AI Engineer Interview Viral: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते इस्तेमाल ने टेक इंडस्ट्री में नौकरी पाने और उम्मीदवारों की जांच करने के तरीकों को भी बदलना शुरू कर दिया है। कंपनियां अब सिर्फ रिज्यूमे और पारंपरिक इंटरव्यू के आधार पर उम्मीदवारों का आकलन नहीं करना चाहतीं। इसी बीच एक ऐसा इंटरव्यू सामने आया है, जिसमें उम्मीदवार को सवालों के जवाब देते समय अपनी आंखें बंद करने के लिए कहा गया।
Full-Stack AI Engineer की भर्ती से जुड़ा यह मामला Reddit पर शेयर किए गए एक पोस्ट के बाद चर्चा में आया। उम्मीदवार ने अपने इंटरव्यू अनुभव के साथ प्रश्नावली का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। इसमें एक खास प्रक्रिया को “ECQ यानी Eyes-Closed Question” नाम दिया गया था।
उम्मीदवार के मुताबिक, नौकरी की तलाश के दौरान उसने इससे पहले इस तरह की इंटरव्यू प्रक्रिया नहीं देखी थी। पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तरीके को लेकर कई सवाल उठाए। कुछ लोगों ने इसे AI की मदद से होने वाली नकल रोकने की कोशिश बताया, जबकि कुछ ने इसकी विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े किए।
Full-Stack AI Engineer के लिए था इंटरव्यू

Reddit पर साझा किए गए स्क्रीनशॉट के अनुसार, इंटरव्यू दस्तावेज का शीर्षक “Full-Stack AI Engineer – Pre-L1 Screening Questionnaire” था। यह शुरुआती स्क्रीनिंग करीब 35 से 40 मिनट की बताई गई थी और इसे 0 से 3 साल के अनुभव वाले उम्मीदवारों के लिए तैयार किया गया था।
इस स्क्रीनिंग में तकनीकी सवालों के साथ लाइव कोडिंग राउंड भी शामिल था। लाइव कोडिंग के दौरान उम्मीदवार को अपनी स्क्रीन शेयर करनी थी, ताकि इंटरव्यूअर उसके काम करने के तरीके को देख सके।
लेकिन इसी प्रक्रिया में एक ऐसा चरण भी था, जिसने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। दस्तावेज में ECQ यानी Eyes-Closed Question को इंटरव्यू का अनिवार्य हिस्सा बताया गया था।
क्या था ‘Eyes-Closed Question’?
प्रश्नावली में ECQ को एक MANDATORY प्रक्रिया के तौर पर दर्शाया गया था। इसके तहत उम्मीदवार को पहले अपनी आंखें बंद करनी होती थीं और स्क्रीन शेयरिंग बंद करनी होती थी।
इसके बाद इंटरव्यूअर सवाल को उम्मीदवार के सामने बोलकर पढ़ता था और उम्मीदवार को बिना स्क्रीन देखे उसका जवाब देना होता था।
इसका उद्देश्य यह जांचना बताया गया था कि उम्मीदवार किसी दृश्य सहायता, नोट्स या स्क्रीन पर मौजूद जानकारी के बिना अपने ज्ञान और अनुभव के आधार पर सवाल का जवाब दे सकता है या नहीं।
दस्तावेज में इंटरव्यूअर को यह भी देखने के लिए कहा गया था कि आंखें खुली और बंद होने की स्थिति में उम्मीदवार की जवाब देने की fluency में कोई अंतर आता है या नहीं।
यही हिस्सा Reddit पर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना।
क्या AI से नकल रोकना था मकसद?
इस प्रक्रिया को लेकर Reddit यूजर्स ने अलग-अलग संभावनाएं जताईं। कई लोगों ने अनुमान लगाया कि कंपनी शायद यह पता लगाना चाहती थी कि उम्मीदवार इंटरव्यू के दौरान AI चैटबॉट, नोट्स या किसी अन्य बाहरी सहायता का इस्तेमाल तो नहीं कर रहा।
आजकल टेक्निकल इंटरव्यू में AI टूल्स की उपलब्धता ने कंपनियों के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। उम्मीदवार किसी सवाल को समझने, कोड लिखने या जवाब तैयार करने में AI की सहायता ले सकता है। ऐसे में इंटरव्यूअर के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि उम्मीदवार वास्तव में समस्या को समझता है या सिर्फ AI से मिला उत्तर दोहरा रहा है।
Eyes-Closed Question इसी समस्या का एक प्रयोगात्मक समाधान हो सकता है। हालांकि, यह कहना मुश्किल है कि केवल आंखें बंद करवाने से AI के इस्तेमाल का पता विश्वसनीय तरीके से लगाया जा सकता है।
आंखें बंद करने से क्या वास्तव में सही आकलन हो सकता है?
