Gold Price Today: भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना एक सप्ताह में करीब ₹3,490 प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड के भाव में भी लगभग ₹3,200 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 16 अगस्त 2026 की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,55,280 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। मुंबई में 24 कैरेट गोल्ड ₹1,55,130 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में साप्ताहिक आधार पर मजबूती बनी हुई है। हाजिर सोना करीब 4,379.9 डॉलर प्रति औंस पर है और पिछले एक सप्ताह में इसकी वैश्विक कीमत लगभग 0.9 फीसदी बढ़ी है। ऐसे में घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय तेजी का असर भी दिखाई दे रहा है।
दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1.55 लाख के पार
दिल्ली में 16 अगस्त की सुबह 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,55,280 प्रति 10 ग्राम है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव ₹1,42,350 प्रति 10 ग्राम है। ऊंचे स्तरों पर पहुंची सोने की कीमतों के बीच निवेशकों के साथ-साथ ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों की भी लागत बढ़ी है।
मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,55,130 प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट गोल्ड ₹1,42,200 प्रति 10 ग्राम पर है।
चेन्नई में 24 कैरेट सोना ₹1,55,130 और 22 कैरेट सोना ₹1,42,200 प्रति 10 ग्राम पर है। पुणे और बेंगलुरु में भी दोनों कैरेट के भाव इसी स्तर के आसपास हैं।
आज के प्रमुख शहरों में सोने का भाव
| शहर | 22 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) | 24 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,42,350 | 1,55,280 |
| मुंबई | 1,42,200 | 1,55,130 |
| अहमदाबाद | 1,42,250 | 1,55,180 |
| चेन्नई | 1,42,200 | 1,55,130 |
| कोलकाता | 1,42,200 | 1,55,130 |
| हैदराबाद | 1,42,200 | 1,55,130 |
| जयपुर | 1,42,350 | 1,55,280 |
| भोपाल | 1,42,250 | 1,55,180 |
| लखनऊ | 1,42,350 | 1,55,280 |
| चंडीगढ़ | 1,42,350 | 1,55,280 |
नोट: अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क के कारण अंतर हो सकता है। ऊपर दिए गए भाव बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर हैं।
एक सप्ताह में ₹3,490 तक महंगा हुआ सोना
साप्ताहिक आधार पर सोने में आई तेजी इस समय बाजार की सबसे बड़ी खासियत है। अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट गोल्ड के भाव में ₹3,490 प्रति 10 ग्राम तक की बढ़ोतरी हुई है। 22 कैरेट सोना भी करीब ₹3,200 प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है।
सोने में यह तेजी ऐसे समय आई है जब वैश्विक बाजार में भी कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर सोना 4,379.9 डॉलर प्रति औंस के आसपास है। पिछले सात दिनों में इसमें लगभग 0.9 फीसदी की बढ़त हुई है।
सोने को आम तौर पर महंगाई, आर्थिक अनिश्चितता और बाजार में जोखिम बढ़ने के दौरान सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाता है। वैश्विक बाजार में होने वाले बदलावों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है। इसके अलावा रुपये और डॉलर की चाल भी घरेलू सोने की कीमतों को प्रभावित करती है।
चांदी भी हुई ₹5,000 महंगी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में भी साप्ताहिक आधार पर तेजी देखने को मिली है। पिछले एक सप्ताह में चांदी करीब ₹5,000 प्रति किलोग्राम महंगी हुई है।
16 अगस्त की सुबह घरेलू बाजार में चांदी का भाव करीब ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर की कीमत लगभग 64.88 डॉलर प्रति औंस है।
चांदी की कीमतों में तेजी का असर ज्वेलरी, इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेश से जुड़े बाजारों पर पड़ सकता है। चांदी का इस्तेमाल केवल आभूषणों में ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है।
जुलाई में सोने के आयात की रफ्तार हुई धीमी
कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में बदलाव के बाद भारत के सोने और चांदी के आयात में जुलाई के दौरान नरमी देखने को मिली। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में भारत का सोने का आयात 4.16 अरब डॉलर रहा। इसमें सालाना आधार पर करीब 4.77 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
यह वृद्धि पिछले कुछ महीनों के मुकाबले काफी कम रही। अप्रैल में सोने के आयात में 81.69 फीसदी, मई में 34 फीसदी और जून में करीब 7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी।
चांदी के मामले में गिरावट ज्यादा तेज रही। जुलाई में भारत का चांदी आयात 66.1 फीसदी घटकर 17.16 करोड़ डॉलर रह गया।
सरकार की ओर से 13 मई से कीमती धातुओं पर आयात शुल्क को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने के बाद आयात की लागत बढ़ी है। इसका असर आयात की रफ्तार पर भी पड़ा है।
अप्रैल-जुलाई में सोने का आयात 32 फीसदी से ज्यादा बढ़ा
हालांकि जुलाई में वृद्धि की रफ्तार कम रही, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों यानी अप्रैल से जुलाई के दौरान भारत का कुल सोने का आयात 32.41 फीसदी बढ़कर 15.17 अरब डॉलर हो गया।
इसके उलट इसी अवधि में चांदी का आयात 50.81 फीसदी घटकर 71.84 करोड़ डॉलर रह गया। यानी चार महीने की अवधि में सोने की मांग और आयात में मजबूती बनी रही, जबकि चांदी के आयात में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
आगे कहां जा सकती हैं सोने की कीमतें?
सोने की कीमत फिलहाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। एक सप्ताह में करीब 0.9 फीसदी की वैश्विक तेजी और घरेलू बाजार में हजारों रुपये की साप्ताहिक बढ़त बताती है कि कीमती धातुओं में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
हालांकि, सोने की कीमतों में आगे भी तेजी जारी रहेगी या नहीं, यह कई कारकों पर निर्भर करेगा। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत, डॉलर की मजबूती, रुपये की विनिमय दर, केंद्रीय बैंकों की नीतियां, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों की मांग प्रमुख हैं।
ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि बाजार में बताए जाने वाले सोने के भाव में मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क शामिल नहीं होते। इसलिए दुकान पर अंतिम बिल की कीमत प्रकाशित सोने के भाव से अलग हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां दिए गए सोने और चांदी के भाव उपलब्ध बाजार आंकड़ों पर आधारित हैं और इनमें दिन के दौरान बदलाव हो सकता है। निवेश या खरीदारी का निर्णय लेने से पहले अपने स्तर पर कीमतों और शुल्क की पुष्टि जरूर करें।


