PM Modi Independence Day Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत कभी ‘फ्रेजाइल फाइव’ में शामिल था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश इस स्थिति से निकलकर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि अब भारत को छोटे सपने देखने के बजाय बड़े लक्ष्य तय करने होंगे और 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना होगा।
भारत को कभी वैश्विक वित्तीय जगत में ‘फ्रेजाइल फाइव’ यानी पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं के समूह में गिना जाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने इस स्थिति से बाहर निकलकर तेज आर्थिक विकास और आत्मविश्वास की नई पहचान बनाई है।
15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत अभूतपूर्व गति और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की ताकत और संकल्प से भारत के 2047 तक विकसित देश बनने का सपना साकार किया जाएगा।
क्या है ‘फ्रेजाइल फाइव’?
‘फ्रेजाइल फाइव’ शब्द का इस्तेमाल उन पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए किया गया था, जिन्हें बाहरी वित्तीय दबावों और पूंजी के प्रवाह में बदलाव के प्रति अपेक्षाकृत कमजोर माना जाता था। इस सूची में भारत के साथ ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये का नाम शामिल था।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में इसी पुराने आर्थिक संदर्भ का जिक्र करते हुए भारत की मौजूदा स्थिति को देश की आर्थिक यात्रा में बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले 12 वर्षों में अपनी क्षमताओं को मजबूत किया है और आज देश वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
‘बड़े सपने देखने होंगे, ऊंचे संकल्प लेने होंगे’
प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद भारत ने बड़े सपने देखे थे, लेकिन देश की प्रगति हमेशा उस गति से नहीं हुई, जिसकी भारतीयों को उम्मीद थी। उनके मुताबिक अब परिस्थितियां बदल रही हैं और भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कोई भी देश तब महान बनता है जब वह अपने लक्ष्यों और उपलब्धियों को हासिल करता है। भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने के बजाय बड़े सपने देखने और ऊंचे संकल्प लेने होंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और जब संकल्प मजबूत होता है तो कठिनाइयों और आपदाओं के बीच से भी रास्ता निकालने की क्षमता पैदा होती है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को इसी बड़े संकल्प से जोड़कर पेश किया।
रक्षा उत्पादन चार गुना, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना
पीएम मोदी ने पिछले 12 वर्षों के दौरान सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कई क्षेत्रों में हुई वृद्धि के आंकड़े भी गिनाए।
उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन चार गुना बढ़ा है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में सात गुना वृद्धि हुई है। इसके अलावा आधुनिक रेलवे कोच के उत्पादन में 21 गुना बढ़ोतरी हुई है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या भी चार गुना बढ़ी है और डिजिटल लेनदेन में करीब 100 गुना वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग वर्गों के करोड़ों नागरिकों ने विकास की इस यात्रा में योगदान दिया है। इनमें गांव और शहरों में रहने वाले लोग, गरीब, मध्यम वर्ग, दलित, आदिवासी और वंचित वर्ग समेत समाज के विभिन्न हिस्से शामिल हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि इन प्रयासों का परिणाम यह है कि पिछले वर्षों में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं।
आत्मनिर्भर भारत पर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में कई चीजें सस्ती और जल्दी मिल सकती हैं, लेकिन केवल आयात पर निर्भर रहने से देश की अपनी क्षमताएं विकसित नहीं होतीं। भारत को अपने हितों की सुरक्षा के लिए खुद सक्षम बनना होगा।
इसी सोच के तहत सरकार की ओर से ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों पर जोर दिया जा रहा है।
सेमीकंडक्टर में भारत की बड़ी तैयारी
पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में प्रमुख खिलाड़ी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री के अनुसार देश में पहले ही तीन सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू हो चुका है। आने वाले वर्षों में 5 से 8 और सेमीकंडक्टर प्लांट्स स्थापित होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग तक भारत अपनी घरेलू उत्पादन क्षमता को मजबूत कर रहा है। इसका उद्देश्य देश को महत्वपूर्ण तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाना है।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य निर्धारित करता है, तो इसका पूरी दुनिया पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रति दुनिया का नजरिया भी बदल रहा है।
प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति को विकसित भारत के लक्ष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनके मुताबिक भारत को आने वाले वर्षों में बड़े सपनों और मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना केवल सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों की भागीदारी और संकल्प से पूरा होने वाला राष्ट्रीय लक्ष्य है।


