Anawil IPO Listing: विंडमिल टावर बनाने वाली कंपनी एनाविल वायर एंड इंजीनियरिंग (Anawil Wire & Engineering) के शेयरों की शेयर बाजार में शानदार एंट्री हुई है। कंपनी के शेयर आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुए। आईपीओ में जिन निवेशकों को ₹270 के भाव पर शेयर मिले थे, उन्हें लिस्टिंग के साथ ही करीब 22% का शानदार रिटर्न मिला। लिस्टिंग के बाद भी शेयर में तेजी जारी रही और यह बढ़कर ₹330 के स्तर तक पहुंच गया।
कंपनी के आईपीओ को भी निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। करीब ₹178 करोड़ के इस इश्यू को कुल मिलाकर 149 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था। ऐसे में इसकी लिस्टिंग पर बाजार की नजर बनी हुई थी।
₹329.65 पर हुई Anawil IPO की लिस्टिंग
एनाविल वायर एंड इंजीनियरिंग के शेयरों की आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर ₹329.65 के भाव पर लिस्टिंग हुई। कंपनी ने आईपीओ में शेयरों का इश्यू प्राइस ₹270 प्रति शेयर तय किया था। इस हिसाब से आईपीओ निवेशकों को करीब ₹59.65 प्रति शेयर का लिस्टिंग गेन मिला।
प्रतिशत के हिसाब से देखें तो यह लगभग 22.09% का लिस्टिंग गेन है। लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी और बढ़ी और इसका भाव ₹330 तक पहुंच गया। यानी इस स्तर पर आईपीओ निवेशक करीब 22.22% के मुनाफे में रहे।
एनाविल के शेयरों की मजबूत शुरुआत से यह साफ है कि आईपीओ को लेकर निवेशकों की उम्मीदें काफी मजबूत थीं। हालांकि, SME शेयरों में लिस्टिंग के बाद कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
149 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO
एनाविल वायर एंड इंजीनियरिंग का करीब ₹178 करोड़ का आईपीओ 3 अगस्त से 5 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इश्यू को सभी प्रमुख निवेशक कैटेगरी में शानदार प्रतिक्रिया मिली।
आईपीओ को कुल मिलाकर 149.13 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB का हिस्सा 164.56 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII कैटेगरी में 233.36 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 104.22 गुना सब्सक्राइब हुआ।
इतनी मजबूत मांग के चलते लिस्टिंग से पहले ही बाजार में कंपनी के शेयरों को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ था।
IPO से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?
एनाविल के आईपीओ में ₹143 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 13,00,800 शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बिक्री की गई।
OFS से मिलने वाली रकम कंपनी को नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को प्राप्त हुई है। दूसरी तरफ, नए शेयर जारी करके जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने और दूसरे कारोबारी उद्देश्यों के लिए करेगी।
कंपनी के मुताबिक, नए इश्यू से जुटाई गई रकम में से करीब ₹115 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज कम करने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा लगभग ₹29.98 करोड़ इश्यू से जुड़े खर्चों को पूरा करने और करीब ₹3.64 करोड़ सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।
कर्ज कम करने से कंपनी के ब्याज खर्च और बैलेंस शीट पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
क्या करती है Anawil Wire & Engineering?
एनाविल वायर एंड इंजीनियरिंग मुख्य रूप से विंडमिल टावर यानी विंड टर्बाइन टावर बनाने के कारोबार में है। कंपनी बड़ी WTG यानी Wind Turbine Generator OEMs और रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों की जरूरत के मुताबिक ट्यूब्यूलर स्टील विंड टर्बाइन टावर तैयार करती है।
कंपनी करीब 140 मीटर तक की ऊंचाई वाले विंड टर्बाइन टावर बनाने में सक्षम है। इसके पास दो एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। इन दोनों यूनिट्स की कुल वार्षिक क्षमता करीब 612 विंडमिल टावर बनाने की है।
रिन्यूएबल एनर्जी और खासकर विंड एनर्जी सेक्टर में निवेश बढ़ने के साथ विंड टर्बाइन से जुड़ी कंपनियों के लिए कारोबार के अवसर बढ़ सकते हैं। हालांकि, कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर ऑर्डर बुक, कच्चे माल की लागत, क्षमता इस्तेमाल और सेक्टर की मांग जैसे कई कारकों का असर पड़ेगा।
लगातार मजबूत हुई कंपनी की वित्तीय स्थिति
एनाविल के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो कंपनी ने हाल के वर्षों में मुनाफे और आय में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 188% से ज्यादा CAGR की दर से बढ़कर ₹36.63 करोड़ पहुंच गया।
इसी अवधि में कंपनी की कुल आय करीब 63% CAGR की दर से बढ़कर ₹143.63 करोड़ हो गई। यह कंपनी के कारोबार में तेज विस्तार को दर्शाता है।
हालांकि, कंपनी की बैलेंस शीट पर कर्ज भी मौजूद है। मार्च 2026 के अंत तक एनाविल पर करीब ₹128.25 करोड़ का कुल कर्ज था। वहीं कंपनी के रिजर्व और सरप्लस करीब ₹69.80 करोड़ थे। आईपीओ से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा कर्ज घटाने में इस्तेमाल किया जाना इसी वजह से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखती है लिस्टिंग?
₹270 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹329.65 पर लिस्टिंग का मतलब है कि आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को शुरुआत में ही करीब 22% का फायदा मिला। इसके बाद ₹330 तक पहुंचने से यह लाभ थोड़ा और बढ़ गया।
हालांकि, केवल शानदार लिस्टिंग को देखकर किसी शेयर के भविष्य के प्रदर्शन का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। SME कंपनियों के शेयरों में लिक्विडिटी और उतार-चढ़ाव का जोखिम अधिक हो सकता है। इसलिए निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज, ऑर्डर बुक, वैल्यूएशन और भविष्य की कारोबारी संभावनाओं को ध्यान से समझना चाहिए।
Disclaimer
यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और जोखिमों का स्वतंत्र रूप से आकलन करें तथा जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेशक को किसी शेयर में पैसा लगाने की सलाह नहीं देता है।


