Aaj Ka Mausam: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 अगस्त को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की आशंका सबसे ज्यादा है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सहित कई राज्यों में भी भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है। ऐसे में बारिश प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
4 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
IMD के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 12 अगस्त को पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
लगातार तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
राजस्थान में भी बिगड़ सकता है मौसम
पूर्वी राजस्थान में आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।
किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ या खुले मैदान के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
हिमाचल से उत्तराखंड तक पहाड़ों में बारिश

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहने वाला है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी होने, छोटे नालों और नदियों में पानी बढ़ने तथा भूस्खलन की स्थिति बनने का खतरा रहता है। ऐसे में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी को ध्यान में रखने की जरूरत है।
पंजाब में भी आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। बारिश का असर स्थानीय यातायात और निचले इलाकों पर पड़ सकता है।
मध्य और पश्चिमी भारत में भी बारिश का असर
मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र और कोंकण-गोवा में भी कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।
मध्य महाराष्ट्र में आज भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। तेज बारिश के कारण शहरी इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी रह सकती है।
कोंकण और गोवा में भी मानसूनी बादल सक्रिय रहने से कई जगहों पर तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का अनुमान है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की स्थिति पर प्रशासन नजर रख सकता है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
अंडमान में 60 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट
IMD ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना रह सकता है।
वहीं तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
इन राज्यों में बिजली गिरने का खतरा
बारिश के साथ आकाशीय बिजली भी कई राज्यों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
आकाशीय बिजली के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो सुरक्षित और पक्की जगह पर रहना ज्यादा बेहतर है।
समुद्र में भी तेज हवाओं का खतरा, मछुआरों को सलाह
मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। सोमालिया और ओमान तट के पास तथा उससे लगे अरब सागर के क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर झोंकों के साथ हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
ऐसे मौसम में समुद्र में ऊंची लहरें और खराब समुद्री परिस्थितियां बन सकती हैं। इसलिए प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है।
आज किन राज्यों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
12 अगस्त को सबसे ज्यादा सतर्कता पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, कोंकण-गोवा और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है।
मानसून के दौरान मौसम में तेजी से बदलाव हो सकता है। इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी मौसम चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी है।
बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
भारी बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर है। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और तेज बहाव वाले नालों या नदी के किनारे जाने से बचें। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर खड़े न रहें।
नोट: मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। स्थानीय प्रशासन और भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा चेतावनियों को प्राथमिकता दें।


