Market View: घरेलू शेयर बाजार में अगस्त सीरीज की शुरुआत के साथ उतार-चढ़ाव बढ़ता नजर आ रहा है। बाजार के मौजूदा ट्रेंड और तकनीकी संकेतों पर नजर डालें तो शॉर्ट टर्म में सावधानी जरूरी है, लेकिन अगस्त सीरीज के बड़े नजरिए से बाजार का स्ट्रक्चर अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। कोटक सिक्योरिटीज के सहज अग्रवाल के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,150 के आसपास का स्तर अगस्त सीरीज में एक मजबूत सपोर्ट जोन की तरह काम कर सकता है।
उनका मानना है कि जब तक निफ्टी इस महत्वपूर्ण सपोर्ट के नीचे निर्णायक रूप से नहीं जाता, तब तक बाजार के ओवरऑल पॉजिटिव सेटअप में बड़ा बदलाव नहीं माना जाना चाहिए। ऐसे माहौल में बाजार में आक्रामक शॉर्टिंग के बजाय चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के मौके तलाशना बेहतर रणनीति हो सकती है।
आज बाजार में क्यों रहना होगा सतर्क?
सहज अग्रवाल के अनुसार, अगस्त सीरीज में पहली बार एक वीकली नेगेटिव सेटअप देखने को मिला है। इसके अलावा एक्सपायरी के दिन बाजार का व्यवहार भी दबाव वाला रह सकता है। बाजार पिछले दिन के लो के नीचे कारोबार करता दिखाई दे रहा है, इसलिए शॉर्ट टर्म में कमजोरी और वोलेटिलिटी बढ़ने की आशंका है।
हालांकि, इसे बाजार के पूरे ट्रेंड में बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह मुख्य रूप से मौजूदा कारोबारी सत्र और शॉर्ट टर्म तकनीकी स्थिति से जुड़ा संकेत है।
अगस्त सीरीज के लिए तस्वीर कुछ अलग है। 24,150 के आसपास निफ्टी का सपोर्ट बाजार के लिए अहम स्तर माना जा रहा है। अगर यह स्तर कायम रहता है तो बाजार में चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के अवसर बने रह सकते हैं।
24,150 का स्तर क्यों है अहम?
तकनीकी नजरिए से बाजार में सपोर्ट और रेजिस्टेंस के स्तर ट्रेडिंग रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 24,150 के आसपास का स्तर अगस्त सीरीज के लिए इसलिए अहम है क्योंकि इसके ऊपर बने रहने पर मौजूदा पॉजिटिव स्ट्रक्चर बरकरार रहने की संभावना है।
अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकता है तो निवेशकों और ट्रेडर्स को चुनिंदा सेक्टर तथा स्टॉक्स में अवसर मिल सकते हैं। वहीं, इस सपोर्ट के नीचे लगातार कमजोरी दिखाई देती है तो बाजार के तकनीकी सेटअप की दोबारा समीक्षा करनी होगी।
इसलिए मौजूदा समय में सिर्फ इंडेक्स की चाल देखने के बजाय स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है।
मिडकैप IT और मेटल शेयरों में अवसर
सहज अग्रवाल के मुताबिक, मौजूदा बाजार में खास तौर पर मिडकैप IT और मेटल से जुड़े चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के मौके दिखाई दे रहे हैं। बाजार में फिलहाल पूरी तरह एकतरफा तेजी या मंदी का माहौल नहीं है, बल्कि स्थिति मिली-जुली है।
ऐसे बाजार में हर शेयर में खरीदारी करने के बजाय उन कंपनियों पर ध्यान देना जरूरी है जिनके चार्ट पर मजबूत तकनीकी संकेत दिखाई दे रहे हैं। मिडकैप सेगमेंट में कुछ शेयरों में ब्रेकआउट और बेस फॉर्मेशन जैसे संकेत नजर आ रहे हैं।
हालांकि, मिडकैप शेयरों में उतार-चढ़ाव लार्जकैप की तुलना में अधिक हो सकता है। इसलिए ऐसे शेयरों में एंट्री के साथ स्टॉप लॉस का पालन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
