Amitabh Bachchan: मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने अपनी आइकॉनिक फिल्म ‘शोले’ से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म की ग्लोबल लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इटली के बोलोग्ना में करीब 2,000 लोग आधी रात से सुबह 3 बजे तक इस हिंदी क्लासिक का रिस्टोर किया हुआ वर्जन देखने के लिए जुटे थे।
अमिताभ बच्चन ने यह किस्सा ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 18 के हालिया एपिसोड में सुनाया। शो में हॉट सीट पर बैठे डॉ. गणेश बारैया से बातचीत के दौरान बिग बी ने ‘शोले’ के रिस्टोरेशन और इटली में फिल्म को मिले शानदार रिस्पॉन्स का जिक्र किया।
बोलोग्ना में रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक चली ‘शोले’
अमिताभ बच्चन ने बताया कि फिल्म को नए और बेहतर प्रिंट के साथ रिस्टोर किया गया था। इसके बाद इसे इटली के बोलोग्ना में एक ऐतिहासिक ओपन-एयर स्क्वेयर में प्रदर्शित किया गया।
उन्होंने बताया कि वहां करीब 2,000 इटैलियन दर्शक मौजूद थे, जिन्होंने रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक बैठकर ‘शोले’ देखी। बिग बी के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में विदेशी दर्शकों का हिंदी फिल्म के लिए इस तरह जुटना उनके लिए बेहद खास अनुभव था।
फिल्म का रिस्टोरेशन फिल्म हेरिटेज से जुड़े शिवेंद्र सिंह की देखरेख में किया गया था। ‘शोले’ के रिस्टोर किए गए वर्जन का विश्व प्रीमियर 27 जून 2025 को बोलोग्ना में फिल्म की 50वीं वर्षगांठ के जश्न के तहत हुआ था।
15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई थी ‘शोले’
‘शोले’ भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा फिल्मों में शामिल है, जिसने रिलीज के दशकों बाद भी दर्शकों के बीच अपनी लोकप्रियता कायम रखी है। 15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था और इसे जी.पी. सिप्पी ने प्रोड्यूस किया था।
फिल्म की कहानी मशहूर लेखक जोड़ी सलीम खान और जावेद अख्तर ने लिखी थी। फिल्म में अमिताभ बच्चन ने जय और धर्मेंद्र ने वीरू का किरदार निभाया था। वहीं संजीव कुमार ने ठाकुर बलदेव सिंह और अमजद खान ने खलनायक गब्बर सिंह की भूमिका निभाई थी।
इसके अलावा हेमा मालिनी ने बसंती और जया भादुड़ी ने राधा का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
‘शोले’ के किरदार आज भी हैं यादगार
फिल्म में ए.के. हंगल, सत्येन कप्पू, मैक मोहन, सचिन, जगदीप, असरानी, विजू खोटे, केष्टो मुखर्जी और हेलेन जैसे कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
गब्बर सिंह, ठाकुर, जय, वीरू, बसंती और राधा जैसे किरदार आज भी भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा हैं। फिल्म के कई डायलॉग और दृश्य इतने लोकप्रिय हुए कि रिलीज के वर्षों बाद भी लोग उन्हें याद करते हैं।
संगीत ने भी बनाया फिल्म को खास
‘शोले’ के संगीत की जिम्मेदारी आर.डी. बर्मन ने संभाली थी, जबकि गीतों के बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे। फिल्म के गाने भी इसकी लोकप्रियता का बड़ा कारण बने।
‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’, ‘होली के दिन’, ‘कोई हसीना जब रूठ जाती है’, ‘महबूबा महबूबा’ और ‘जब तक है जान’ जैसे गाने आज भी हिंदी सिनेमा के सदाबहार गीतों में गिने जाते हैं।
शुरुआत में फिल्म को लेकर नहीं था ऐसा उत्साह
दिलचस्प बात यह है कि ‘शोले’ की रिलीज के शुरुआती दिनों में इसे वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला था, जिसकी उम्मीद फिल्म से की जा रही थी। बताया जाता है कि शुरुआत में सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बेहद कम थी और फिल्म के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे थे।
हालांकि कुछ ही समय में दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ने लगी। मजबूत कहानी, दमदार किरदार, शानदार संवाद, एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और संगीत ने लोगों को सिनेमाघरों तक खींचना शुरू कर दिया।
इसके बाद ‘शोले’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की और भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई।
आज भी दुनिया भर में कायम है ‘शोले’ का असर
कर्नाटक के रामनगर के चट्टानी इलाकों में बड़े पैमाने पर शूट की गई ‘शोले’ अपने समय की महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक थी। फिल्म ने एक्शन और ड्रामा के साथ कॉमेडी, रोमांस और इमोशन को जिस तरह जोड़ा, उसने इसे दर्शकों के बीच खास बना दिया।
अमिताभ बच्चन का इटली का यह किस्सा बताता है कि ‘शोले’ की लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। बोलोग्ना में रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक 2,000 दर्शकों का फिल्म देखना इस बात की मिसाल है कि पांच दशक बाद भी यह क्लासिक दुनिया भर के सिनेमा प्रेमियों को आकर्षित कर रही है।


