निफ्टी में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के संकेत, 24,500 तत्काल सपोर्ट
Trading Plan: आने वाले कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार जारी रहने की संभावना है। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स फिलहाल कंसोलिडेशन के संकेत दे रहे हैं। हालांकि, बाजार का व्यापक ढांचा अभी भी तेजड़ियों यानी बुल्स के पक्ष में बना हुआ है। ऐसे में मौजूदा स्तरों पर तेजी का पीछा करने के बजाय मजबूत सपोर्ट जोन के आसपास गिरावट का इंतजार करना ज्यादा बेहतर ट्रेडिंग रणनीति हो सकती है।
निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर तत्काल सपोर्ट के तौर पर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर यह स्तर टूटता है तो 24,400–24,350 का जोन अगला बड़ा सपोर्ट बन सकता है। इसके नीचे 24,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर, ऊपर की तरफ 24,600–24,700 के जोन में शुरुआती रेजिस्टेंस है, जबकि 24,800–24,850 की रेंज में मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
बाजार की दिशा पर अमेरिका-ईरान शांति समझौते से जुड़ी खबरों और घटनाक्रम का भी असर रह सकता है। इसलिए ट्रेडर्स को ग्लोबल संकेतों के साथ-साथ सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स पर खास नजर रखनी होगी।
निफ्टी के लिए 24,800–24,850 का ब्रेकआउट अहम
एंजेल वन के टेक्निकल एनालिस्ट (इक्विटी और डेरिवेटिव्स) हितेश राठी के मुताबिक, पिछले पूरे सप्ताह इंडेक्स में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला। इसके कारण निफ्टी के टेक्निकल स्ट्रक्चर में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
वीकली चार्ट पर डोजी कैंडल का बनना ऊपरी स्तरों पर बाजार की दुविधा को दर्शाता है। हालांकि, व्यापक टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। इसका मतलब है कि बाजार में तेजी की संभावनाएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, लेकिन तत्काल मजबूत दिशा के लिए ब्रेकआउट का इंतजार करना जरूरी होगा।
निफ्टी अगर 24,800–24,850 के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट देता है तो यह केवल पहले के अपट्रेंड की वापसी का संकेत नहीं होगा, बल्कि पिछले करीब तीन महीनों से बनी ट्रेडिंग रेंज से बाहर निकलने की पुष्टि भी कर सकता है। ऐसा होने पर बड़े और छोटे टाइम फ्रेम के ट्रेंड एक-दूसरे के साथ बेहतर तरीके से संरेखित हो सकते हैं और इंडेक्स में लगातार तेजी की गुंजाइश बढ़ सकती है।
हालांकि, जब तक ऐसा निर्णायक ब्रेकआउट नहीं होता, ट्रेडर्स के लिए ऊपरी स्तरों पर तेजी का पीछा करने के बजाय सपोर्ट जोन के आसपास खरीदारी करना अपेक्षाकृत बेहतर रणनीति हो सकती है।
निफ्टी के अहम लेवल
- तत्काल सपोर्ट: 24,450–24,350
- अगला मजबूत सपोर्ट: 24,000
- तत्काल रेजिस्टेंस: 24,650–24,750
- अगला प्रमुख रेजिस्टेंस: 24,800–24,850
निफ्टी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी
टेक्निकल सेटअप के मुताबिक, 24,400 के आसपास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स में खरीदारी पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए 24,000 का स्टॉप-लॉस रखा जा सकता है, जबकि 24,700–24,800 के आसपास मुनाफावसूली का लक्ष्य रखा गया है।
यह स्तर आधारित रणनीति है और वास्तविक ट्रेड लेने से पहले बाजार की गति, वॉल्यूम तथा ब्रेकआउट की पुष्टि देखना जरूरी है।
