SBI Cards Share Price: SBI Cards and Payment Services के शेयरों में 21 अगस्त को दबाव देखने को मिला। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने कंपनी के शेयर का टारगेट प्राइस ₹610 से घटाकर ₹430 कर दिया है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी है। नया टारगेट पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 33% नीचे है।
बीएसई पर कारोबार के दौरान SBI Cards का शेयर 1.4% तक गिरकर ₹637 के निचले स्तर पर पहुंच गया। बर्नस्टीन के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड इंडस्ट्री के बिजनेस मॉडल में हो रहे बदलाव का असर कंपनी की कमाई पर आगे भी बना रह सकता है।
क्रेडिट कार्ड बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
बर्नस्टीन का मानना है कि रिवॉल्वर-आधारित क्रेडिट कार्ड मॉडल में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। फिलहाल इस दबाव के कम होने या इसके उलटने के बहुत कम संकेत दिखाई दे रहे हैं।
रिवॉल्वर से ऐसे क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को समझा जाता है, जो हर महीने अपने पूरे बिल का भुगतान नहीं करते और बकाया रकम को आगे ले जाते हैं। इस बकाया राशि पर मिलने वाला ब्याज कार्ड कंपनियों की कमाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
SBI Cards का कारोबार मुख्य रूप से क्रेडिट कार्ड जारी करने पर केंद्रित है। ऐसे में ग्राहकों के इस व्यवहार में बदलाव का असर कंपनी पर दूसरी डायवर्सिफाइड वित्तीय कंपनियों की तुलना में ज्यादा पड़ सकता है।
Revolvers-to-Spends Ratio घटकर 2.8% हुआ
SBI Cards के लिए Revolvers-to-Spends Ratio जून 2026 तिमाही में घटकर 2.8% रह गया। बर्नस्टीन के अनुसार, रिवॉल्वर ग्राहकों में आई कमी से प्रति यूनिट खर्च पर कंपनी की कमाई प्रभावित हुई है।
खास बात यह है कि रिवॉल्वर सेगमेंट में आई गिरावट की भरपाई EMI लोन में बढ़ोतरी से भी नहीं हो सकी। कंपनी ने कम ऑपरेटिंग खर्च के जरिए कमाई पर पड़ने वाले असर को कुछ हद तक नियंत्रित किया, लेकिन ब्रोकरेज के मुताबिक अब दबाव फीस और नॉन-इंटरेस्ट इनकम-टू-स्पेंड्स रेश्यो तक पहुंचने लगा है।
NIM और कमाई पर दबाव की आशंका
बर्नस्टीन को अभी भी Revolvers-to-Spends Ratio में आगे और गिरावट का जोखिम दिखाई दे रहा है। इससे क्रेडिट कॉस्ट में सुधार के बावजूद कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और कमाई की ग्रोथ पर दबाव बना रह सकता है।
इसी वजह से ब्रोकरेज ने SBI Cards के लिए अपने Earnings Per Share (EPS) अनुमानों में भी कटौती की है। बर्नस्टीन के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड खर्च में बढ़ोतरी के बावजूद ग्राहकों के क्रेडिट व्यवहार में बदलाव कंपनी की कमाई की क्षमता के लिए चुनौती बना हुआ है।
6 महीने में 18% टूटा SBI Cards का शेयर
SBI Cards and Payment Services का मार्केट कैप करीब ₹61,400 करोड़ से ज्यादा है। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹10 है और यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है।
शेयर में पिछले 6 महीनों में करीब 18% की गिरावट आई है। वहीं, 2026 में अब तक SBI Cards का शेयर करीब 25% नीचे आ चुका है। जून 2026 के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 68.86% थी।
जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹664 करोड़
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में SBI Cards and Payment Services का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹5,040.55 करोड़ रहा। इस दौरान कंपनी ने ₹664.44 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया।
पूरे वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹19,899.63 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹2,166.71 करोड़ रहा।
कंपनी के मजबूत वित्तीय आंकड़ों के बावजूद ब्रोकरेज का फोकस अब क्रेडिट कार्ड खर्च के पैटर्न और रिवॉल्वर ग्राहकों में लगातार हो रही कमी पर है। यही वजह है कि बर्नस्टीन ने शेयर के वैल्यूएशन को लेकर सावधानी बरतते हुए टारगेट प्राइस में बड़ी कटौती की है।
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