PNG Incentive Scheme: सरकार के इस फैसले से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है। 1 सितंबर से लागू होने वाली नई इंसेंटिव स्कीम के तहत नए घरेलू PNG कनेक्शन देने वाली कंपनियों को हर नए भुगतान करने वाले कनेक्शन पर 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) अतिरिक्त सस्ती APM गैस मिलेगी। इस ऐलान के बाद IGL, MGL और अदाणी टोटल गैस जैसे City Gas Distribution Stocks में तेजी देखने को मिली।
घरेलू रसोई में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की पहुंच बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नई PNG इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दी है, जिसे 1 सितंबर 2026 से लागू किया जाएगा। इसका सीधा फायदा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन यानी CGD कंपनियों को मिलने की उम्मीद है।
नई योजना के तहत जो कंपनियां नए घरेलू ग्राहकों को PNG नेटवर्क से जोड़ेंगी और उनसे गैस का भुगतान शुरू होगा, उन्हें प्रत्येक ऐसे कनेक्शन पर 200 SCM अतिरिक्त APM गैस उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे कंपनियों को नए कनेक्शन लगाने में होने वाला खर्च जल्दी निकालने में मदद मिलेगी और घरों तक PNG नेटवर्क का विस्तार तेज होगा।
इस घोषणा का असर शेयर बाजार में भी दिखाई दिया। इंद्रप्रस्थ गैस (IGL), महानगर गैस (MGL) और अदाणी टोटल गैस के शेयरों में तेजी देखने को मिली। कारोबारी सत्र के दौरान IGL में करीब 4.30 फीसदी, MGL में 3.74 फीसदी और अदाणी टोटल गैस में 2.36 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई।
1 सितंबर से लागू होगी PNG इंसेंटिव स्कीम
सरकार की नई योजना का मुख्य उद्देश्य घरेलू PNG कनेक्शनों की संख्या बढ़ाना है। इसके तहत CGD कंपनियों को नए घरेलू कनेक्शन जोड़ने पर अतिरिक्त सस्ती घरेलू गैस मिलेगी।
सरकार के मुताबिक, इस इंसेंटिव से कंपनियों के लिए नए कनेक्शन में निवेश करना ज्यादा आकर्षक होगा। खास तौर पर ऐसे इलाकों में जहां पाइपलाइन नेटवर्क तो मौजूद है, लेकिन अभी तक पर्याप्त संख्या में घर PNG का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।
इस योजना को छह महीने की अवधि में दो चरणों में लागू किया जाएगा। इससे कंपनियों को चरणबद्ध तरीके से नए कनेक्शन बढ़ाने और मौजूदा नेटवर्क का बेहतर इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा।
200 SCM अतिरिक्त APM गैस से क्या होगा फायदा?
नई व्यवस्था में हर ऐसे घरेलू PNG कनेक्शन पर 200 SCM अतिरिक्त APM गैस उपलब्ध कराने का प्रावधान है, जो नया कनेक्शन लेने के बाद वास्तविक रूप से गैस का इस्तेमाल शुरू करता है और भुगतान करता है।
इसका फायदा CGD कंपनियों की गैस खरीद लागत कम होने के रूप में मिल सकता है। कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती घरेलू कनेक्शन लगाने के शुरुआती निवेश को जल्दी रिकवर करना होती है। सरकार के अनुसार, अतिरिक्त सस्ती गैस से इस निवेश की वसूली की अवधि काफी घट सकती है।
यही वजह है कि इस योजना को PNG सेक्टर के लिए बड़ा प्रोत्साहन माना जा रहा है।
10 साल से घटकर 3 साल हो सकता है पेबैक पीरियड
घरेलू PNG कनेक्शन बढ़ाने में CGD कंपनियों के लिए सबसे बड़ी अड़चनों में से एक लंबा पेबैक पीरियड है। सरकार के अनुसार, अभी घरेलू PNG कनेक्शन पर किए गए निवेश को रिकवर करने में करीब 10 साल लग सकते हैं।
नई इंसेंटिव स्कीम से यह अवधि घटकर करीब 3 साल तक आ सकती है।
अगर ऐसा होता है तो कंपनियों के लिए नए घरेलू कनेक्शन जोड़ना आर्थिक रूप से ज्यादा फायदेमंद हो जाएगा। इससे पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार और घरों में PNG की पहुंच बढ़ाने की रफ्तार तेज हो सकती है।
IGL, MGL और अदाणी टोटल गैस को क्यों फायदा?
