PM Modi Turban: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण के साथ उनकी पगड़ी भी हर साल चर्चा का विषय रहती है। 2014 से 2026 तक उनके साफे के रंग, डिजाइन और स्टाइल में लगातार बदलाव देखने को मिला है। इस साल 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी गहरे मैरून रंग के बंधनी साफे में नजर आए। जानिए 13 सालों में उनकी पगड़ी का सफर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। हर साल की तरह इस बार भी उनके पहनावे में सबसे ज्यादा ध्यान उनकी पगड़ी ने खींचा। पीएम मोदी ने इस बार पीले, हरे और सफेद बंधनी पैटर्न वाली गहरे मैरून रंग की पगड़ी पहनी। इसके साथ उन्होंने सफेद कुर्ता-पायजामा, भूरे रंग की नेहरू जैकेट और तिरंगे से प्रेरित पॉकेट स्क्वायर पहना था।
पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस के लुक की खास बात यह है कि उनकी पगड़ी पिछले 13 वर्षों से समारोह का एक अलग पहचान वाला हिस्सा बनी हुई है। 2014 में पहली बार लाल किले से भाषण देने के बाद से हर साल उनकी पगड़ी के रंग और डिजाइन में बदलाव देखने को मिला है। कभी राजस्थानी लहरिया, कभी बंधनी और कभी तिरंगे से प्रेरित रंगों वाली पगड़ी ने लोगों का ध्यान खींचा है।
पगड़ी या साफा सिर्फ फैशन नहीं, परंपरा का प्रतीक
भारत में पगड़ी और साफे का इतिहास काफी पुराना है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे सम्मान, प्रतिष्ठा, परंपरा और क्षेत्रीय पहचान से जोड़ा जाता है। राजस्थान में साफा पहनने की समृद्ध परंपरा रही है, जबकि गुजरात में बंधनी और लहरिया जैसे पारंपरिक कपड़ा पैटर्न अपनी अलग पहचान रखते हैं।
पगड़ी का रंग, कपड़ा और उसे बांधने का तरीका कई बार किसी क्षेत्र, समुदाय या खास अवसर से जुड़ा होता है। शादी और धार्मिक समारोहों से लेकर सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों तक, भारत में पगड़ी को सम्मान और गौरव के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है।
पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस के साफे में भी राजस्थान और गुजरात की पारंपरिक कपड़ा कला की झलक अक्सर देखने को मिलती है। यही वजह है कि उनकी पगड़ी को केवल फैशन स्टेटमेंट के बजाय भारतीय हस्तशिल्प और क्षेत्रीय परंपराओं को सामने लाने वाले प्रतीक के तौर पर भी देखा जाता है।
2026 में मैरून बंधनी साफा क्यों खास रहा?
इस साल पीएम मोदी ने गहरे मैरून रंग की बंधनी पगड़ी पहनी। बंधनी गुजरात और राजस्थान की पारंपरिक टाई-डाई कपड़ा कला है, जिसमें कपड़े को छोटे-छोटे हिस्सों में बांधकर अलग-अलग रंगों से डिजाइन तैयार किया जाता है।
2026 की पगड़ी में मैरून बेस के साथ पीले, हरे और सफेद रंग के बंधनी पैटर्न दिखाई दिए। पगड़ी का लंबा सिरा पीछे की ओर नजर आया, जिसने इसे पारंपरिक राजस्थानी साफे का लुक दिया।
सफेद कुर्ता-पायजामा और भूरे रंग की नेहरू जैकेट के साथ यह साफा एक ऐसा संयोजन बना रहा था, जिसमें पारंपरिक भारतीय पहनावे के साथ राष्ट्रीय समारोह की गरिमा भी दिखाई दी।
क्या पगड़ी के रंगों में राजनीतिक या राष्ट्रीय संदेश भी होता है?
