Mehul Choksi Lawyer Detained: भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल को लंदन में ब्रिटिश इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। ब्रिटिश मीडिया और कानूनी मामलों की रिपोर्टिंग करने वाली वेबसाइट LawBeat के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन से जुड़ी है। हालांकि, अभी तक ब्रिटेन के Home Office, Border Force, Metropolitan Police या किसी ब्रिटिश अदालत की ओर से उनकी हिरासत की आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक नहीं हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, लंदन के पॉश मेफेयर इलाके की एक प्रॉपर्टी की जांच के दौरान विजय अग्रवाल को हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के दौरान वहां बड़ी मात्रा में कैश मिलने का भी दावा किया गया है। हालांकि, बरामद रकम कितनी थी, उसका मालिक कौन है और उसका स्रोत क्या है, इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
बिना जरूरी वर्क परमिट काम करने का आरोप
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ब्रिटिश अधिकारियों को संदेह था कि विजय अग्रवाल ब्रिटेन में आवश्यक वर्क परमिट या अन्य इमिग्रेशन अनुमति के बिना पेशेवर गतिविधियां कर रहे थे। बताया गया है कि इस मामले की शुरुआत कथित तौर पर मेफेयर स्थित प्रॉपर्टी के मकान मालिक की शिकायत से हुई थी।
इसके बाद इमिग्रेशन अधिकारियों ने प्रॉपर्टी और वहां चल रही गतिविधियों की जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक, कार्रवाई के समय अग्रवाल की फर्म से जुड़े तीन से चार जूनियर वकील भी वहां मौजूद थे।
अग्रवाल को कथित तौर पर करीब तीन दिनों तक हिरासत में रखे जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। हालांकि, हिरासत के बाद उनके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई हुई या उन्हें रिहा किया गया है, इसकी स्पष्ट आधिकारिक जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
मेहुल चोकसी के प्रमुख वकील रहे हैं विजय अग्रवाल
विजय अग्रवाल भारत के चर्चित क्रिमिनल डिफेंस वकीलों में शामिल हैं और उनका नाम कई हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराध मामलों में सामने आया है। वह मेहुल चोकसी के भारत और विदेशों में चल रहे कानूनी मामलों में उसका प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
अदालती रिकॉर्ड में भी विजय अग्रवाल का नाम मेहुल चोकसी की ओर से पेश होने वाले वकील के रूप में दर्ज है। दिल्ली हाई कोर्ट के एक मामले में भी वह चोकसी की ओर से पेश हुए थे।
अप्रैल 2025 में बेल्जियम में चोकसी की गिरफ्तारी के बाद भी विजय अग्रवाल ने उसके कानूनी बचाव से जुड़े मामलों में बयान दिए थे और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को लेकर कानूनी मुश्किलों की बात कही थी।
मेहुल चोकसी पर क्या है मामला?
मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक यानी PNB घोटाले से जुड़े मामले में भारत में वांछित आरोपी है। उस पर नीरव मोदी के साथ मिलकर बैंक से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले में शामिल होने के आरोप हैं।
चोकसी भारत से बाहर चला गया था और लंबे समय से भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई से बचता रहा है। भारत सरकार और जांच एजेंसियां उसे वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया में जुटी रही हैं।
अप्रैल 2025 में चोकसी को बेल्जियम में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई थी। उस समय उसके वकील विजय अग्रवाल ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आसान नहीं बताते हुए बेल्जियम में कानूनी चुनौती की बात कही थी।
भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ क्या दलीलें दी गई थीं?
मेहुल चोकसी की ओर से भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अलग-अलग कानूनी कार्यवाहियों में मानवाधिकार, जेल की परिस्थितियों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।
चोकसी की ओर से पेश वकीलों ने विभिन्न अदालतों में यह तर्क दिया है कि भारत वापस भेजे जाने की स्थिति में उसके साथ व्यवहार और जेल की परिस्थितियों को लेकर चिंताएं हैं। इन दलीलों का इस्तेमाल प्रत्यर्पण प्रक्रिया का विरोध करने के लिए किया गया है।
हालांकि, प्रत्यर्पण का अंतिम फैसला संबंधित अदालत और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
PNB केस के अलावा कई बड़े मामलों से जुड़ा रहा नाम
विजय अग्रवाल का कानूनी करियर सिर्फ मेहुल चोकसी मामले तक सीमित नहीं रहा है। वह कॉरपोरेट क्राइम, आर्थिक अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े कई चर्चित मामलों में बचाव पक्ष की पैरवी कर चुके हैं।
PNB घोटाले से जुड़े मामलों के अलावा उनका नाम 2G स्पेक्ट्रम मामले से जुड़े कानूनी मामलों में भी सामने आया है। चोकसी से जुड़े विभिन्न मामलों में भारतीय अदालतों के रिकॉर्ड में भी उनकी उपस्थिति दर्ज है।
मेफेयर में मिले कैश को लेकर क्या पता चला?
लंदन की कार्रवाई में सबसे ज्यादा चर्चा कथित तौर पर बरामद हुए भारी कैश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मेफेयर की प्रॉपर्टी की जांच के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिली।
लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि:
- कैश की कुल रकम कितनी थी।
- रकम किसकी थी।
- पैसा कहां से आया था।
- क्या कैश का संबंध विजय अग्रवाल से था।
- ब्रिटिश अधिकारियों ने इस संबंध में कोई अलग आपराधिक जांच शुरू की है या नहीं।
इसलिए इस स्तर पर कैश की बरामदगी को किसी अपराध का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा। आधिकारिक जांच और दस्तावेज सामने आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
क्या विजय अग्रवाल की हिरासत का मेहुल चोकसी केस से सीधा संबंध है?
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है कि विजय अग्रवाल की लंदन में कथित हिरासत सीधे मेहुल चोकसी के मामले से जुड़ी हुई है।
रिपोर्ट में हिरासत का मुख्य कारण कथित इमिग्रेशन और वर्क परमिट नियमों का उल्लंघन बताया गया है। मेहुल चोकसी से उनका संबंध मुख्य रूप से उनके वकील होने के कारण है।
मेहुल चोकसी कब आएगा भारत?
मेहुल चोकसी की भारत वापसी की कोई निश्चित तारीख फिलहाल बताना संभव नहीं है। बेल्जियम में उसकी कानूनी स्थिति और प्रत्यर्पण से जुड़ी कार्यवाही के बाद ही यह तय होगा कि उसे भारत कब और किस प्रक्रिया के तहत लाया जा सकता है।
चोकसी की कानूनी टीम प्रत्यर्पण का विरोध करती रही है, जबकि भारतीय एजेंसियां उसे भारत लाने की कोशिश कर रही हैं। इसलिए यह मामला लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजर सकता है।
निष्कर्ष: विजय अग्रवाल की लंदन में कथित हिरासत और मेफेयर प्रॉपर्टी से भारी कैश मिलने की खबर ने एक बार फिर मेहुल चोकसी से जुड़े मामलों को चर्चा में ला दिया है। लेकिन अभी ब्रिटिश अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के कारण इमिग्रेशन उल्लंघन और कैश से जुड़े दावों को रिपोर्ट्स के रूप में ही देखना चाहिए। आधिकारिक जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।


