Vedanta Group: वेदांता ग्रुप से जुड़ी कुछ हाल ही में लिस्ट हुई कंपनियों में प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रुप का फोकस खास तौर पर Oil & Gas और Iron & Steel कारोबार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने पर हो सकता है। इसके लिए प्रमोटर खुले बाजार से धीरे-धीरे शेयर खरीदने का विकल्प अपना सकते हैं।
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से CNBC-TV18 ने बताया है कि इस पूरी कवायद के जरिए करीब ₹2,000 करोड़ से ₹3,000 करोड़ तक की रकम जुटाने की तैयारी हो सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी हिस्सेदारी खरीदी जाएगी और किन कंपनियों में प्रमोटर खरीदारी करेंगे।
खुले बाजार से धीरे-धीरे हो सकती है खरीदारी
रिपोर्ट के मुताबिक, वेदांता ग्रुप के प्रमोटर चुनिंदा कंपनियों के शेयर खुले बाजार से चरणबद्ध तरीके से खरीद सकते हैं। इस तरह की खरीदारी को आम तौर पर Creeping Purchase कहा जाता है।
इसमें प्रमोटर एक ही बार में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के बजाय समय-समय पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में शेयर खरीदते हैं। इससे बाजार में अचानक बड़ी खरीदारी का प्रभाव कम किया जा सकता है।
SEBI के लागू नियमों के तहत पात्र प्रमोटर कुछ परिस्थितियों में एक वित्त वर्ष के दौरान कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 5% तक बढ़ा सकते हैं, बशर्ते संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाए। हालांकि, वेदांता मामले में वास्तविक खरीदारी कितनी होगी, यह अभी सामने नहीं आया है।
₹2,000-3,000 करोड़ जुटाने की तैयारी क्यों?
सूत्रों के मुताबिक, प्रमोटर Oil & Gas और Iron & Steel कारोबार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए करीब ₹2,000 करोड़ से ₹3,000 करोड़ जुटाने की योजना बना सकते हैं।
इसके लिए Vedanta Ltd. या Vedanta Aluminium के शेयरों को गिरवी रखने या कुछ हिस्सेदारी बेचने जैसे विकल्पों पर विचार किए जाने की बात सामने आई है।
अगर ऐसा होता है तो जुटाई गई रकम का इस्तेमाल ग्रुप की रणनीतिक हिस्सेदारी बढ़ाने और संबंधित कारोबार में प्रमोटर की पकड़ मजबूत करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इन संभावित कदमों को लेकर कंपनी की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
Vedanta ने क्या कहा?
इस खबर को लेकर जब CNBC-TV18 ने कंपनी से सवाल किया तो वेदांता के प्रवक्ता ने बाजार में चल रही अटकलों पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
इसका मतलब है कि फिलहाल प्रमोटर खरीदारी या ₹2,000-3,000 करोड़ जुटाने की योजना को कंपनी की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता। निवेशकों के लिए यह अंतर समझना जरूरी है, क्योंकि बाजार में किसी खबर के आधार पर शेयरों में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
डीमर्जर के बाद इन कंपनियों पर फोकस
वेदांता ग्रुप ने अपने अलग-अलग कारोबारों को स्वतंत्र कंपनियों के रूप में सूचीबद्ध करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस प्रक्रिया के बाद अलग-अलग कारोबारों पर निवेशकों का फोकस बढ़ा है।
इन कंपनियों की लिस्टिंग के दौरान वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने संकेत दिया था कि कारोबार की ग्रोथ के लिए ग्रुप जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने यह भी कहा था कि उनके लिए हर स्थिति में मालिक बने रहना जरूरी नहीं है और ग्रुप की ग्रोथ के लिए जरूरत के मुताबिक कारोबार का पुनर्गठन तथा अंतरराष्ट्रीय विस्तार जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
ऐसे में अगर प्रमोटर चुनिंदा कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो इसे वेदांता ग्रुप की लंबे समय की कारोबार रणनीति के संदर्भ में भी देखा जा सकता है।
मंगलवार को Vedanta के शेयर में गिरावट
मंगलवार के कारोबारी सत्र में Vedanta Ltd. का शेयर 2.70% गिरकर ₹276 पर बंद हुआ।
वहीं, वेदांता ग्रुप से जुड़ी अन्य कंपनियों के शेयरों में अलग-अलग तरह की हलचल देखने को मिली।
- Vedanta Oil & Gas: ₹39.64 पर लगभग सपाट बंद
- Vedanta Iron & Steel: 5% के अपर सर्किट के साथ ₹38.81
- Vedanta Aluminium Metal: 0.69% गिरकर ₹469.35
इन शेयरों में उतार-चढ़ाव कंपनी से जुड़ी खबरों के अलावा व्यापक बाजार की दिशा और निवेशकों की धारणा पर भी निर्भर करता है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
अगर प्रमोटर वास्तव में खुले बाजार से किसी कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो यह उस कंपनी में प्रमोटर के भरोसे का संकेत माना जा सकता है। हालांकि, सिर्फ प्रमोटर खरीदारी की खबर के आधार पर किसी शेयर में निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।
निवेशकों को कंपनी के कर्ज, मुनाफे, कैश फ्लो, वैल्यूएशन, प्रमोटर होल्डिंग, शेयर प्लेज और भविष्य की कारोबारी योजनाओं समेत कई पहलुओं को देखना चाहिए।
फिलहाल वेदांता ग्रुप की ओर से संभावित खरीदारी और फंड जुटाने की योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए निवेशकों को इस खबर को सूत्रों पर आधारित रिपोर्ट के तौर पर ही देखना चाहिए और कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।
Disclaimer
यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच करें तथा जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लें। NewsJagran किसी भी निवेशक को किसी शेयर में पैसा लगाने की सलाह नहीं देता।