सहज अग्रवाल की टॉप पिक: एम्फेसिस
सहज अग्रवाल को मिडकैप IT स्पेस में एम्फेसिस (Mphasis) का शेयर पसंद आ रहा है। उनके मुताबिक, स्टॉक ने अपने कंसोलिडेशन जोन से एक अच्छा ब्रेकआउट दिया है।
तकनीकी नजरिए से ब्रेकआउट तब महत्वपूर्ण माना जाता है जब कोई शेयर लंबे समय तक एक सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद उस दायरे के ऊपरी स्तर को पार करता है और उसके ऊपर टिकने की कोशिश करता है।
Mphasis के लिए ट्रेडिंग लेवल
सहज अग्रवाल के बताए स्तरों के मुताबिक:
- खरीदारी: मौजूदा भाव के आसपास
- स्टॉप लॉस: ₹2,410
- टारगेट: ₹2,625
इस सेटअप में स्टॉप लॉस का इस्तेमाल जोखिम को सीमित करने के लिए किया गया है। शेयर में तेजी तभी टिकाऊ मानी जाएगी जब ब्रेकआउट के बाद कीमतें ऊपरी स्तरों पर मजबूती बनाए रखें।
GMDC में भी ब्रेकआउट का संकेत
सहज अग्रवाल की दूसरी पसंद GMDC (Gujarat Mineral Development Corporation) है। उनके अनुसार, शेयर ने अपने फॉलिंग चैनल की लाइन को पार किया है।
फॉलिंग चैनल तकनीकी चार्ट पर बनने वाला ऐसा पैटर्न है जिसमें शेयर एक निश्चित डाउनवर्ड रेंज में कारोबार करता है। अगर कीमत इस चैनल की ऊपरी सीमा को पार करती है तो इसे संभावित ट्रेंड रिवर्सल या शॉर्ट टर्म तेजी के संकेत के रूप में देखा जा सकता है।
GMDC के मामले में भी यह एक प्योर टेक्निकल कॉल है और एक्सपर्ट को इसका रिस्क-रिवॉर्ड आकर्षक नजर आ रहा है।
GMDC के ट्रेडिंग लेवल
- खरीदारी: मौजूदा भाव के आसपास
- स्टॉप लॉस: ₹580
- टारगेट: ₹625
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि तकनीकी ब्रेकआउट हमेशा सफल हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए निर्धारित स्टॉप लॉस का पालन करना अहम है।
मेटल शेयरों में किन नामों पर नजर?
मेटल स्पेस में भी कुछ चुनिंदा शेयरों को लेकर सकारात्मक तकनीकी संकेत बताए गए हैं। सहज अग्रवाल ने GMDC, NMDC और MOIL जैसे नामों का उल्लेख किया है।
इनमें GMDC और NMDC कमोडिटी और माइनिंग थीम से जुड़े प्रमुख नाम हैं, जबकि MOIL का कारोबार मुख्य रूप से मैंगनीज से संबंधित है। कमोडिटी कीमतों, डिमांड-सप्लाई और वैश्विक मेटल मार्केट की चाल इन कंपनियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
इसलिए मेटल शेयरों में निवेश करते समय केवल चार्ट ही नहीं, बल्कि कमोडिटी साइकिल और कंपनी के फंडामेंटल्स पर भी नजर रखना जरूरी है।
MOIL में बन रहा है वैल्यू प्ले?
MOIL पर बात करते हुए सहज अग्रवाल ने इसे मेटल का डायरेक्ट प्योर-प्ले नहीं बल्कि डिराइव्ड प्ले बताया। उनके अनुसार, शेयर ने मंथली बेसिस पर अंडरपरफॉर्म करने के बाद करीब ₹240-250 के आसपास एक महत्वपूर्ण बेस बनाया है।
स्टॉक ने इस बेस को एक-दो बार नीचे की तरफ तोड़ने की कोशिश की, लेकिन वहां टिक नहीं पाया और मंथली आधार पर सकारात्मक क्लोजिंग देने में सफल रहा। तकनीकी विश्लेषण में किसी महत्वपूर्ण सपोर्ट के नीचे जाने के बाद वापस उसके ऊपर आना कई बार मजबूती का संकेत माना जाता है।
इसी वजह से MOIL को मौजूदा स्तरों पर एक संभावित वैल्यू प्ले के तौर पर देखा जा रहा है।
अगस्त सीरीज के लिए क्या है रणनीति?
