Welspun Corp Share Price: वेलस्पन कॉर्प को अमेरिका स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से पाइप्स की सप्लाई करनी है। इस रिकॉर्ड ऑर्डर के बाद कंपनी की ग्लोबल ऑर्डर बुक बढ़कर करीब ₹42,100 करोड़ हो गई है।
स्टील पाइप बनाने वाली कंपनी Welspun Corp के शेयरों में शुक्रवार, 21 अगस्त को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर कारोबार के दौरान BSE पर पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 17% तक उछल गए। इस तेजी के साथ स्टॉक ने ₹2,343.35 का नया 52-वीक हाई भी बनाया।
शेयरों में आई इस जोरदार खरीदारी की सबसे बड़ी वजह कंपनी को मिला अब तक का सबसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट है। वेलस्पन कॉर्प ने एक दिन पहले स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी थी कि उसे करीब 1.8 अरब डॉलर यानी ₹17,200 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी को अमेरिका स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से पाइप्स की सप्लाई करनी है।
इस खबर के सामने आने के बाद निवेशकों का भरोसा कंपनी के कारोबार और भविष्य की ग्रोथ को लेकर मजबूत हुआ है। यही वजह है कि शुक्रवार को स्टॉक में तेज खरीदारी देखने को मिली।
₹17,200 करोड़ का मिला अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर
वेलस्पन कॉर्प ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कंपनी को करीब 1.8 अरब डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। भारतीय मुद्रा में इसकी वैल्यू करीब ₹17,200 करोड़ बैठती है।
कंपनी के मुताबिक इस ऑर्डर को वित्त वर्ष 2028 और वित्त वर्ष 2029 के बीच पूरा किया जाना है। यानी आने वाले वर्षों में इस कॉन्ट्रैक्ट का असर कंपनी के कारोबार और ऑर्डर एग्जीक्यूशन पर देखने को मिल सकता है।
इस ऑर्डर की एक खास बात यह है कि पाइप्स की सप्लाई अमेरिका में मौजूद कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से की जाएगी। अमेरिका में कंपनी की मौजूदगी वेलस्पन कॉर्प के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे कंपनी को बड़े इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स का फायदा उठाने में मदद मिलती है।
₹42,100 करोड़ पहुंची ग्लोबल ऑर्डर बुक
नए कॉन्ट्रैक्ट के बाद वेलस्पन कॉर्प की ग्लोबल ऑर्डर बुक बढ़कर करीब 4.4 अरब डॉलर यानी ₹42,100 करोड़ हो गई है।
किसी कंपनी की ऑर्डर बुक को उसके भविष्य के कारोबार का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। बड़ी ऑर्डर बुक का मतलब है कि कंपनी के पास आने वाले समय में काम और संभावित राजस्व का मजबूत आधार मौजूद है।
वेलस्पन कॉर्प के मामले में ₹42,100 करोड़ की ग्लोबल ऑर्डर बुक निवेशकों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी का कारोबार भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फैला हुआ है।
6 महीने में करीब 200% चढ़ चुका है शेयर
वेलस्पन कॉर्प के शेयर ने हाल के महीनों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। शुक्रवार की तेजी को शामिल करने से पहले ही स्टॉक में काफी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला था।
आंकड़ों के मुताबिक:
- 1 महीने में: करीब 44% तेजी
- 3 महीने में: करीब 76% तेजी
- 6 महीने में: करीब 199% तेजी
- 2 साल में: करीब 225% तेजी
- 3 साल में: करीब 639% तेजी
- 5 साल में: करीब 2000% तेजी
यानी पिछले कुछ वर्षों में वेलस्पन कॉर्प का शेयर मल्टीबैगर स्टॉक की कैटेगरी में रहा है। शुक्रवार की तेजी के दौरान शेयर ने ₹2,343.35 का नया 52-वीक हाई बनाया।
कंपनी का मार्केट कैप भी बढ़कर ₹61,500 करोड़ से ज्यादा हो गया है। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹5 है और यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है।
कंपनी में प्रमोटर्स की करीब 50% हिस्सेदारी
जून 2026 के अंत तक उपलब्ध शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक वेलस्पन कॉर्प में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 49.73% थी।
प्रमोटर हिस्सेदारी किसी कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। हालांकि, केवल प्रमोटर होल्डिंग के आधार पर किसी शेयर में निवेश का फैसला नहीं किया जाना चाहिए। निवेशकों को कंपनी के कर्ज, कैश फ्लो, मार्जिन, ऑर्डर बुक, वैल्यूएशन और भविष्य की कमाई जैसे कई अन्य पहलुओं को भी देखना चाहिए।
Welspun Corp की वित्तीय सेहत कैसी है?
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो अप्रैल-जून 2026 तिमाही में वेलस्पन कॉर्प का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹1,567.22 करोड़ रहा। इस दौरान कंपनी ने ₹115.84 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया।
कंपनी की प्रति शेयर आय यानी EPS ₹4.39 रही।
पूरे वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹8,299.37 करोड़ रहा। इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹1,013.52 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि EPS ₹38.47 रही।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी के कारोबार का आकार काफी बड़ा है और मजबूत ऑर्डर बुक भविष्य में कंपनी की कमाई के लिए अहम आधार बन सकती है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
वेलस्पन कॉर्प के शेयर में रिकॉर्ड ऑर्डर मिलने के बाद आई तेजी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। हालांकि, शेयर में पहले ही काफी तेज रैली हो चुकी है और 6 महीने में करीब 200% की बढ़त के बाद स्टॉक में वैल्यूएशन और मुनाफावसूली का जोखिम भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
निवेशकों को केवल एक बड़े ऑर्डर या एक दिन की तेजी देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी की आगामी तिमाहियों में ऑर्डर एग्जीक्यूशन, मार्जिन, कैश फ्लो और मुनाफे की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
Disclaimer: इस लेख में शेयर से जुड़ी जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in की ओर से किसी भी स्टॉक में निवेश करने की सलाह नहीं दी जाती है।


