Rishabh Pant Record: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन ऋषभ पंत ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। पंत ने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे कर लिए हैं। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज हैं। खास बात यह है कि पंत ने यह रिकॉर्ड महज 51 टेस्ट मैचों में बनाया है।
भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी उनकी बल्लेबाजी का यही अंदाज देखने को मिलता रहा है। अब उन्होंने अपने नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है, जो भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला गॉल में खेला जा रहा है। मैच के चौथे दिन पंत ने टेस्ट क्रिकेट में अपने छक्कों का शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में 100 या उससे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
51 टेस्ट में पूरे किए 100 छक्के
ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने के लिए सिर्फ 51 मैच लिए। यह उपलब्धि उन्हें और भी खास बनाती है, क्योंकि उन्होंने दुनिया के कई दिग्गज बल्लेबाजों की तुलना में कम टेस्ट मैचों में छक्कों का शतक पूरा किया है।
पंत से पहले इंग्लैंड के बेन स्टोक्स, न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम और ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट जैसे विस्फोटक बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट में 100 से ज्यादा छक्के लगाने का कारनामा कर चुके हैं। पंत ने 51 टेस्ट में यह मुकाम हासिल कर सबसे तेज 100 टेस्ट छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाजों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।
पंत का यह रिकॉर्ड इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट को आमतौर पर धैर्य और तकनीक का खेल माना जाता है। इसके बावजूद पंत ने लंबे प्रारूप में भी आक्रामक बल्लेबाजी को अपनी पहचान बनाया है।
टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स के नाम है। उन्होंने टेस्ट मैचों में अब तक 138 छक्के लगाए हैं। न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम 107 छक्कों के साथ इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट के नाम टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के हैं। ऋषभ पंत भी अब 100 छक्कों के साथ इसी क्लब में शामिल हो गए हैं। वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल 98 छक्कों के साथ इस सूची में अगले स्थान पर हैं।
भारतीय बल्लेबाजों की बात करें तो वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में 91 छक्के लगाए हैं। रोहित शर्मा के नाम 88 टेस्ट छक्के हैं। वहीं विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में 30 छक्के लगाए हैं।
इस तरह पंत ने टेस्ट क्रिकेट में छक्कों के मामले में भारत के कई बड़े नामों को पीछे छोड़ दिया है। उनकी बल्लेबाजी शैली को देखते हुए आने वाले समय में वह इस सूची में और ऊपर जा सकते हैं।
गॉल टेस्ट में भी पंत का तूफानी अंदाज
गॉल टेस्ट में ऋषभ पंत ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नमूना पेश किया। उन्होंने 69 गेंदों का सामना करते हुए 8 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 66 रन की तेज पारी खेली।
पंत की इस पारी में उनके अंदाज की झलक एक बार फिर देखने को मिली। वह टेस्ट क्रिकेट में भी गेंदबाजों पर दबाव बनाने के लिए लगातार आक्रामक शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि उनकी बल्लेबाजी टेस्ट क्रिकेट में भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय है।
गॉल टेस्ट में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 462 रन बनाए। इसके जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर समाप्त हुई। इसके बाद टीम इंडिया ने दूसरी पारी में 193 रन बनाए। मैच के चौथे दिन श्रीलंका की दूसरी पारी जारी थी।
2018 में किया था टेस्ट डेब्यू
ऋषभ पंत ने साल 2018 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। अपने करियर के शुरुआती दौर से ही उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण अलग पहचान बनाई। विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर पंत ने टीम इंडिया को निचले क्रम में तेजी से रन बनाने का अतिरिक्त विकल्प भी दिया।
पंत ने भारत के अलावा इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी परिस्थितियों में भी प्रभावशाली पारियां खेली हैं। खास तौर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच लंबे समय तक याद किया जाएगा।
ब्रिस्बेन टेस्ट की पारी आज भी यादगार
2021 के ब्रिस्बेन टेस्ट में ऋषभ पंत की पारी भारतीय टेस्ट क्रिकेट की यादगार पारियों में शामिल है। उन्होंने नाबाद 89 रन बनाकर भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
इससे पहले सिडनी टेस्ट में भी पंत ने शानदार बल्लेबाजी की थी। उन्होंने 118 गेंदों पर 97 रन की बेहतरीन पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने भारत को मैच बचाने की स्थिति में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पंत की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि वह मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने स्वाभाविक आक्रामक खेल से समझौता नहीं करते। टेस्ट क्रिकेट में उनका यही अंदाज उन्हें दूसरे विकेटकीपर-बल्लेबाजों से अलग बनाता है।
सड़क हादसे के बाद की शानदार वापसी
दिसंबर 2022 में हुए सड़क हादसे के बाद ऋषभ पंत को लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। गंभीर चोटों के कारण उनका क्रिकेट करियर भी प्रभावित हुआ। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और लंबी रिकवरी के बाद मैदान पर वापसी की।
IPL 2024 में पंत ने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की। दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करते हुए उन्होंने पूरे सीजन में 446 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी जगह फिर से मजबूत की।
उनकी वापसी सिर्फ उनके प्रशंसकों के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए भी बड़ी राहत रही। पंत के पास विकेटकीपिंग के साथ-साथ तेज रन बनाने की क्षमता है, जिससे वह टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी बन जाते हैं।
पंत के रिकॉर्ड का क्या है महत्व?
टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। वहीं केवल 51 टेस्ट मैचों में इस आंकड़े तक पहुंचना पंत की आक्रामक बल्लेबाजी को दर्शाता है।
भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा, वीरेंद्र सहवाग और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन टेस्ट छक्कों के मामले में अब ऋषभ पंत इन सभी से आगे निकल चुके हैं।
पंत की उम्र और मौजूदा बल्लेबाजी शैली को देखते हुए उनके पास भविष्य में टेस्ट क्रिकेट में छक्कों का आंकड़ा और आगे ले जाने का अच्छा मौका है। अगर वह फिट रहते हैं और लगातार टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं, तो वह आने वाले वर्षों में दुनिया के सबसे ज्यादा टेस्ट छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में भी ऊपर पहुंच सकते हैं।
गॉल टेस्ट में बनाया गया यह रिकॉर्ड ऋषभ पंत के टेस्ट करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। 100 टेस्ट छक्कों के साथ उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उनका आक्रामक बल्लेबाजी वाला अंदाज सिर्फ सीमित ओवरों तक ही सीमित नहीं है। टेस्ट क्रिकेट में भी पंत अपने दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।