Reddit चर्चा में कुछ यूजर्स ने इस प्रक्रिया की उपयोगिता पर सवाल उठाए। उनका तर्क था कि आंखें बंद होने पर उम्मीदवार का जवाब देने का तरीका स्वाभाविक रूप से बदल सकता है।
टेक्निकल सवालों के जवाब देते समय कई लोग स्क्रीन पर मौजूद कोड, डायग्राम या दूसरे विजुअल संदर्भों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में स्क्रीन बंद होने पर उनकी बोलने की गति कम होना या जवाब देने में ज्यादा समय लगना जरूरी नहीं कि AI के इस्तेमाल का संकेत हो।
इसके अलावा, इंटरव्यू के दबाव में उम्मीदवार की fluency पहले से ही बदल सकती है। इसलिए आंखें खुली और बंद होने की स्थिति में जवाबों के अंतर को सीधे AI cheating से जोड़ना उचित नहीं होगा।
4,800 आवेदन देखकर हायरिंग प्रोफेशनल भी परेशान
Reddit पर हुई चर्चा में एक अन्य यूजर ने खुद को इंजीनियरों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ बताया। उसने दावा किया कि पिछली बार एक नौकरी की पोस्टिंग पर उसे करीब 4,800 आवेदन मिले थे।
उसके अनुसार, बड़ी संख्या में CV ऐसे थे, जिन्हें देखकर उसे लगा कि उम्मीदवारों ने AI टूल्स की मदद से अपने रिज्यूमे तैयार किए हैं। उसने खास तौर पर ChatGPT और Claude जैसे AI टूल्स का उल्लेख किया।
AI की मदद से रिज्यूमे को किसी खास जॉब डिस्क्रिप्शन के अनुरूप बनाना अब काफी आसान हो गया है। उम्मीदवार नौकरी की आवश्यकताओं को AI टूल में डालकर अपने अनुभव और स्किल्स को उसी के अनुसार प्रस्तुत कर सकता है।
हायरिंग प्रोफेशनल के नजरिए से समस्या तब पैदा होती है जब रिज्यूमे में लिखी स्किल्स और वास्तविक तकनीकी क्षमता के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।
इंटरव्यू के जवाब भी लगे ‘स्क्रिप्टेड’
इसी Reddit यूजर ने दावा किया कि कुछ उम्मीदवारों के इंटरव्यू जवाब भी उसे पहले से तैयार किए हुए लगे।
उसके अनुसार, कुछ उम्मीदवार सवाल सुनने के बाद बार-बार “That’s a great question” जैसे वाक्य बोलते थे और फिर बेहद व्यवस्थित अंदाज में जवाब देना शुरू कर देते थे।
ऐसे जवाब अपने आप में AI के इस्तेमाल का सबूत नहीं हैं। कोई उम्मीदवार इंटरव्यू की तैयारी करके भी इसी तरह जवाब दे सकता है। लेकिन हायरिंग टीम के लिए चुनौती यह है कि उम्मीदवार की वास्तविक समझ और पहले से तैयार जवाब के बीच अंतर कैसे किया जाए।
इसी वजह से उस यूजर ने कथित तौर पर उम्मीदवारों की प्रोफेशनल जानकारी के दूसरे स्रोतों पर भी ज्यादा ध्यान देना शुरू किया। इनमें GitHub प्रोफाइल, LinkedIn पोस्ट, ब्लॉग और इंडस्ट्री इवेंट्स जैसी चीजें शामिल थीं।
AI ने हायरिंग टीम के सामने खड़ी की नई चुनौती
यह पूरा मामला केवल आंखें बंद करके इंटरव्यू लेने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे टेक इंडस्ट्री में तेजी से बदल रही भर्ती प्रक्रिया की बड़ी तस्वीर दिखाई देती है।
कुछ साल पहले कंपनियों के लिए यह देखना प्राथमिकता थी कि उम्मीदवार को किसी खास प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, फ्रेमवर्क या टूल की जानकारी है या नहीं। अब इसके साथ एक और सवाल जुड़ गया है—क्या उम्मीदवार वास्तव में यह काम खुद कर सकता है?
AI टूल्स ने कोड लिखने, डॉक्यूमेंट तैयार करने, सवालों के जवाब खोजने और रिज्यूमे बनाने को काफी आसान कर दिया है। इसका फायदा कंपनियों को भी मिलता है, लेकिन भर्ती के दौरान उम्मीदवार की वास्तविक क्षमता जांचना अधिक जटिल हो सकता है।
इसलिए आने वाले समय में इंटरव्यू प्रक्रिया में लाइव प्रोजेक्ट, प्रैक्टिकल टेस्ट, समस्या-समाधान के सवाल और उम्मीदवार के पिछले काम की गहराई से जांच जैसी प्रक्रियाओं का महत्व बढ़ सकता है।
क्या Eyes-Closed Question भविष्य की भर्ती प्रक्रिया बनेगा?
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि Eyes-Closed Question जैसी तकनीक बड़े स्तर पर कंपनियों की सामान्य भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बन जाएगी।
इस तरीके का सबसे बड़ा सवाल इसकी विश्वसनीयता और निष्पक्षता है। किसी उम्मीदवार की आंखें बंद होने पर उसकी बोलने की शैली में बदलाव होना सामान्य व्यवहार हो सकता है। इसलिए इसे AI इस्तेमाल का सीधा संकेत मानना उचित नहीं होगा।
फिर भी यह घटना एक महत्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा करती है। AI जितना ज्यादा आम होता जाएगा, कंपनियों को उम्मीदवार की वास्तविक क्षमता और AI की सहायता से तैयार किए गए जवाब के बीच अंतर करने के लिए उतने ही नए तरीके तलाशने पड़ सकते हैं।
Reddit पर वायरल हुआ यह इंटरव्यू स्क्रीनशॉट इसी बदलती तस्वीर का एक दिलचस्प उदाहरण है। आने वाले समय में नौकरी के इंटरव्यू शायद केवल सवाल-जवाब तक सीमित न रहें, बल्कि उम्मीदवार की वास्तविक समस्या-समाधान क्षमता, सोचने का तरीका और बिना बाहरी सहायता के काम करने की क्षमता को जांचने पर ज्यादा जोर दिया जाए।