पीएम मोदी की पगड़ी को लेकर हर साल राजनीतिक और फैशन विश्लेषण भी देखने को मिलता है। हालांकि किसी खास रंग के पीछे आधिकारिक संदेश हो, ऐसा हर बार स्पष्ट नहीं होता। फिर भी कुछ वर्षों में पगड़ी के रंगों को राष्ट्रीय प्रतीकों और उस समय के प्रमुख अभियानों से जोड़कर देखा गया।
मसलन, 2022 में सफेद पगड़ी पर भगवा और हरे रंग की धारियां दिखाई दी थीं, जिसे तिरंगे और उस समय चल रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जोड़कर काफी चर्चा हुई।
इसी तरह 2025 में पीएम मोदी ने पूरी तरह भगवा रंग का साफा पहना था। इसके रंग को साहस, त्याग और राष्ट्र निर्माण जैसे भावों से जोड़कर देखा गया।
इसलिए यह कहना ज्यादा उचित होगा कि पीएम मोदी की पगड़ी कई बार राष्ट्रीय माहौल, क्षेत्रीय संस्कृति और भारतीय परंपराओं को एक साथ सामने लाने का माध्यम बनती है।
2014 से 2026 तक पीएम मोदी की पगड़ी की पूरी कहानी
2014: लाल रंग का जोधपुरी बंधेज साफा
प्रधानमंत्री बनने के बाद 2014 में पीएम मोदी ने पहली बार लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने लाल रंग का जोधपुरी बंधेज साफा पहना था, जिसके पीछे हरे रंग का लंबा सिरा दिखाई दे रहा था।
2015: पीली राजस्थानी पगड़ी
2015 में पीएम मोदी पीले रंग की राजस्थानी पगड़ी में नजर आए। इस पर लाल और हरे रंग का क्रॉस पैटर्न था। चमकीले रंगों वाली इस पगड़ी ने उनके स्वतंत्रता दिवस के लुक को खास बना दिया।
2016: गुलाबी और पीले रंग की बंधेज
2016 में पीएम मोदी ने गुलाबी और पीले रंग की बंधेज पगड़ी पहनी। पारंपरिक पैटर्न और चमकीले रंगों वाली यह पगड़ी भी उनके स्वतंत्रता दिवस के पहनावे की पहचान बनी।
2017: चटख पीली पगड़ी
2017 में पीएम मोदी ने चटख पीले रंग की पगड़ी पहनी, जिसमें लाल और पीले रंग के पारंपरिक पैटर्न दिखाई दिए। इस दौरान भी राजस्थानी कपड़ा परंपरा की झलक साफ नजर आई।
2018: भगवा और लाल रंग का साफा
2018 में पीएम मोदी ने भगवा और लाल रंग की पगड़ी पहनी। इस पगड़ी का पीछे की ओर निकला लंबा सिरा खास तौर पर चर्चा में रहा।
2019: बहुरंगी लहरिया
2019 में पीएम मोदी ने राजस्थान की प्रसिद्ध लहरिया डिजाइन वाला बहुरंगी साफा पहना। लहरदार पैटर्न और कई रंगों के संयोजन ने इसे उनके सबसे अलग स्वतंत्रता दिवस लुक में शामिल कर दिया।
2020: महामारी के दौर का अलग अंदाज
2020 में कोरोना महामारी के बीच पीएम मोदी ने भगवा और क्रीम रंग का साफा पहना। इसके साथ उन्होंने एक ऐसा स्टोल भी लिया था, जिसे जरूरत पड़ने पर चेहरे को ढकने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। उस समय के महामारी वाले माहौल में यह पहनावा अलग नजर आया।
2021: भगवा और लाल पगड़ी
2021 में पीएम मोदी भगवा और लाल रंग की पगड़ी में नजर आए। इसके पीछे गुलाबी रंग का लंबा सिरा था, जो उनके पारंपरिक साफे के लुक को और खास बना रहा था।
2022: तिरंगे से प्रेरित पगड़ी
2022 की पगड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले लुक्स में से एक थी। पीएम मोदी ने सफेद रंग की पगड़ी पहनी, जिसमें भगवा और हरे रंग की धारियां थीं। यह रंग संयोजन तिरंगे की याद दिलाता था और उस समय चल रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के कारण इसे खास महत्व मिला।
2023: बहुरंगी बंधनी
2023 में पीएम मोदी राजस्थान की बहुरंगी बंधनी पगड़ी में नजर आए। इसमें पीला, हरा और लाल रंग प्रमुख था। इस पगड़ी में पारंपरिक राजस्थानी रंगों और बंधनी कला की खूबसूरत झलक दिखाई दी।
2024: राजस्थानी लहरिया का रंग
2024 में पीएम मोदी ने एक बार फिर राजस्थान की पारंपरिक लहरिया कला को चुना। उनकी पगड़ी में नारंगी, गहरे हरे और पीले रंग की लहरदार धारियां थीं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यह रंगीन साफा उनके लुक का सबसे खास हिस्सा रहा।
2025: पूरी तरह भगवा साफा
2025 में पीएम मोदी ने पूरी तरह भगवा रंग का साफा पहना। भगवा रंग को भारतीय परंपरा में त्याग, साहस और समर्पण जैसे भावों से जोड़ा जाता है। उनके इस लुक को ‘विकसित भारत’ के संकल्प और राष्ट्र निर्माण के संदेश से जोड़कर भी देखा गया।
2026: मैरून बंधनी साफा
2026 में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने गहरे मैरून रंग की बंधनी साफा पहनी। इसमें पीले, हरे और सफेद रंग के पैटर्न दिखाई दिए। पीछे की ओर लंबा सिरा था, जबकि सफेद कुर्ता-पायजामा, भूरे रंग की नेहरू जैकेट और तिरंगे पॉकेट स्क्वायर ने पूरे लुक को पूरा किया।
13 सालों में पगड़ी बनी स्वतंत्रता दिवस की पहचान
2014 से 2026 तक पीएम मोदी की स्वतंत्रता दिवस की पगड़ियों पर नजर डालें तो एक बात साफ दिखाई देती है—हर साल उनका साफा अलग रहा, लेकिन उसमें भारतीय परंपरा की झलक लगातार बनी रही।
कभी राजस्थान की बंधनी, कभी लहरिया, तो कभी तिरंगे से प्रेरित रंगों के जरिए पीएम मोदी के साफे ने स्वतंत्रता दिवस के पहनावे को एक अलग पहचान दी। यही वजह है कि हर 15 अगस्त को उनके भाषण के साथ-साथ उनकी पगड़ी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाती है।
2026 का मैरून बंधनी साफा भी इसी लंबी परंपरा की अगली कड़ी है। यह साफा भारतीय कपड़ा कला, पारंपरिक रंगों और स्वतंत्रता दिवस की गरिमा को एक साथ सामने लाता नजर आया।


