ONGC Share Price: सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ONGC के शेयरों में 19 अगस्त को तेजी देखने को मिली। इस बीच ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ONGC के लिए ₹290 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, कंपनी का मौजूदा रिस्क-रिवॉर्ड निवेशकों के लिए आकर्षक नजर आ रहा है।
ब्रोकरेज की तेजी की उम्मीद के पीछे मुख्य रूप से ONGC की मजबूत डिविडेंड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतों को लेकर सकारात्मक अनुमान और विदेशी कारोबार ONGC Videsh Limited (OVL) में सुधार जैसे कारण हैं।
ONGC में निवेश को लेकर क्यों बुलिश है ब्रोकरेज?
मोतीलाल ओसवाल ने ONGC को लेकर तीन प्रमुख कारण गिनाए हैं, जो आने वाले समय में शेयर के प्रदर्शन को सपोर्ट कर सकते हैं।
1. करीब 7% की आकर्षक डिविडेंड यील्ड
ONGC की सबसे बड़ी खासियतों में उसकी डिविडेंड देने की क्षमता शामिल है। ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी की एक साल की फॉरवर्ड डिविडेंड यील्ड करीब 6.9% है, जो पिछले तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर है।
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि पिछले एक दशक में यह स्तर केवल दो बार देखने को मिला है। ये दोनों मौके कोविड-19 महामारी और विंडफॉल टैक्स के दौर से जुड़े थे। यानी मौजूदा डिविडेंड यील्ड को कंपनी की पेआउट पॉलिसी में किसी बड़े संरचनात्मक बदलाव का नतीजा नहीं माना जा रहा है।
इस लिहाज से ONGC उन निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है, जो शेयर की कीमत में संभावित बढ़त के साथ-साथ नियमित डिविडेंड इनकम को भी महत्व देते हैं।
2. कच्चे तेल की कीमतों से मिल सकता है फायदा
ONGC के प्रदर्शन पर कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर पड़ता है। ब्रोकरेज के अनुसार, वैश्विक एजेंसियां अब क्रूड ऑयल की कीमतों को लेकर पहले की तुलना में ज्यादा सकारात्मक नजर आ रही हैं।
अमेरिकी एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) ने CY26 और CY27 के लिए ब्रेंट क्रूड का अनुमान बढ़ाकर क्रमशः 87 डॉलर और 69 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है।
वहीं, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने CY26 में संभावित सप्लाई डेफिसिट का अनुमान बढ़ाकर 2.7 मिलियन बैरल प्रति दिन कर दिया है।
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा पूरी तरह खुल भी जाता है, तब भी कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। इसका एक बड़ा कारण वैश्विक तेल इन्वेंट्री का अपेक्षाकृत निचले स्तर पर होना है। ब्रोकरेज के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से ग्लोबल इन्वेंट्री करीब 410 मिलियन बैरल घट चुकी है।
अगर क्रूड की कीमतें मजबूत रहती हैं तो ONGC के अपस्ट्रीम कारोबार को इससे सपोर्ट मिल सकता है।
3. ONGC Videsh में सुधार से बढ़ सकती है वैल्यू
मोतीलाल ओसवाल को ONGC की विदेशी शाखा ONGC Videsh Limited (OVL) के प्रदर्शन में भी सुधार की उम्मीद है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, पिछले दो क्वार्टर में OVL के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है। इसके अलावा कंपनी के कई एसेट्स अब डेवलपमेंट फेज में पहुंच रहे हैं। अगर इन परिसंपत्तियों से बेहतर रन-रेट बनी रहती है तो ONGC के मौजूदा टारगेट प्राइस में करीब ₹15 प्रति शेयर तक का अतिरिक्त मूल्य जुड़ सकता है।
ब्रोकरेज इस संभावित वैल्यू को करीब 8x प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) के आधार पर देख रहा है।
ONGC का वैल्यूएशन भी आकर्षक
मोतीलाल ओसवाल ने इससे पहले भी ONGC की रेटिंग अपग्रेड की थी। इसके पीछे कंपनी का सस्ता वैल्यूएशन, उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी और देश की एनर्जी सिक्योरिटी पर सरकार का लंबे समय से जारी फोकस जैसे कारण बताए गए थे।
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26-FY28E के दौरान ONGC का प्रोडक्शन करीब 1% CAGR की दर से बढ़ सकता है।
वैल्यूएशन की बात करें तो ONGC फिलहाल FY28E के अनुमानित 5.7x कंसोलिडेटेड P/E पर कारोबार कर रहा है। यह कंपनी के लंबे समय के एक साल के फॉरवर्ड P/E औसत 6.5x से कम है।
यानी ब्रोकरेज की नजर में कंपनी का मौजूदा वैल्यूएशन अभी भी अपेक्षाकृत सस्ता है।
ब्रेंट क्रूड को लेकर बाजार का अनुमान बहुत सतर्क?
