Credit Card Late Payment Charge: क्रेडिट कार्ड बिल में सिर्फ 46 पैसे की कमी एक ग्राहक को भारी पड़ गई। ₹10,649.46 के बिल में उसने ₹10,649 का भुगतान किया, जिसके बाद बैंक की ओर से ₹1,200 से अधिक के लेट पेमेंट चार्ज और अन्य फीस लगाए जाने का दावा किया गया। मामला सोशल मीडिया पर पहुंचा तो यूजर्स दो गुटों में बंट गए।
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय बिल की रकम में मामूली सी गलती भी कभी-कभी महंगी पड़ सकती है। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया, जहां एक ग्राहक ने दावा किया कि उसके क्रेडिट कार्ड बिल में महज 46 पैसे की कमी रह गई, लेकिन इसके बाद उस पर ₹1,200 से अधिक के लेट पेमेंट चार्ज और अन्य फीस लगा दी गई।
ग्राहक ने इस मामले को लेकर HDFC Bank को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने बैंक की व्यवस्था पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने ग्राहक को ही भुगतान में हुई गलती के लिए जिम्मेदार ठहराया।
₹10,649.46 का था क्रेडिट कार्ड बिल
Dear HDFC Bank. @HDFC_Bank
You sent me a credit card bill for INR 10,649 – 46 (paise)
By error – I paid INR 10,649/-00 (missing out 46 paise)
And you have slapped me with over INR 1200/- late payment charges etc for miss of 46 PAISE??
And your customer service people are as…
— Dr Samir Kagalkar (@SamirKagalkar) August 18, 2026 वायरल पोस्ट के मुताबिक, ग्राहक को बैंक की ओर से ₹10,649.46 का क्रेडिट कार्ड बिल मिला था। भुगतान करते समय उसने ₹10,649 की रकम जमा कर दी। इस तरह बिल की कुल रकम में सिर्फ 46 पैसे कम रह गए।
ग्राहक का दावा है कि इस मामूली बकाया के बाद उसके खाते में ₹1,200 से अधिक के लेट पेमेंट चार्ज और अन्य शुल्क जोड़ दिए गए। इसी बात को लेकर उसने सोशल मीडिया पर बैंक से चार्ज वापस लेने की मांग की।
ग्राहक ने अपनी पोस्ट में बताया कि उसने जानबूझकर भुगतान कम नहीं किया था, बल्कि दशमलव के बाद की रकम छूट गई थी। उसने बैंक से सवाल किया कि 46 पैसे की कमी के लिए इतना बड़ा चार्ज क्यों लगाया गया और क्या बैंक इसे रिवर्स करेगा।
कस्टमर सपोर्ट पर भी निकाली भड़ास
मामले को लेकर ग्राहक ने बैंक के कस्टमर सपोर्ट अनुभव पर भी नाराजगी जताई। उसने आरोप लगाया कि ग्राहक सेवा से जुड़े प्रतिनिधियों का रवैया सहयोग करने वाला नहीं था।
सोशल मीडिया पोस्ट के सामने आने के बाद दूसरे यूजर्स ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने बैंक के इस तरह के चार्ज को अनुचित बताया, जबकि कुछ ने कहा कि क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों को बिल की पूरी रकम समय पर चुकाने में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर यूजर्स की अलग-अलग राय
वायरल पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कई यूजर्स ने ग्राहक का समर्थन किया। एक यूजर ने सलाह दी कि क्रेडिट कार्ड बंद कर देना चाहिए और बैंक को यह साबित करना चाहिए कि 46 पैसे की कमी पर इतना बड़ा शुल्क कैसे बन गया।
कुछ यूजर्स ने राउंड-ऑफ को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इतनी छोटी राशि के मामले में ग्राहकों को राहत मिलनी चाहिए।
हालांकि, सभी यूजर्स ग्राहक के पक्ष में नहीं थे। कुछ लोगों ने कहा कि क्रेडिट कार्ड का बिल कितना भी छोटा क्यों न हो, ग्राहक की जिम्मेदारी है कि वह Total Amount Due की पूरी रकम का भुगतान करे। उनके मुताबिक, भुगतान करते समय दशमलव के बाद की रकम को नजरअंदाज करना गलती हो सकती है।
क्या 46 पैसे की कमी पर लेट फीस लग सकती है?
इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि अगर क्रेडिट कार्ड बिल में 1 रुपये से भी कम राशि बकाया रह जाए, तो क्या बैंक लेट पेमेंट चार्ज लगा सकता है?
इसका जवाब केवल वायरल पोस्ट के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले शुल्क बैंक की शर्तों, कार्ड के नियमों और लागू नियामकीय प्रावधानों पर निर्भर करते हैं। इसलिए किसी खास मामले में चार्ज सही है या गलत, यह जानने के लिए संबंधित बैंक के स्टेटमेंट, कार्ड की फीस संरचना और लागू नियमों को देखना जरूरी है।
सिर्फ इस वायरल मामले के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि हर बैंक 1 रुपये से कम की कमी पर निश्चित रूप से ₹1,200 का चार्ज लगाएगा।
क्रेडिट कार्ड बिल भरते समय इन गलतियों से बचें
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले लोगों को बिल भुगतान में छोटी से छोटी गलती से भी बचना चाहिए। इसके लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाई जा सकती हैं।
1. Total Amount Due की पूरी रकम चुकाएं
मैनुअल पेमेंट करते समय क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में दिखाई गई Total Amount Due को ध्यान से देखें। रकम में दशमलव हो तो उसे भी नजरअंदाज न करें।
2. ऑटो-डेबिट का इस्तेमाल करें
अगर संभव हो तो बैंक खाते से क्रेडिट कार्ड बिल के Total Amount Due का ऑटो-डेबिट सेट किया जा सकता है। इससे भुगतान की रकम में गलती होने की संभावना कम हो जाती है।
3. पेमेंट के बाद स्टेटमेंट जरूर जांचें
भुगतान करने के बाद क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट या बैंकिंग ऐप में यह जरूर जांच लें कि पूरा भुगतान दर्ज हुआ है या नहीं। अगर कोई छोटी रकम भी बकाया दिख रही है तो उसे तुरंत जमा करें।
4. गलती होने पर तुरंत बैंक से संपर्क करें
अगर भुगतान में गलती हो गई है और बैंक ने लेट फीस लगा दी है, तो सबसे पहले कस्टमर केयर या बैंक के संबंधित शिकायत निवारण अधिकारी से संपर्क करें। ग्राहक अपने मामले की परिस्थितियों के आधार पर चार्ज रिवर्स करने का अनुरोध कर सकता है।
5. शिकायत का रिकॉर्ड रखें
बैंक से शिकायत करते समय ईमेल, शिकायत नंबर, स्टेटमेंट और भुगतान की रसीद जैसे रिकॉर्ड संभालकर रखें। अगर मामला आगे बढ़ता है तो ये दस्तावेज काम आ सकते हैं।
RBI से शिकायत का विकल्प भी मौजूद
अगर ग्राहक बैंक के शिकायत निवारण तंत्र के जरिए अपनी समस्या का समाधान नहीं करा पाता, तो लागू शर्तों के तहत RBI के Integrated Ombudsman Scheme के माध्यम से शिकायत करने का विकल्प मौजूद हो सकता है।
हालांकि, शिकायत करने से पहले बैंक के आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र में शिकायत दर्ज करना और संबंधित जवाब या शिकायत नंबर सुरक्षित रखना जरूरी है।
वायरल पोस्ट की पुष्टि जरूरी
यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुई ग्राहक की पोस्ट पर आधारित है। ग्राहक ने बैंक पर 46 पैसे की कमी के बाद ₹1,200 से अधिक के चार्ज लगाए जाने का दावा किया है। ऐसे मामलों में बैंक के वास्तविक स्टेटमेंट, शुल्क का विवरण और बैंक की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
इसलिए क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि वे हर महीने बिल की पूरी देय राशि समय पर जमा करें और भुगतान के बाद स्टेटमेंट जरूर जांच लें।
Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर सामने आए यूजर के दावे पर आधारित है। बैंक की ओर से इस खास मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। क्रेडिट कार्ड से जुड़े शुल्क और नियम कार्ड के प्रकार, बैंक की शर्तों और लागू नियामकीय प्रावधानों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। किसी वित्तीय निर्णय से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।


