Milky Mist Dairy Share Price: मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयरों में लिस्टिंग के बाद लगातार दूसरे दिन जोरदार तेजी देखने को मिली। 19 अगस्त को शेयर करीब 10 फीसदी चढ़कर अपर सर्किट पर पहुंच गया। कंपनी के शेयर का भाव करीब ₹199.55 के स्तर तक पहुंच गया, जिससे कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹15,362.23 करोड़ हो गया। आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों के लिए यह लगातार दूसरा शानदार कारोबारी सत्र रहा।
लिस्टिंग के अगले दिन भी शेयर में जबरदस्त तेजी
Milky Mist Dairy Food के शेयरों की 18 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंज पर मजबूत लिस्टिंग हुई थी। कंपनी ने आईपीओ में शेयर का इश्यू प्राइस ₹140 तय किया था, जबकि लिस्टिंग के बाद कारोबार के अंत में शेयर एनएसई पर ₹181.50 के भाव पर बंद हुआ। यानी आईपीओ निवेशकों को पहले ही दिन करीब 30 फीसदी का लिस्टिंग गेन मिला।
इसके बाद 19 अगस्त को भी शेयर में तेजी जारी रही। कारोबार के दौरान मिल्की मिस्ट डेयरी फूड का शेयर करीब 10 फीसदी चढ़ गया और अपर सर्किट लग गया। शेयर का भाव लगभग ₹199.55 तक पहुंच गया। इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹15,362.23 करोड़ हो गया।
इस तरह आईपीओ के इश्यू प्राइस ₹140 के मुकाबले शेयर का भाव करीब ₹60 ऊपर पहुंच चुका है। यानी आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को दो कारोबारी सत्रों में ही अच्छा रिटर्न मिला है।
56 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के आईपीओ को निवेशकों की तरफ से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। कंपनी का इश्यू कुल 56.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹133 से ₹140 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।
आईपीओ के तहत कंपनी ने करीब ₹1,428 करोड़ के नए शेयर जारी किए थे, जबकि ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए करीब ₹125 करोड़ के शेयर पेश किए गए। इस तरह इश्यू का कुल आकार लगभग ₹1,553 करोड़ रहा।
यह आईपीओ भारतीय डेयरी सेक्टर के लिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि मिल्की मिस्ट का इश्यू देश की बड़ी डेयरी कंपनियों के बीच एक प्रमुख पब्लिक इश्यू के रूप में सामने आया।
IPO से मिले पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी ने आईपीओ से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। इनमें कंपनी के कर्ज को कम करना, कारोबार का विस्तार करना और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं को आधुनिक बनाना शामिल है।
तमिलनाडु के पेरुंदुरई में कंपनी का प्रमुख प्लांट है। मिल्की मिस्ट अपने कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करने पर काम कर रही है। कंपनी की विस्तार योजना में whey protein concentrate, yoghurt और cream cheese जैसे उत्पादों के लिए नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित करना शामिल है।
पनीर से लेकर आइसक्रीम तक बनाती है कंपनी
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड की शुरुआत तमिलनाडु के इरोड से हुई थी। कंपनी का फोकस मुख्य रूप से वैल्यू-ऐडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर है। इसके पोर्टफोलियो में पनीर, चीज, दही, योगर्ट, बटर, घी और आइसक्रीम जैसे उत्पाद शामिल हैं।
कंपनी का बिजनेस मॉडल पारंपरिक लिक्विड मिल्क से अलग है। मिल्की मिस्ट मुख्य रूप से ऐसे डेयरी उत्पादों पर फोकस करती है जिनमें दूध को ज्यादा वैल्यू वाले फूड प्रोडक्ट्स में बदला जाता है।
देश में पैकेज्ड और वैल्यू-ऐडेड डेयरी प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ने के साथ इस सेगमेंट में कंपनियों के लिए विस्तार की संभावनाएं बनी हुई हैं। हालांकि, शेयर में तेज लिस्टिंग के बाद निवेशकों को कंपनी के कारोबार, वैल्यूएशन और भविष्य की कमाई पर भी नजर रखनी होगी।
शेयर बाजार में लगातार छठे दिन दबाव
19 अगस्त को मिल्की मिस्ट के शेयर में तेजी ऐसे समय आई, जब व्यापक शेयर बाजार में दबाव बना हुआ था। सुबह करीब 11 बजे निफ्टी 0.45 फीसदी यानी 108 अंक गिरकर 24,046 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं सेंसेक्स करीब 371 अंक टूटकर 76,851 के स्तर पर था।
बैंक निफ्टी में भी कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहा था।
ऐसे कमजोर बाजार माहौल के बीच मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर में अपर सर्किट लगना निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी को दिखाता है। हालांकि, लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयर में आई तेज तेजी के बाद आगे कारोबार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। इसलिए निवेशकों को केवल शुरुआती लिस्टिंग गेन के बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और वैल्यूएशन को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए।