नई स्कीम का सबसे सीधा फायदा देश की प्रमुख CGD कंपनियों को मिलने की उम्मीद है। इनमें Indraprastha Gas, Mahanagar Gas और Adani Total Gas प्रमुख नाम हैं।
इन कंपनियों के कारोबार में घरेलू PNG की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए अगर सरकार की योजना के तहत नए घरेलू कनेक्शन तेजी से बढ़ते हैं, तो इनके गैस वॉल्यूम और ग्राहक आधार में भी वृद्धि हो सकती है।
इसी उम्मीद के चलते घोषणा के बाद इन शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
हालांकि, शेयरों में तेजी का मतलब यह नहीं है कि भविष्य में भी इनकी कीमत निश्चित रूप से बढ़ेगी। निवेशकों को कंपनी के वैल्यूएशन, गैस की कीमत, मार्जिन, प्रतिस्पर्धा और नियामकीय बदलाव जैसे अन्य कारकों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
सरकार राज्यों से VAT घटाकर 5% करने को कह रही
PNG को ज्यादा किफायती बनाने के लिए केंद्र सरकार केवल CGD कंपनियों को इंसेंटिव देने तक सीमित नहीं है। सरकार ने राज्यों से प्राकृतिक गैस पर VAT को घटाकर 5 फीसदी करने की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया है।
अलग-अलग राज्यों में प्राकृतिक गैस पर टैक्स की दर अलग होने से PNG की अंतिम कीमत पर असर पड़ता है। VAT कम होने से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए PNG ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकती है।
सरकार का कहना है कि कई राज्यों ने पहले ही प्राकृतिक गैस पर VAT कम किया है।
LPG के मुकाबले PNG को बढ़ावा देने की कोशिश
भारत में घरेलू खाना पकाने के लिए LPG का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। लेकिन LPG की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करना पड़ता है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, भारत अपनी LPG जरूरत का लगभग 60 फीसदी हिस्सा आयात करता है।
2025 में भारत ने करीब 22 मिलियन मीट्रिक टन LPG का आयात किया था, जिसके लिए लगभग 12 अरब डॉलर खर्च हुए। इसमें बड़ी मात्रा में आयात मिडिल ईस्ट से किया गया।
ऐसे में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मिडिल ईस्ट में संघर्ष जैसी परिस्थितियों में LPG सप्लाई और कीमतों को लेकर जोखिम बढ़ सकता है।
PNG नेटवर्क को बढ़ावा देने का एक उद्देश्य घरेलू ईंधन के विकल्पों को मजबूत करना और LPG आयात पर निर्भरता तथा सब्सिडी से जुड़े खर्च को कम करना भी है।
देश में अभी कितने PNG और LPG कनेक्शन?
सरकार के मुताबिक, भारत में अभी करीब 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन हैं। इसके मुकाबले 1 जुलाई तक देश में लगभग 33.14 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG ग्राहक थे।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि PNG का घरेलू बाजार अभी LPG की तुलना में काफी छोटा है। यही वजह है कि सरकार के सामने PNG नेटवर्क को बड़े पैमाने पर विस्तार देने की बड़ी संभावना मौजूद है।
अगर नई योजना के बाद CGD कंपनियां तेजी से नए कनेक्शन जोड़ती हैं, तो आने वाले वर्षों में घरेलू PNG का ग्राहक आधार काफी बढ़ सकता है।
पुराने कनेक्शनों को भी एक्टिव करने पर जोर
सरकार की योजना केवल नए घरों को PNG से जोड़ने तक सीमित नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, यह योजना शहरों में गैस वितरकों को निष्क्रिय पड़े पाइप कनेक्शनों को दोबारा चालू करने और उन्हें भुगतान करने वाले ग्राहकों में बदलने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी।
इसका मतलब है कि कंपनियां अपने मौजूदा नेटवर्क से ज्यादा गैस वॉल्यूम हासिल कर सकती हैं, बिना हर मामले में नए सिरे से पूरा नेटवर्क बनाने की जरूरत के।
कंपनियां पहले भी दे चुकी हैं इंसेंटिव
मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने के बाद PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए गैस सेक्टर की कुछ कंपनियों ने अपने स्तर पर भी कदम उठाए हैं।
इंद्रप्रस्थ गैस, महानगर गैस, GAIL और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियों ने घरेलू PNG कनेक्शन को प्रोत्साहित करने के लिए इंस्टॉलेशन चार्ज में कटौती जैसे उपाय किए हैं।
अब केंद्र की नई इंसेंटिव स्कीम इन प्रयासों को अतिरिक्त आर्थिक समर्थन दे सकती है।
PNG सेक्टर और CGD शेयरों के लिए क्या मायने?
नई इंसेंटिव स्कीम को घरेलू PNG बाजार के लिए सकारात्मक कदम माना जा सकता है। यदि इससे नए कनेक्शनों की संख्या बढ़ती है और मौजूदा निष्क्रिय कनेक्शन एक्टिव होते हैं, तो CGD कंपनियों के गैस वॉल्यूम में सुधार हो सकता है।
साथ ही, सस्ती APM गैस की उपलब्धता से कंपनियों की गैस खरीद लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। निवेश पर तेजी से रिटर्न मिलने की स्थिति में कंपनियां नए इलाकों में पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार को भी तेज कर सकती हैं।
यही कारण है कि IGL, MGL और अदाणी टोटल गैस जैसे शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी सरकारी योजना की घोषणा अकेले शेयर की भविष्य की दिशा तय नहीं करती। गैस की कीमतों, कंपनी के मार्जिन, वैल्यूएशन, वॉल्यूम ग्रोथ और व्यापक बाजार के रुझान को भी निवेश का फैसला लेते समय देखना जरूरी है।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार की नई PNG इंसेंटिव स्कीम घरेलू पाइप्ड गैस नेटवर्क के विस्तार को गति देने की कोशिश है। 1 सितंबर से लागू होने वाली इस योजना में नए भुगतान करने वाले घरेलू PNG कनेक्शन पर 200 SCM अतिरिक्त APM गैस देने का प्रावधान है।
सरकार को उम्मीद है कि इससे CGD कंपनियों का पेबैक पीरियड करीब 10 साल से घटकर 3 साल तक आ सकता है। साथ ही, राज्यों से प्राकृतिक गैस पर VAT को 5 फीसदी तक लाने की अपील भी PNG को उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा किफायती बनाने में मदद कर सकती है।
अगर योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है और घरेलू PNG कनेक्शनों की संख्या तेजी से बढ़ती है, तो इसका फायदा गैस वितरण कंपनियों के कारोबार को मिल सकता है। यही वजह है कि घोषणा के बाद IGL, MGL और अदाणी टोटल गैस के शेयरों में तेजी देखने को मिली।