बैंक निफ्टी में भी तेजी का बड़ा ट्रेंड बरकरार
बैंक निफ्टी का टेक्निकल स्ट्रक्चर भी फिलहाल व्यापक स्तर पर सकारात्मक बना हुआ है। हितेश राठी के अनुसार, बैंक निफ्टी अपने 200-डे SMA और सुपरट्रेंड के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह लॉन्ग टर्म बुलिश स्ट्रक्चर के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
हालांकि, इंडेक्स इस समय 20-डे और 50-डे मूविंग एवरेज के आसपास कारोबार कर रहा है। यह शॉर्ट-टर्म कंसोलिडेशन और किसी मजबूत दिशात्मक मोमेंटम की कमी की ओर इशारा करता है। इसलिए बैंक निफ्टी में भी तत्काल तेजी के बजाय महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस के टूटने का इंतजार करना बेहतर हो सकता है।
बैंक निफ्टी के लिए 57,450–57,250 का जोन तत्काल सपोर्ट के तौर पर अहम है। अगर इंडेक्स लगातार 57,250 के नीचे टिकता है तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर कमजोर हो सकता है और गिरावट 56,500–56,000 की तरफ बढ़ सकती है।
वहीं, ऊपर की तरफ 57,900–58,000 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन है। अगर बैंक निफ्टी मजबूत वॉल्यूम के साथ 58,000 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देता है तो तेजी का मोमेंटम दोबारा मजबूत हो सकता है और इंडेक्स के लिए 58,500–59,000 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।
बैंक निफ्टी के अहम लेवल
- तत्काल सपोर्ट: 57,450–57,250
- अगला सपोर्ट: 56,500–56,000
- तत्काल रेजिस्टेंस: 57,900–58,000
- अगला अपसाइड जोन: 58,500–59,000
बैंक निफ्टी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी
बड़े नजरिए से बैंक निफ्टी की स्थिति न्यूट्रल लेकिन पॉजिटिव बनी हुई है। जब तक इंडेक्स 57,250 के सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है, तब तक मुख्य अपट्रेंड बरकरार माना जा सकता है। ऐसे में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम कर सकती है।
ट्रेडिंग सेटअप के अनुसार, 57,200 के आसपास गिरावट आने पर बैंक निफ्टी अगस्त फ्यूचर्स में खरीदारी पर विचार किया जा सकता है। इसमें 56,650 का स्टॉप-लॉस और करीब 57,800 का प्रॉफिट बुकिंग लेवल रखा गया है।
हालांकि, 57,250 के नीचे लगातार कमजोरी आने पर शॉर्ट-टर्म में प्रॉफिट बुकिंग बढ़ सकती है। दूसरी ओर, 58,000 के ऊपर लगातार टिकाव और मजबूत वॉल्यूम बैंक निफ्टी में तेजी के अगले चरण की शुरुआत का संकेत दे सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
मौजूदा टेक्निकल सेटअप को देखते हुए बाजार में जल्दबाजी में पोजीशन बनाने के बजाय महत्वपूर्ण लेवल्स का इंतजार करना बेहतर हो सकता है। निफ्टी में 24,400–24,350 और बैंक निफ्टी में 57,450–57,250 के सपोर्ट जोन पर नजर रखी जा सकती है।
अगर बाजार इन सपोर्ट लेवल्स से मजबूती दिखाता है तो गिरावट पर खरीदारी का मौका बन सकता है। वहीं, 24,800–24,850 के ऊपर निफ्टी और 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी का निर्णायक ब्रेकआउट तेजी के अगले चरण की पुष्टि कर सकता है।
इसलिए मौजूदा बाजार में “रैली का पीछा करने” के बजाय “सपोर्ट पर खरीदारी” की रणनीति ज्यादा अनुशासित नजर आती है। हालांकि, फ्यूचर्स ट्रेडिंग में जोखिम अधिक होता है और किसी भी ट्रेड में स्टॉप-लॉस का पालन करना बेहद जरूरी है।
डिस्क्लेमर
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