Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 11 अगस्त को हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। खास तौर पर हैवीवेट शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा, जिससे बाजार की चाल कमजोर हुई। हालांकि, टेक्निकल एनालिस्ट्स का मानना है कि मौजूदा गिरावट को फिलहाल ट्रेंड में बड़े बदलाव के तौर पर नहीं देखा जा सकता। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों ही अहम सपोर्ट जोन के आसपास कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में 12 अगस्त के कारोबार में इन सपोर्ट लेवल्स का टूटना या उनसे खरीदारी लौटना बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम होगा।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
11 अगस्त के कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 388.19 अंक यानी 0.49% गिरकर 78,154.25 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 112.10 अंक यानी 0.46% टूटकर 24,471.70 पर बंद हुआ।
बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। कुल मिलाकर करीब 1,977 शेयरों में तेजी, जबकि 2,152 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। करीब 187 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। इससे संकेत मिलता है कि मंगलवार को बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक रहा।
निफ्टी के कमजोर प्रदर्शन वाले प्रमुख शेयरों में टाटा कंज्यूमर, मैक्स हेल्थकेयर, अल्ट्राटेक सीमेंट, अपोलो हॉस्पिटल्स और नेस्ले शामिल रहे। दूसरी ओर डॉ. रेड्डीज लैब्स, एटरनल, टीसीएस, टाइटन कंपनी और इंफोसिस में खरीदारी देखने को मिली।
सेक्टरों में भी मिला-जुला रुख
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मंगलवार को बाजार में पूरी तरह एकतरफा बिकवाली नहीं रही। निफ्टी फार्मा करीब 1% और निफ्टी आईटी 0.6% की बढ़त के साथ बंद हुए।
इसके विपरीत निफ्टी रियल्टी, एफएमसीजी और मेटल इंडेक्स करीब 1% नीचे रहे। निफ्टी इंफ्रा में 0.8%, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.6%, निफ्टी ऑटो में 0.5% और निफ्टी बैंक में करीब 0.4% की गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप इंडेक्स लगभग सपाट रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2% की मामूली बढ़त देखने को मिली।
12 अगस्त को निफ्टी की कैसी रह सकती है चाल?
Hedged.in के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट–HNI और डेरिवेटिव्स रियांक अरोड़ा के मुताबिक, 11 अगस्त का सत्र भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए सुस्त रहा। हालिया तेजी के बाद बेंचमार्क इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग हुई और हैवीवेट शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
उनका कहना है कि इसके बावजूद बाजार का बुनियादी ढांचा अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। फिलहाल निवेशकों की नजर ग्लोबल संकेतों और घरेलू ट्रिगर्स पर रहेगी।
निफ्टी 24,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ है। हालांकि, इंडेक्स अभी भी अहम सपोर्ट जोन के ऊपर है। रियांक अरोड़ा के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,400–24,350 तत्काल सपोर्ट जोन है, जबकि 24,200 के आसपास मजबूत सपोर्ट मौजूद है।
ऊपर की तरफ 24,550–24,650 का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर मजबूती से टिकता है तो तेजड़ियों की पकड़ फिर मजबूत हो सकती है।
24,400 का स्तर क्यों है महत्वपूर्ण?
LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के अनुसार, आवरली चार्ट पर निफ्टी हालिया कंसोलिडेशन रेंज से नीचे आया है। यह संकेत देता है कि शॉर्ट-टर्म तेजी का मोमेंटम कमजोर हुआ है।
हालांकि, 24,400 का स्तर तत्काल सपोर्ट बना हुआ है। इस स्तर के आसपास गिरावट आने पर खरीदारी लौट सकती है। दूसरी तरफ 24,600–24,650 का क्षेत्र रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा।
अगर निफ्टी 24,400 से ऊपर बना रहता है तो बाजार का सेंटीमेंट अपेक्षाकृत सकारात्मक रह सकता है। लेकिन इस स्तर के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट कमजोर होने की आशंका बढ़ जाएगी।
24,300 के आसपास भी नजर रखें
HDFC Securities के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक, मंगलवार को निफ्टी में कमजोरी के साथ एक नेगेटिव डेली कैंडल बनी। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से बाजार में सुस्ती और सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
उनके मुताबिक निफ्टी आने वाले सत्रों में 24,300 के अहम ब्रेकआउट लेवल तक नीचे जा सकता है। हालांकि, डेली और वीकली चार्ट पर अभी भी हायर टॉप और हायर बॉटम का बड़ा बुलिश स्ट्रक्चर बना हुआ है।
इसलिए मौजूदा कमजोरी को एक संभावित नए हायर बॉटम के निर्माण के तौर पर भी देखा जा सकता है। लेकिन तेजी की वापसी की पुष्टि के लिए जरूरी है कि इंडेक्स सपोर्ट जोन से रिवर्सल दिखाए।
200-डे EMA पर टिकी निगाह
SBI Securities के हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,390–24,350 का 200-डे EMA जोन बेहद अहम सपोर्ट है।
अगर निफ्टी 24,350 के नीचे फिसलता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स जल्द ही 24,200 के स्तर तक जा सकता है।
इसके विपरीत, ऊपर की तरफ 24,600–24,630 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस रहेगा। तेजी का मोमेंटम दोबारा मजबूत करने के लिए निफ्टी को इस रेंज के ऊपर टिकना जरूरी होगा।
इस लिहाज से 12 अगस्त को 24,350–24,400 का क्षेत्र बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन में से एक रहेगा।
सेंसेक्स के लिए ये लेवल महत्वपूर्ण
सेंसेक्स के टेक्निकल आउटलुक पर रियांक अरोड़ा का कहना है कि इंडेक्स अभी भी अपने अहम सपोर्ट के ऊपर बना हुआ है।
नीचे की तरफ 77,900–77,700 का जोन महत्वपूर्ण सपोर्ट हो सकता है। वहीं ऊपर की तरफ 78,400–78,700 का क्षेत्र अहम रेजिस्टेंस रहेगा।
अगर सेंसेक्स 78,400–78,700 के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है तो शॉर्ट-टर्म आउटलुक में सुधार हो सकता है। इसके विपरीत सपोर्ट टूटने पर बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
बैंक निफ्टी में क्या संकेत मिल रहे हैं?
