Ayodhya Ram Mandir CEO: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है। करीब 5,200 आवेदनों की जांच के बाद 18 उम्मीदवारों को अंतिम इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। दो दिन तक चलने वाली इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद चयन समिति तीन नामों की सिफारिश ट्रस्ट के सामने रखेगी।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के विस्तार के साथ अब मंदिर प्रशासन को और व्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले फुल-टाइम मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है।
जानकारी के मुताबिक, इस पद के लिए देशभर से करीब 5,200 लोगों ने आवेदन किया था। आवेदनों की विस्तृत जांच और उम्मीदवारों से हुई शुरुआती बातचीत के बाद अब 18 लोगों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है। ये सभी उम्मीदवार 10 अगस्त को अयोध्या पहुंच चुके हैं और ट्रस्ट की ओर से उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है।
5,200 से ज्यादा आवेदनों में से 18 उम्मीदवार चुने गए
चयन प्रक्रिया से जुड़े लोगों के मुताबिक, CEO पद के लिए मिले 5,000 से अधिक आवेदनों की करीब 20 दिनों तक जांच की गई। इस दौरान उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव और प्रशासनिक क्षमता का आकलन किया गया।
कुछ उम्मीदवारों से ऑनलाइन बातचीत भी की गई थी। इसका उद्देश्य उनकी प्रोफेशनल पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी को स्पष्ट करना और यह समझना था कि वे इतने बड़े धार्मिक संस्थान के प्रशासन और प्रबंधन को किस तरह संभाल सकते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद करीब 18 उम्मीदवारों को अंतिम इंटरव्यू के लिए चुना गया है।
पूर्व सरकारी अधिकारियों से लेकर मंदिर प्रशासन के अनुभवी लोग शामिल
शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों में अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले लोग शामिल हैं। इनमें कुछ पूर्व सरकारी अधिकारी भी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत के बड़े और प्रतिष्ठित मंदिरों में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर काम कर चुके लोगों को भी इस प्रक्रिया में जगह मिली है।
राम मंदिर का प्रशासन सामान्य सरकारी या कॉरपोरेट संस्थान के मुकाबले काफी अलग है। यहां धार्मिक परंपराओं, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, सुरक्षा, दान और वित्तीय प्रबंधन के साथ-साथ मंदिर से जुड़े विभिन्न धार्मिक आयोजनों का भी ध्यान रखना होगा। ऐसे में ट्रस्ट ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है, जिसके पास बड़े स्तर के प्रशासन को संभालने का अनुभव हो।
आज से राम मंदिर में शुरू होंगे इंटरव्यू
शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवार 10 अगस्त को अयोध्या पहुंच चुके हैं। ट्रस्ट ने उनके रहने की व्यवस्था पहले से कर रखी थी। अब 11 अगस्त से उम्मीदवारों के इंटरव्यू शुरू होने हैं।
जानकारी के मुताबिक, इंटरव्यू सुबह करीब 10 बजे से शुरू होंगे और यह प्रक्रिया दो दिनों तक चल सकती है। इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों को राम मंदिर परिसर में बुलाया गया है।
मामले से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के दौरान मीडिया से बातचीत नहीं करने की सलाह दी गई है। इससे संकेत मिलता है कि ट्रस्ट फिलहाल पूरी प्रक्रिया को गोपनीय और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना चाहता है।
कौन कर रहा है CEO पद के लिए उम्मीदवारों का चयन?
राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO के चयन के लिए एक विशेष चयन समिति बनाई गई है। इस समिति में पूर्व जज प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और वैज्ञानिक एवं शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं।
समिति ने आवेदनों की जांच के बाद उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की है। अब अंतिम इंटरव्यू के आधार पर उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता, अनुभव और इस जिम्मेदारी के लिए उनकी उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा।
तीन नामों की सिफारिश करेगी चयन समिति
दो दिनों तक चलने वाली इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति तीन उम्मीदवारों के नाम ट्रस्ट के सामने रखेगी। इसके बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इन तीन नामों में से किसी एक उम्मीदवार को पूर्णकालिक CEO नियुक्त करेगा।
यानी अभी 18 उम्मीदवारों में से किसी एक का सीधे चयन नहीं किया जाएगा। पहले इंटरव्यू के बाद तीन नामों की अंतिम सूची तैयार होगी और फिर ट्रस्ट उस सूची में से एक नाम पर फैसला करेगा।
CEO की जिम्मेदारी कितनी बड़ी होगी?
राम मंदिर के पूर्णकालिक CEO का पद काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नियुक्त होने वाले अधिकारी को मंदिर प्रशासन से जुड़े कई अहम कामों की निगरानी करनी होगी।
इसमें मंदिर की रोजमर्रा की प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाएं, कर्मचारियों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, वित्तीय प्रबंधन, दान से जुड़े मामलों की निगरानी और मंदिर से जुड़े अलग-अलग प्रोजेक्ट्स की देखरेख जैसी जिम्मेदारियां शामिल हो सकती हैं।
राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और त्योहारों के दौरान यह संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुविधाओं का विस्तार और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना CEO के सामने बड़ी चुनौती होगी।
दान और वित्तीय पारदर्शिता भी बड़ी जिम्मेदारी
पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ट्रस्ट को देश-विदेश से बड़ी मात्रा में दान और सहयोग प्राप्त होता है। ऐसे में धन के प्रबंधन, लेखांकन और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं। ऐसे में एक अनुभवी फुल-टाइम CEO के जरिए रोजमर्रा के प्रशासन और वित्तीय मामलों की निगरानी को ज्यादा व्यवस्थित करने की कोशिश की जा रही है।
CEO बनने के लिए धार्मिक योग्यता भी जरूरी
इस पद की सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक उम्मीदवार की धार्मिक पात्रता भी है। जानकारी के मुताबिक, CEO पद के लिए चयनित व्यक्ति का हिंदू धर्म को मानने वाला होना जरूरी है।
इसके साथ ही उम्मीदवार से हिंदू रीति-रिवाजों और धार्मिक परंपराओं की समझ तथा उनका पालन करने की अपेक्षा भी की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंदिर प्रशासन संभालने वाला अधिकारी राम मंदिर की धार्मिक प्रकृति और उससे जुड़ी परंपराओं को समझता हो।
क्यों अहम है राम मंदिर के पहले CEO का पद?
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के साथ मंदिर परिसर और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। देशभर से श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं और आने वाले समय में भक्तों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
ऐसे में मंदिर के धार्मिक कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक, वित्तीय और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं को संभालने के लिए एक मजबूत पेशेवर प्रशासनिक ढांचे की जरूरत है।
पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति इसी दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्त होने वाले अधिकारी के सामने न केवल मौजूदा व्यवस्थाओं को संभालने की जिम्मेदारी होगी, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाली जरूरतों के हिसाब से प्रशासनिक सिस्टम तैयार करने की चुनौती भी होगी।
फिलहाल सभी की नजर 18 उम्मीदवारों के इंटरव्यू पर है। दो दिन की चयन प्रक्रिया के बाद तीन नाम सामने आएंगे और इसके बाद ट्रस्ट राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO के नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा।