मौजूदा बाजार परिस्थितियों को देखते हुए अगस्त सीरीज में निवेशकों को इंडेक्स की दिशा के साथ-साथ स्टॉक-स्पेसिफिक अवसरों पर नजर रखनी चाहिए।
सहज अग्रवाल के नजरिए से रणनीति को मोटे तौर पर इस तरह समझा जा सकता है:
निफ्टी 24,150 के ऊपर:
बाजार का स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहने की उम्मीद है और चुनिंदा मिडकैप शेयरों में खरीदारी के अवसर तलाशे जा सकते हैं।
24,150 के आसपास:
यह एक अहम सपोर्ट जोन है। इस स्तर पर बाजार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
24,150 के नीचे कमजोरी:
अगर निफ्टी इस स्तर को निर्णायक रूप से तोड़ता है तो मौजूदा पॉजिटिव सेटअप कमजोर पड़ सकता है और नए तकनीकी स्तरों का इंतजार करना बेहतर होगा।
क्या अभी बाजार में शॉर्ट करना चाहिए?
सहज अग्रवाल के मुताबिक, मौजूदा कमजोरी को देखते हुए भी सीधे शॉर्ट करने की सलाह नहीं दी जा रही है। इसकी वजह अगस्त सीरीज का व्यापक स्ट्रक्चर है, जो अभी भी पॉजिटिव नजर आ रहा है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि बाजार में गिरावट नहीं आ सकती। बल्कि मौजूदा संकेत बताते हैं कि शॉर्ट टर्म में वोलेटिलिटी अधिक रह सकती है और ट्रेडर्स को जल्दबाजी में पोजिशन लेने से बचना चाहिए।
खासकर एक्सपायरी के आसपास बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में पोजिशन का आकार, स्टॉप लॉस और रिस्क मैनेजमेंट महत्वपूर्ण हो जाता है।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मिडकैप IT और मेटल शेयरों में संभावित अवसर दिखाई देने के बावजूद निवेशकों को कुछ जोखिमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मिडकैप स्टॉक्स में लिक्विडिटी और वोलेटिलिटी का जोखिम अधिक हो सकता है।
इसके अलावा तकनीकी ब्रेकआउट के बाद कई बार फॉल्स ब्रेकआउट भी देखने को मिलता है। इसलिए केवल ब्रेकआउट देखकर बिना रिस्क मैनेजमेंट के निवेश करना उचित नहीं माना जाता।
निवेशकों को कंपनी के तिमाही नतीजे, वैल्यूएशन, कर्ज, कमाई की ग्रोथ और सेक्टर की स्थिति जैसे फंडामेंटल संकेतकों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
निष्कर्ष
अगस्त सीरीज के लिए बाजार का शॉर्ट टर्म सेटअप थोड़ा कमजोर और वोलेटाइल नजर आ रहा है, लेकिन व्यापक तकनीकी स्ट्रक्चर अभी भी सकारात्मक बताया जा रहा है। निफ्टी के लिए 24,150 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट है। जब तक यह सपोर्ट कायम रहता है, बाजार में चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के अवसर बने रहने की उम्मीद है।
इस समय खास तौर पर मिडकैप IT और मेटल शेयरों पर नजर रखी जा सकती है। सहज अग्रवाल की पसंद में Mphasis और GMDC शामिल हैं, जबकि मेटल स्पेस में GMDC, NMDC और MOIL जैसे नामों को उन्होंने बेहतर नजरिए से देखा है।
हालांकि, ये स्तर और टारगेट एक्सपर्ट के तकनीकी विश्लेषण पर आधारित हैं। बाजार की चाल बदलने पर ट्रेडिंग सेटअप भी बदल सकता है। इसलिए निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही कोई फैसला लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए शेयरों के टारगेट, स्टॉप लॉस और बाजार से जुड़े विचार संबंधित एक्सपर्ट के निजी विश्लेषण पर आधारित हैं। NewsJagran.in या इसकी मैनेजमेंट टीम इन विचारों के आधार पर होने वाले किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