बैंक निफ्टी मंगलवार को भी दबाव में रहा और 57,446 के स्तर पर बंद हुआ। LKP Securities के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा के मुताबिक, बैंक निफ्टी 200-DMA के नीचे एक छोटी कैंडलस्टिक के साथ बंद हुआ, लेकिन 50-DMA के आसपास इसे सपोर्ट मिला।
फिलहाल बैंक निफ्टी दोनों अहम मूविंग एवरेज के बीच कंजेशन जोन में है। यह बाजार में सतर्कता और किसी स्पष्ट ट्रेंड के अभाव का संकेत देता है।
आगे बैंक निफ्टी के लिए 57,000–57,800/58,000 की रेंज महत्वपूर्ण रह सकती है। नीचे की तरफ 57,000 तत्काल सपोर्ट है, जबकि 57,800 के आसपास रेजिस्टेंस मौजूद है।
इस रेंज से बाहर निकलने पर बैंक निफ्टी की अगली दिशा ज्यादा स्पष्ट हो सकती है।
56,800 के नीचे बढ़ सकती है कमजोरी
SBI Securities के सुदीप शाह के अनुसार, बैंक निफ्टी को मंगलवार को 50-डे EMA के आसपास सपोर्ट मिला। इंडेक्स में दिन के निचले स्तरों से खरीदारी भी देखने को मिली, जिससे गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।
टेक्निकल आधार पर 56,900–56,800 का 100-डे EMA जोन बैंक निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट है। अगर इंडेक्स 56,800 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है तो कमजोरी बढ़ सकती है और बैंक निफ्टी 56,200 के स्तर तक फिसल सकता है।
ऊपर की तरफ 57,900–58,000 का जोन अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। इस रेंज के ऊपर लगातार टिकने पर बैंकिंग इंडेक्स में बुलिश मोमेंटम दोबारा मजबूत हो सकता है।
12 अगस्त के लिए निवेशकों की रणनीति क्या हो?
मौजूदा टेक्निकल संकेतों को देखें तो 12 अगस्त के कारोबार में निफ्टी के लिए 24,350–24,400 का सपोर्ट जोन बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। इसके ऊपर बने रहने पर 24,550–24,650 की तरफ वापसी की संभावना बनी रह सकती है।
वहीं 24,350 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर 24,200 और उसके बाद 24,000 के आसपास के स्तर बाजार के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
सेंसेक्स में 77,900–77,700 का सपोर्ट और 78,400–78,700 का रेजिस्टेंस जोन नजर में रहेगा। बैंक निफ्टी में 57,000 और 56,800 अहम सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 57,800–58,000 की रेंज रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकती है।
कुल मिलाकर, एक्सपर्ट्स की राय से संकेत मिलता है कि मौजूदा गिरावट को अभी लंबी अवधि के बुलिश ट्रेंड के खत्म होने के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। बाजार में कंसोलिडेशन और उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए मजबूत शेयरों पर फोकस करना, गिरावट पर जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय सपोर्ट लेवल पर नजर रखना और जोखिम के मुताबिक स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण रहेगा।
12 अगस्त के अहम टेक्निकल लेवल
| इंडेक्स | सपोर्ट | रेजिस्टेंस |
|---|---|---|
| Nifty | 24,400–24,350; 24,200 | 24,550–24,650 |
| Sensex | 77,900–77,700 | 78,400–78,700 |
| Bank Nifty | 57,000; 56,900–56,800 | 57,800–58,000 |
निष्कर्ष: 12 अगस्त को बाजार की दिशा मुख्य रूप से निफ्टी के 24,400–24,350 और बैंक निफ्टी के 57,000–56,800 सपोर्ट जोन पर निर्भर रह सकती है। इन स्तरों से खरीदारी लौटती है तो बाजार में रिकवरी की गुंजाइश बनी रहेगी। वहीं सपोर्ट टूटने पर शॉर्ट-टर्म कमजोरी और बढ़ सकती है।
डिस्क्लेमर: newsjagran.in पर प्रकाशित यह लेख बाजार विशेषज्ञों की राय और उपलब्ध टेक्निकल डेटा पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।


