Behari Lal Engineering IPO: पंजाब की आयरन और स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी बिहारी लाल इंजीनियरिंग का आईपीओ आज, 12 अगस्त 2026 से आम निवेशकों के लिए खुल गया है। पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹90.48 करोड़ जुटाए हैं। इस एंकर बुक में प्रशांत खेमका की WhiteOak Capital और मधुसूदन केला समर्थित Singularity AMC समेत कई बड़े संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया है।
कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल ₹301.6 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू में निवेश करने से पहले निवेशकों के लिए कंपनी का कारोबार, वैल्यूएशन, एंकर बुक, फंड का इस्तेमाल और ब्रोकरेज की राय समझना जरूरी है।
एंकर राउंड में WhiteOak और मधुसूदन केला का बड़ा दांव
कंपनी ने अपर प्राइस बैंड ₹285 प्रति शेयर पर एंकर निवेशकों को कुल 31.74 लाख इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। एंकर बुक में कुल 9 बड़े संस्थागत निवेशकों ने भाग लिया।
सबसे बड़ा निवेश प्रशांत खेमका की WhiteOak Capital की तीन स्कीमों की ओर से आया। इन स्कीमों ने करीब ₹20 करोड़ का निवेश कर 7.01 लाख शेयर खरीदे।
इसके बाद Bandhan Mutual Fund ने करीब ₹14 करोड़ में 4.91 लाख शेयर खरीदे। वहीं 360 ONE ने लगभग ₹13 करोड़ का निवेश कर 4.56 लाख शेयर अपने पोर्टफोलियो में शामिल किए।
मधुसूदन केला समर्थित Singularity AMC ने भी एंकर राउंड में करीब ₹10 करोड़ का निवेश किया और 3.50 लाख शेयर खरीदे।
इसके अलावा Tata AIA Life Insurance, PineBridge Global Funds, Amicorp Capital (Mauritius) और Ikigai जैसे संस्थागत निवेशकों ने भी एंकर बुक में भागीदारी की है।
Behari Lal Engineering IPO की जरूरी तारीखें
बिहारी लाल इंजीनियरिंग का आईपीओ 12 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹271 से ₹285 प्रति शेयर तय किया है।
| IPO की जानकारी | डिटेल |
|---|---|
| IPO खुलने की तारीख | 12 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 14 अगस्त 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹271-₹285 प्रति शेयर |
| कुल इश्यू साइज | ₹301.6 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू | ₹93 करोड़ |
| OFS | ₹208.62 करोड़ |
| अपर प्राइस बैंड | ₹285 |
कंपनी के मुताबिक OFS के तहत प्रमोटर्स और SG Tech Engineering करीब 73.2 लाख शेयर ऑफर कर रहे हैं।
क्या करती है बिहारी लाल इंजीनियरिंग?
बिहारी लाल इंजीनियरिंग पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में स्थित एक इंटीग्रेटेड आयरन एंड स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। कंपनी कस्टमाइज्ड इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस और प्रिसिजन-इंजीनियर्ड कंपोनेंट्स तैयार करती है।
इसके प्रमुख उत्पादों में मेटल रोल्स, इंजीनियरिंग कास्टिंग्स, अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स और फोर्जिंग इंगोट्स शामिल हैं। कंपनी ऑटोमोबाइल, स्टील, माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, एयरोस्पेस, डिफेंस और सीमेंट जैसे कई उद्योगों को अपने उत्पाद उपलब्ध कराती है।
कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में घरेलू मेटल रोल्स मांग में उसकी हिस्सेदारी करीब 10% से 11.5% रही। इसके राजस्व में अलॉय स्टील की हिस्सेदारी 45.8%, मेटल रोल्स की 26.4% और इंजीनियरिंग कास्टिंग्स की करीब 19.5% रही।
IPO से जुटाए पैसे का इस्तेमाल कहां होगा?
बिहारी लाल इंजीनियरिंग फ्रेश इश्यू से मिलने वाली करीब ₹93 करोड़ की रकम का इस्तेमाल अपने कारोबार और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करने के लिए करेगी।
कंपनी करीब ₹63 करोड़ पंजाब के सलानी और तुरान गांवों में मौजूद दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए नए उपकरण, मशीनरी और रूफटॉप सोलर पैनल खरीदने पर खर्च करने की योजना बना रही है।
करीब ₹57 लाख पुराने कर्ज के भुगतान में इस्तेमाल किए जाएंगे। बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
आनंद राठी ने दी ‘Subscribe – Long Term’ की राय
ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने बिहारी लाल इंजीनियरिंग आईपीओ पर ‘Subscribe – Long Term’ की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की बाजार स्थिति, विविधीकृत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और नए सेक्टरों में बढ़ती मौजूदगी लंबी अवधि में इसके लिए सकारात्मक साबित हो सकती है।
आनंद राठी के मुताबिक, ₹285 के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का शेयर FY26 की कमाई के आधार पर करीब 18.6 गुना P/E और 13.3 गुना EV/EBITDA पर वैल्यू हो रहा है। ब्रोकरेज के नजरिए में यह वैल्यूएशन कंपनी की ग्रोथ संभावनाओं को देखते हुए उचित दिखाई देता है।
मेटल रोल्स मार्केट में कंपनी की करीब 10-11.5% हिस्सेदारी और ऑटोमोबाइल से लेकर एयरोस्पेस एवं डिफेंस जैसे सेक्टरों तक फैला ग्राहक आधार इसके कारोबार को सपोर्ट कर सकता है। इसके अलावा कंपनी द्वारा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में नई मशीनरी और सोलर क्षमता बढ़ाने से उत्पादन क्षमता तथा ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार की संभावना है।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
आईपीओ में एंकर निवेशकों की भागीदारी और ब्रोकरेज की सकारात्मक राय जरूर निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर सकती है, लेकिन केवल एंकर बुक देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी का कारोबार स्टील और मेटल इंडस्ट्री से जुड़ा है, इसलिए कच्चे माल की कीमतों, मांग, मार्जिन और इंडस्ट्री साइकल में बदलाव का असर इसके वित्तीय प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
साथ ही, आईपीओ में OFS का हिस्सा फ्रेश इश्यू की तुलना में काफी बड़ा है। इसलिए निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज, कैश फ्लो, प्रमोटर हिस्सेदारी और IPO के बाद की वैल्यूएशन का भी आकलन करना चाहिए।
निष्कर्ष
Behari Lal Engineering IPO में एंकर बुक के दौरान WhiteOak Capital, Bandhan Mutual Fund, 360 ONE और Singularity AMC जैसे बड़े निवेशकों की भागीदारी ने इस इश्यू को बाजार में चर्चा में ला दिया है। वहीं आनंद राठी की ‘Subscribe – Long Term’ राय भी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत देती है।
हालांकि, आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, जोखिमों और अपने निवेश लक्ष्य के आधार पर स्वतंत्र फैसला लेना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले कंपनी के ऑफर डॉक्यूमेंट और वित्तीय आंकड़ों का अध्ययन करें तथा जरूरत होने पर सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran किसी भी शेयर या आईपीओ में निवेश की गारंटी या व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं देता।


