Vande Bharat Express: ओणम के त्योहार से पहले रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। एर्नाकुलम और बेंगलुरु के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की क्षमता को दोगुना कर दिया गया है। अब यह ट्रेन 8 की जगह 16 कोच के साथ चलेगी। इससे ट्रेन में सीटों की संख्या बढ़कर 1,128 हो गई है। रेलवे के इस फैसले से खासतौर पर ओणम के दौरान इस व्यस्त रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
8 की जगह अब 16 कोच की होगी वंदे भारत
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को एर्नाकुलम जंक्शन से 16 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इससे पहले इस ट्रेन में 8 कोच थे और इसमें करीब 530 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी।
अब कोच की संख्या बढ़ाकर 16 किए जाने के बाद ट्रेन में कुल 1,128 सीटें उपलब्ध होंगी। यानी यात्रियों के लिए सीटों की क्षमता पहले के मुकाबले करीब दोगुनी हो गई है।
ओणम से पहले रेलवे ने लिया बड़ा फैसला
सुरेश गोपी ने कहा कि ओणम के यात्रा सीजन को देखते हुए रेलवे ने ट्रेन की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया है। एर्नाकुलम और बेंगलुरु के बीच बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं और त्योहार के समय इस रूट पर मांग और बढ़ जाती है।
मंत्री ने ट्रेन की क्षमता बढ़ाने के फैसले के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कदम से दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब केरल में ओणम की तैयारियां चल रही हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और परिवारों के पास जाने के लिए रेल यात्रा करते हैं।
ट्रेन में सीटों की क्षमता हुई दोगुनी
पहले 8 कोच वाली इस वंदे भारत एक्सप्रेस में लगभग 530 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था थी। अब 16 कोच होने के बाद क्षमता बढ़कर 1,128 सीट हो गई है।
इससे यात्रियों को सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान ट्रेन में कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना पहले के मुकाबले बेहतर होगी। हालांकि, वास्तविक उपलब्धता यात्रा की तारीख और बुकिंग की मांग पर निर्भर करेगी।
रेलवे अधिकारी ने बताया ऑक्यूपेंसी का हाल
तिरुवनंतपुरम डिविजनल रेलवे मैनेजर दिव्याकांत चंद्राकर ने बताया कि ओणम के मौसम में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेक को 16 कोच का करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई वंदे भारत सेवा में करीब 150 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी देखी जा रही है। वहीं, केरल को मंगलुरु और कोझिकोड से जोड़ने वाली दो अन्य वंदे भारत सेवाओं में करीब 170 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है।
ऑक्यूपेंसी का यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि इन रूटों पर वंदे भारत सेवाओं की मांग काफी ज्यादा है। ऐसे में कोच बढ़ाने से ज्यादा यात्रियों को यात्रा की सुविधा मिल सकती है।
यात्रियों को मिलेंगी ज्यादा सीटें और बेहतर कनेक्टिविटी
रेलवे अधिकारी के मुताबिक, 16 कोच वाली ट्रेन से यात्रियों को अधिक सीटों के साथ बेहतर यात्रा सुविधा और कनेक्टिविटी मिलेगी। खासतौर पर त्योहार के दौरान जब ट्रेनों में टिकटों की मांग तेजी से बढ़ जाती है, तब अतिरिक्त कोच यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
एर्नाकुलम-बेंगलुरु रूट पर बड़ी संख्या में यात्री काम, शिक्षा, कारोबार और पर्यटन के लिए आवाजाही करते हैं। ऐसे में वंदे भारत की क्षमता बढ़ने से इस रूट पर रेल कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
एर्नाकुलम जंक्शन का भी हो रहा रीडेवलपमेंट
रेलवे ने एर्नाकुलम जंक्शन स्टेशन के विकास पर भी काम तेज कर दिया है। डिविजनल रेलवे मैनेजर ने बताया कि स्टेशन के रीडेवलपमेंट का काम तेजी से चल रहा है और इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्टेशन के विकास और वंदे भारत की क्षमता बढ़ाने जैसे कदमों से आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
ओणम के दौरान यात्रियों को मिलेगी राहत
ओणम के दौरान केरल में रेल यात्रा की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत में 8 की जगह 16 कोच किए जाने से यात्रियों को अतिरिक्त सीटें मिलेंगी।
हालांकि, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की तारीख तय होने के बाद जल्द से जल्द टिकट बुक करें। ट्रेन में कोच बढ़ने के बावजूद त्योहार के पीक सीजन में सीटों की मांग ज्यादा रह सकती है।
निष्कर्ष
रेलवे का एर्नाकुलम-KSR बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस को 16 कोच का करने का फैसला यात्रियों के लिए बड़ी राहत है। सीटों की क्षमता 530 से बढ़कर 1,128 होने से इस व्यस्त रूट पर ज्यादा यात्रियों को सफर का मौका मिलेगा। खासतौर पर ओणम के दौरान बढ़ने वाली यात्रा मांग को देखते हुए रेलवे का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


