IT Shares Prices: आईटी सेक्टर के शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की ताजा रिपोर्ट अहम है। ब्रोकरेज ने कई प्रमुख आईटी कंपनियों पर अपनी रेटिंग में बदलाव किया है। इनमें Infosys, TCS और LTIMindtree जैसे बड़े नाम शामिल हैं। खास बात यह है कि Infosys और TCS पर जहां पहले Buy की राय थी, वहीं अब दोनों शेयरों पर Add की रेटिंग दी गई है। दूसरी ओर, LTIMindtree पर ब्रोकरेज का रुख और ज्यादा कमजोर हुआ है।
Infosys पर Buy से Add की रेटिंग
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने Infosys को डाउनग्रेड करते हुए अब Add रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर के लिए ₹1,200 का टारगेट प्राइस तय किया है। पहले Infosys पर ब्रोकरेज की राय Buy की थी।
इसी तरह TCS पर भी ब्रोकरेज ने Add रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,450 का टारगेट प्राइस दिया है। इन बदलावों से संकेत मिलता है कि ब्रोकरेज को आईटी कंपनियों की निकट अवधि की ग्रोथ को लेकर पहले की तुलना में कम भरोसा है।
LTIMindtree पर सबसे ज्यादा सतर्क कोटक
LTIMindtree को लेकर कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का रुख सबसे ज्यादा नकारात्मक हुआ है। ब्रोकरेज ने इसकी रेटिंग Reduce से घटाकर Sell कर दी है। इसके साथ शेयर का टारगेट प्राइस ₹4,150 रखा गया है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, शेयर में तेजी के बाद इसका वैल्यूएशन काफी महंगा हो गया है। ऐसे में मौजूदा स्तरों पर इसमें जोखिम और बढ़ सकता है।
IT शेयरों में पहले ही आई बड़ी गिरावट
कोटक का यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब भारतीय आईटी शेयरों में पहले ही काफी दबाव देखने को मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के दिनों में आईटी शेयरों में करीब 15% से 35% तक की गिरावट देखने को मिली है।
इससे पहले विदेशी ब्रोकरेज फर्म CLSA ने भी आईटी सेक्टर पर सावधानी बरतने की सलाह दी थी। CLSA ने TCS, Infosys और Tech Mahindra की रेटिंग घटाकर Hold कर दी थी। वहीं Wipro और Mphasis पर Underperform की रेटिंग दी गई थी।
21 अगस्त को भी IT Index में दिखी कमजोरी
21 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव नजर आया। दोपहर करीब 1 बजे Nifty IT Index 0.11% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान एक समय इंडेक्स करीब 0.47% तक नीचे चला गया था, हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली।
Infosys, HCL Technologies और Tech Mahindra जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में भी कमजोरी दिखाई दी।
इस साल करीब 19% गिरा Nifty IT Index
आईटी सेक्टर के कमजोर प्रदर्शन का अंदाजा Nifty IT Index से भी लगाया जा सकता है। इस साल अब तक Nifty IT Index में करीब 19% की गिरावट आई है, जबकि इसी अवधि में Nifty 50 करीब 7.3% नीचे रहा है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि आईटी कंपनियों के सामने प्राइसिंग का दबाव बना हुआ है। इसके अलावा कंपनियों की ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए डील फ्लो भी पर्याप्त नहीं दिखाई दे रहा है।
AI और Open-Source मॉडल्स भी बढ़ा रहे हैं चिंता
आईटी कंपनियों के कारोबार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ओपन-सोर्स मॉडल्स के प्रभाव को लेकर भी ब्रोकरेज ने चिंता जताई है। AI के बढ़ते इस्तेमाल से आईटी सर्विसेज की जरूरत और काम करने के तरीके में बदलाव आ सकता है।
ब्रोकरेज का मानना है कि ओपन-सोर्स मॉडल्स के इस्तेमाल से सर्विसेज की इंटेंसिटी बढ़ सकती है और कंपनियों को अपने मौजूदा बिजनेस मॉडल में बदलाव करना पड़ सकता है। इसका असर आने वाले समय में आईटी कंपनियों की कीमतों और मार्जिन पर पड़ सकता है।
2026 में Infosys और TCS के शेयरों का प्रदर्शन
2026 में अब तक कई दिग्गज आईटी शेयरों में भारी गिरावट आई है। TCS के शेयर में करीब 29% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि Infosys का शेयर 30% से ज्यादा टूट चुका है।
Tech Mahindra में भी इस साल करीब 0.9% की गिरावट आई है। हालांकि, सभी आईटी शेयरों का प्रदर्शन कमजोर नहीं रहा है। Coforge के शेयर में इस दौरान करीब 13.5% की तेजी आई है, जबकि LTIMindtree में करीब 2% की बढ़त देखने को मिली है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
कोटक की रिपोर्ट से साफ है कि ब्रोकरेज हाउस फिलहाल आईटी सेक्टर में चुनिंदा शेयरों को लेकर सावधानी बरत रहा है। खासकर उन कंपनियों के लिए चुनौती बढ़ सकती है जिनके वैल्यूएशन ज्यादा हैं और जिनकी ग्रोथ पर AI, प्राइसिंग प्रेशर और कमजोर डील फ्लो का असर पड़ सकता है।
हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश का फैसला केवल ब्रोकरेज रेटिंग के आधार पर नहीं करना चाहिए। निवेशकों को कंपनी के वैल्यूएशन, तिमाही नतीजों, ऑर्डर बुक, मार्जिन, AI से जुड़े अवसरों और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए ब्रोकरेज अनुमान और टारगेट प्राइस बाजार की परिस्थितियों के साथ बदल सकते हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


