Petrol-Diesel Price: 15 अगस्त को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पेट्रोलियम सेक्टर से बड़ी खबर सामने आई है। सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी में कटौती की है। नए बदलाव के तहत पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जबकि डीजल और ATF पर लगने वाले शुल्क में भी कमी की गई है।
पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी हुई जीरो
सरकारी आदेश के मुताबिक, 15 अगस्त से पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी 3.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी गई है। वहीं, डीजल के एक्सपोर्ट पर कुल लेवी 25.5 रुपये से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
इसी तरह एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी 22 रुपये से घटाकर 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। ये बदलाव एक्सपोर्ट के लिए मंजूर किए गए पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर लागू होंगे।
एक नजर में नई एक्सपोर्ट ड्यूटी
| पेट्रोलियम प्रोडक्ट | पहले एक्सपोर्ट ड्यूटी | नई एक्सपोर्ट ड्यूटी |
|---|---|---|
| पेट्रोल | ₹3.5/लीटर | ₹0/लीटर |
| डीजल | ₹25.5/लीटर | ₹24/लीटर |
| ATF | ₹22/लीटर | ₹19.5/लीटर |
3 अगस्त को बढ़ाई गई थी ड्यूटी
दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने इससे पहले 3 अगस्त को ही पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई थी। उस समय पेट्रोल पर शुल्क 2.5 रुपये से बढ़ाकर 3.5 रुपये प्रति लीटर किया गया था।
डीजल पर कुल लेवी को 15.5 रुपये से बढ़ाकर 25.5 रुपये प्रति लीटर और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को 14.5 रुपये से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था। अब सरकार ने इस बढ़ोतरी का एक हिस्सा वापस ले लिया है और नई दरें 15 अगस्त से लागू हो गई हैं।
घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमत पर क्या असर?
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि एक्सपोर्ट लेवी में किए गए बदलाव का घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर लागू एक्साइज ड्यूटी की दरों से कोई संबंध नहीं है। यानी एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती का मतलब यह नहीं है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल या डीजल की कीमतें तुरंत कम हो जाएंगी।
पेट्रोल और डीजल की घरेलू कीमतें अलग-अलग कारकों पर निर्भर करती हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, टैक्स, विदेशी मुद्रा दर और तेल कंपनियों की कीमत निर्धारण नीति शामिल है।
2022 में लगाया गया था विंडफॉल टैक्स
भारत ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद जुलाई 2022 में पहली बार विंडफॉल टैक्स लागू किया था। इसके दायरे में देश में उत्पादित कच्चे तेल के साथ पेट्रोल, डीजल और ATF के एक्सपोर्ट को भी शामिल किया गया था।
सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की औसत कीमतों को देखते हुए इन शुल्कों की समीक्षा करती है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, शुल्क की दरें पिछली समीक्षा के बाद कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर तय की जाती हैं।
15 अगस्त को दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के रेट
एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव के बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। नई दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर है।
इसके अलावा दिल्ली में XP100 प्रीमियम पेट्रोल ₹167.35 प्रति लीटर और XP95 पेट्रोल ₹109.24 प्रति लीटर है।
क्या पेट्रोल सस्ता होगा?
पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी शून्य किए जाने से एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को राहत मिल सकती है, लेकिन इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल की कीमत घट जाएगी। घरेलू कीमतों पर अलग-अलग टैक्स और अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का असर होता है।
इसलिए फिलहाल दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में पेट्रोल-डीजल की मौजूदा कीमतों में इस फैसले के कारण तत्काल बदलाव की उम्मीद नहीं है।