मोतीलाल ओसवाल ने ONGC के लिस्टेड निवेशों की करीब ₹65 प्रति शेयर की वैल्यू और OVL की करीब ₹23 प्रति शेयर की वैल्यू को अलग करने के बाद कंपनी के मौजूदा मूल्यांकन का आकलन किया है।
ब्रोकरेज के अनुसार, बाजार फिलहाल 2QFY27-FY28 के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत को सिर्फ 65 डॉलर प्रति बैरल मानकर चल रहा है। मोतीलाल ओसवाल को यह अनुमान मौजूदा इंडस्ट्री परिस्थितियों को देखते हुए काफी सतर्क लगता है।
अगर कच्चे तेल की कीमतें इस अनुमान से ऊपर बनी रहती हैं तो ONGC के लिए संभावित रूप से बेहतर कमाई का माहौल बन सकता है।
असम में ONGC को मिला नया गैस कनेक्शन
ONGC ने 18 अगस्त को असम के गोलाघाट जिले में खोराघाट GGS-1 पर गैस इवैक्यूएशन सुविधाओं के सफलतापूर्वक चालू होने की जानकारी दी।
यह सुविधा अपर असम शेल्फ से जुड़ी अतिरिक्त नेचुरल गैस को प्रोसेस करने और नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड (NEGG) के जरिए बाहर भेजने में मदद करेगी। NEGG को इंद्रधनुष गैस ग्रिड लिमिटेड (IGGL) ने विकसित किया है।
यह विकास डेरगांव-दीमापुर पाइपलाइन के चालू होने के बाद हुआ है। इस पाइपलाइन ने नागालैंड को नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड और नेशनल गैस ग्रिड से जोड़ने में मदद की है।
नई कनेक्टिविटी से ONGC के जोरहाट एसेट से रोजाना करीब 1 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) गैस की खपत और निकासी को आसान बनाने में मदद मिलेगी।
गैस उत्पादन बढ़ाने पर भी कंपनी का फोकस
ONGC अपने जोरहाट एसेट से अतिरिक्त उत्पादन वाले क्षेत्रों को नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड से जोड़ने के लिए जनतापाथर और कासोमारीगांव में हुक-अप सुविधाएं भी विकसित कर रहा है।
इन परियोजनाओं से क्षेत्र में गैस की उपलब्धता बढ़ने, गैस फ्लेयरिंग कम होने और गैस आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बेहतर गैस कनेक्टिविटी का फायदा असम और पूरे नॉर्थ-ईस्ट में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्ट और पावर सेक्टर में गैस की खपत बढ़ाने में भी मिल सकता है।
31 में से 22 एनालिस्ट्स ने दी Buy रेटिंग
ONGC को कवर करने वाले कुल 31 एनालिस्ट्स में से 22 ने शेयर पर Buy, 5 ने Hold और 4 ने Sell रेटिंग दी है।
इससे पता चलता है कि एनालिस्ट कम्युनिटी के एक बड़े हिस्से को अभी भी ONGC के शेयर में आगे बढ़ने की संभावना नजर आ रही है। हालांकि, किसी भी ब्रोकरेज टारगेट या एनालिस्ट रेटिंग को शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
मोतीलाल ओसवाल ने ONGC पर ₹290 का टारगेट प्राइस देते हुए Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज की थीसिस मुख्य रूप से मजबूत डिविडेंड यील्ड, क्रूड ऑयल की संभावित मजबूती, आकर्षक वैल्यूएशन और OVL में सुधार पर आधारित है।
हालांकि, ONGC एक सरकारी और कमोडिटी-चालित कंपनी है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट, सरकारी नीतियों में बदलाव, उत्पादन से जुड़े जोखिम और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव का असर शेयर पर पड़ सकता है। इसलिए निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ब्रोकरेज फर्म और उपलब्ध बाजार आंकड़ों पर आधारित है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


