IND Vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू होने जा रही है। सीरीज का पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होगा। शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम की नजर सीरीज की शुरुआत जीत के साथ करने पर होगी। वहीं श्रीलंका की टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर भारत को कड़ी चुनौती देना चाहेगी।
इस टेस्ट सीरीज के शुरू होने से पहले क्रिकेट फैंस के बीच एक सवाल काफी चर्चा में है कि आखिरी बार भारतीय टीम टेस्ट सीरीज खेलने श्रीलंका कब गई थी? दोनों देशों के बीच आखिरी टेस्ट सीरीज भारत में खेली गई थी, लेकिन श्रीलंका की धरती पर भारत ने अपना पिछला टेस्ट दौरा 2017 में किया था। उस दौरे पर विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रचा था।
श्रीलंका में भारत का टेस्ट रिकॉर्ड कैसा है?
श्रीलंका की परिस्थितियों में भारतीय टीम का टेस्ट रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। दोनों टीमों के बीच श्रीलंकाई धरती पर अब तक 24 टेस्ट मैच खेले गए हैं। इनमें भारत ने 9 मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि 7 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। वहीं 8 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।
यह रिकॉर्ड बताता है कि श्रीलंका में भारतीय टीम ने लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन किया है। स्पिन के अनुकूल पिचों और गर्म मौसम के बावजूद भारत ने वहां कई यादगार जीत दर्ज की हैं।
भारत और श्रीलंका के बीच आखिरी टेस्ट सीरीज मार्च 2022 में भारत में खेली गई थी। रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने दो मैचों की उस सीरीज में श्रीलंका को 2-0 से क्लीन स्वीप किया था। हालांकि, अगर बात श्रीलंका की धरती पर आखिरी टेस्ट सीरीज की करें तो इसके लिए हमें 2017 के दौरे पर जाना होगा।
श्रीलंका में भारत ने पहली बार टेस्ट कब खेला था?
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट का इतिहास काफी पुराना है। श्रीलंका को 1982 में टेस्ट दर्जा मिला था और इसके बाद दोनों देशों के बीच टेस्ट क्रिकेट में मुकाबले बढ़े।
गॉल भी श्रीलंका के प्रमुख टेस्ट केंद्रों में शामिल रहा है। भारतीय टीम ने गॉल में अपना पहला टेस्ट मैच 2001 में खेला था। इसके बाद यह मैदान भारत के श्रीलंका दौरों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।
गॉल में भारत का रिकॉर्ड हालांकि पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा है। टीम इंडिया ने यहां कई मुकाबले खेले हैं और जीत के साथ-साथ उसे हार का सामना भी करना पड़ा है। लेकिन इस मैदान पर भारत का पिछला टेस्ट मुकाबला बेहद खास रहा था, क्योंकि विराट कोहली की कप्तानी में टीम ने बड़ी जीत दर्ज की थी।
जुलाई 2017 में खेला था श्रीलंका में आखिरी टेस्ट
भारतीय टीम ने श्रीलंका में अपना पिछला टेस्ट दौरा जुलाई 2017 में किया था। उस समय टीम की कमान विराट कोहली के हाथों में थी। सीरीज का पहला टेस्ट गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया।
विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत के बल्लेबाजों ने कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया।
इस मुकाबले में शिखर धवन ने 190 रन की शानदार पारी खेली, जबकि चेतेश्वर पुजारा ने भी 153 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके बाद पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने पारी को आगे बढ़ाया और चौथे विकेट के लिए 137 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
भारत का स्कोर 432 रन पर 5 विकेट पहुंचने के बाद रविचंद्रन अश्विन और रिद्धिमान साहा ने भी उपयोगी साझेदारी की। इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 600 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
श्रीलंका को 550 रन का मिला था लक्ष्य
भारत के 600 रन के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 291 रन पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और मेजबान टीम को बड़े स्कोर से काफी पीछे रोक दिया।
भारत के पास फॉलोऑन कराने का विकल्प था, लेकिन टीम ने दोबारा बल्लेबाजी करने का फैसला किया। दूसरी पारी में अभिनव मुकुंद ने 81 रन की उपयोगी पारी खेली। कप्तान विराट कोहली ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 103 रन की नाबाद पारी खेली।
भारत ने 240 रन पर 3 विकेट के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी। इस तरह श्रीलंका के सामने जीत के लिए 550 रन का विशाल लक्ष्य रखा गया।
श्रीलंका की टीम दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी और पूरी टीम 245 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने गॉल टेस्ट को 304 रन के बड़े अंतर से जीत लिया।
विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने रचा था इतिहास
गॉल में मिली यह जीत सिर्फ एक मुकाबले की जीत नहीं थी, बल्कि श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन की शुरुआत भी बनी। विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को 3-0 से क्लीन स्वीप किया।
इस सीरीज के बाद भारत ने श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट में अपनी मजबूत स्थिति को और पुख्ता किया। टीम इंडिया ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में मेजबान टीम पर दबदबा बनाया।
अब करीब नौ साल बाद भारतीय टीम एक बार फिर श्रीलंका की धरती पर टेस्ट क्रिकेट खेलने पहुंच रही है। इस बार कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल के कंधों पर है। ऐसे में फैंस की नजर इस बात पर होगी कि क्या गिल की टीम भी विराट कोहली की कप्तानी वाली 2017 की टीम जैसा प्रदर्शन दोहरा पाती है।
गॉल में फिर होगी भारत की अग्निपरीक्षा
15 अगस्त से शुरू होने वाला पहला टेस्ट गॉल में ही खेला जाएगा। इस मैदान पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में भारतीय टीम के पास अनुभवी स्पिन विकल्पों के साथ-साथ मजबूत बल्लेबाजी क्रम भी मौजूद है।
श्रीलंका अपने घरेलू मैदान पर परिस्थितियों का फायदा उठाने की पूरी कोशिश करेगा। दूसरी ओर भारतीय टीम की कोशिश शुरुआती टेस्ट जीतकर सीरीज में बढ़त बनाने की होगी।
2017 में विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने गॉल में बड़ी जीत हासिल की थी। अब 2026 में शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया के सामने उसी मैदान पर एक नई चुनौती है। क्रिकेट फैंस की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या भारत एक बार फिर श्रीलंका की धरती पर टेस्ट क्रिकेट में अपना दबदबा कायम कर पाता है।


