को मिला था सुस्त रिस्पॉन्स
Horizon Industrial Parks का ₹2,600 करोड़ का आईपीओ 17 से 19 अगस्त तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इश्यू को कुल 1.52 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। अलग-अलग कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन की स्थिति भी बहुत आक्रामक नहीं रही।
| कैटेगरी | सब्सक्रिप्शन |
|---|---|
| QIB | 1.94 गुना |
| NII | 1.03 गुना |
| रिटेल | 1.02 गुना |
| कर्मचारी | 1.64 गुना |
| कुल | 1.52 गुना |
आईपीओ के तहत ₹10 फेस वैल्यू वाले 43,34,09,090 नए शेयर जारी किए गए। कंपनी ने इश्यू से जुटाई जाने वाली रकम में से करीब ₹2,250 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी और उसकी कुछ पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरीज के कर्ज को कम करने तथा सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करने की योजना बनाई है।
क्या करती है Horizon Industrial Parks?
जीएलएल की रिपोर्ट के मुताबिक, नेटवर्क के आधार पर ब्लैकस्टोन के निवेश वाली Horizon Industrial Parks देश की बड़ी इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल है।
कंपनी के आईपीओ दस्तावेजों के अनुसार, इसके पास देश के 10 प्रमुख शहरों में फैले 45 लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल एसेट्स हैं। कंपनी बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए आधुनिक वेयरहाउस और इंडस्ट्रियल सुविधाएं विकसित करती है और उन्हें किराए पर देती है।
इसके कारोबार को मोटे तौर पर तीन प्रमुख हिस्सों में समझा जा सकता है:
- फुलफिलमेंट सेंटर और वेयरहाउस: ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, रिटेल और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए।
- इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज: मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर जैसी इंडस्ट्रीज के लिए।
- इन-सिटी सेंटर: लास्ट-माइल डिलीवरी के लिए, जिनका इस्तेमाल डार्क स्टोर, फार्मा, क्लाउड किचन, रिटेल और सर्विस बिजनेस में किया जा सकता है।
आमदनी बढ़ी, लेकिन घाटा भी लगातार बढ़ा
Horizon Industrial Parks के वित्तीय आंकड़ों में निवेशकों के लिए सबसे अहम पहलू इसका लगातार बढ़ता घाटा है। कंपनी की आमदनी में अच्छी वृद्धि हुई, लेकिन इसके बावजूद पिछले तीन वित्त वर्षों में नेट लॉस बढ़ता गया।
वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का शुद्ध घाटा ₹162.21 करोड़ था। यह वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹178.78 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹203.65 करोड़ हो गया।
दूसरी ओर, इसी अवधि में कंपनी की कुल आय में तेज वृद्धि हुई और वित्त वर्ष 2026 में यह ₹767.84 करोड़ तक पहुंच गई।
यानी कंपनी का कारोबार बढ़ रहा है, लेकिन बढ़ती आय अभी तक मुनाफे में तब्दील नहीं हो पा रही है। यही वजह है कि लिस्टिंग के बाद निवेशकों के लिए सिर्फ GMP या शुरुआती शेयर कीमत के बजाय कंपनी की कमाई, कैश फ्लो और कर्ज की स्थिति पर नजर रखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
कंपनी पर कितना कर्ज है?
मार्च 2026 तिमाही के अंत तक कंपनी पर करीब ₹6,884.34 करोड़ का कुल कर्ज था। वहीं, इसके रिजर्व और सरप्लस करीब ₹3,214.54 करोड़ थे।
कंपनी के आईपीओ से मिलने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने में इस्तेमाल होना है। ऐसे में आने वाले समय में कंपनी की बैलेंस शीट में कर्ज का बोझ कितना घटता है और ब्याज लागत पर इसका क्या असर पड़ता है, यह निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण निगरानी बिंदु रहेगा।
लिस्टिंग से पहले निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
ग्रे मार्केट में 2.5% का प्रीमियम बहुत बड़ा लिस्टिंग गेन नहीं दिखाता। इसके अलावा कंपनी लगातार घाटे में है और कर्ज भी काफी अधिक है। इसलिए सिर्फ GMP देखकर लिस्टिंग के दिन खरीदारी का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
निवेशकों को खास तौर पर इन बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- लिस्टिंग के समय कंपनी का वास्तविक वैल्यूएशन।
- कंपनी के घाटे में कमी आती है या नहीं।
- कर्ज घटने की रफ्तार।
- ब्याज लागत और कैश फ्लो।
- वेयरहाउसिंग और इंडस्ट्रियल रियल एस्टेट की मांग।
- लिस्टिंग के दिन शेयर बाजार का व्यापक रुख।
- बड़े संस्थागत निवेशकों की लिस्टिंग के बाद हिस्सेदारी और गतिविधियां।
निष्कर्ष: Horizon Industrial Parks की लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट संकेत सिर्फ करीब 2.5% प्रीमियम की ओर इशारा कर रहे हैं। कंपनी का कारोबार और आय जरूर बढ़ी है, लेकिन लगातार बढ़ता घाटा और भारी कर्ज निवेशकों के लिए बड़ी चुनौती हैं। इसलिए लिस्टिंग पर मिलने वाले छोटे-मोटे प्रीमियम को कंपनी की लंबी अवधि की निवेश क्षमता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। नई खरीदारी का फैसला करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज और भविष्य की कमाई की संभावनाओं का मूल्यांकन करना बेहतर रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और जोखिमों का स्वतंत्र रूप से आकलन करें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेशक को किसी शेयर में पैसा लगाने की व्यक्तिगत सलाह नहीं देता।


