GIFT Nifty Indicator: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का कारोबारी सत्र अहम रहने वाला है। शुरुआती संकेतों की बात करें तो GIFT Nifty में मामूली तेजी दिखाई दे रही है, जिससे घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के सपाट से हल्की बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद बन रही है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और Strait of Hormuz को लेकर जारी अनिश्चितता बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती है।
सुबह करीब 8 बजे GIFT Nifty 18.5 अंक यानी 0.08 फीसदी की बढ़त के साथ 24,660 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। इसका संकेत है कि शुक्रवार को 24,570.65 पर बंद हुए Nifty 50 की शुरुआत सीमित बढ़त के साथ हो सकती है। हालांकि, GIFT Nifty केवल शुरुआती संकेत देता है और वास्तविक बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, घरेलू खबरों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।
शुक्रवार को दबाव में रहा भारतीय बाजार
पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। ऑटो और IT शेयरों में मजबूती के बावजूद वित्तीय शेयरों में कमजोरी ने प्रमुख इंडेक्स पर दबाव बनाया।
Sensex 455.59 अंक यानी 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ 78,499.17 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 65.35 अंक यानी 0.27 फीसदी गिरकर 24,570.65 के स्तर पर रहा।
अब सोमवार को निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि Nifty 24,600 के ऊपर टिकने में कामयाब होता है या नहीं। GIFT Nifty का शुरुआती संकेत फिलहाल बाजार में बहुत बड़ी तेजी की बजाय सीमित पॉजिटिव ओपनिंग की ओर इशारा कर रहा है।
एशियाई बाजारों में तेजी का असर
सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में मजबूती देखने को मिली। शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में आई तेजी और कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से एशियाई बाजारों को सपोर्ट मिला।
जापान का Nikkei 225 करीब 0.6 फीसदी ऊपर रहा, जबकि दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स में लगभग 0.5 फीसदी की तेजी देखने को मिली। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का व्यापक इंडेक्स भी करीब 0.3 फीसदी मजबूत हुआ।
वैश्विक बाजारों के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति इस समय एक बड़ा फैक्टर बनी हुई है। कमजोर रोजगार आंकड़ों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की तस्वीर पर कुछ चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही निवेशकों को ब्याज दरों के मोर्चे पर राहत की उम्मीद भी बनी है।
Wall Street में रिकॉर्ड तेजी
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद निवेशकों को लगा कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो सकती है।
S&P 500 0.62 फीसदी की बढ़त के साथ रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। Nasdaq Composite में 1.30 फीसदी और Dow Jones Industrial Average में 0.28 फीसदी की तेजी रही।
पूरे सप्ताह की बात करें तो Nasdaq में 5.19 फीसदी, S&P 500 में 3.58 फीसदी और Dow Jones में 2.96 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई। कंपनियों के मजबूत नतीजों और ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंताओं ने अमेरिकी बाजार को सपोर्ट दिया।
अब बाजार की नजर इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की आगे की मौद्रिक नीति को लेकर निवेशकों को महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं।
GIFT Nifty क्या संकेत दे रहा है?
GIFT Nifty को भारतीय बाजार की शुरुआती दिशा का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। यह NSE के Nifty 50 से जुड़े फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग को दर्शाता है।
सोमवार सुबह 24,660 के आसपास GIFT Nifty की ट्रेडिंग यह बताती है कि बाजार में फिलहाल बहुत बड़ा गैप-अप नहीं, बल्कि सीमित सकारात्मक शुरुआत की उम्मीद है।
हालांकि, निवेशकों को केवल GIFT Nifty देखकर ट्रेडिंग का फैसला नहीं करना चाहिए। बाजार खुलने के बाद विदेशी निवेशकों की गतिविधि, बैंकिंग शेयरों की चाल, कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक बाजारों का रुख Nifty की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
होर्मुज़ संकट के बीच कच्चे तेल पर नजर
सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह Strait of Hormuz को लेकर बनी अनिश्चितता है।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 1.09 फीसदी बढ़कर 84.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड करीब 0.78 फीसदी बढ़कर 78.79 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
ईरान ने रविवार को कहा कि होर्मुज़ के रास्ते नए शिपिंग रूट तय करने को लेकर ओमान के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। हालांकि, जलमार्ग को पूरी तरह दोबारा खोलने से पहले अमेरिका से जुड़ी कुछ शर्तों का समाधान होना बाकी बताया गया है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। तेल महंगा होने पर महंगाई, कंपनियों की लागत और देश के आयात बिल पर असर पड़ सकता है।
Nifty के लिए ये लेवल्स बेहद अहम
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत में हुई प्रगति से बाजार की धारणा को कुछ सहारा मिला है। हालांकि, जब तक औपचारिक समझौता नहीं होता, तब तक मध्य पूर्व से जुड़े जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं माने जा सकते।
उन्होंने यह भी कहा कि WTI क्रूड का 78-79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहना बताता है कि बाजार अभी भी भू-राजनीतिक जोखिम को कीमतों में शामिल कर रहा है।
टेक्निकल नजरिए से Nifty का स्ट्रक्चर फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है। बाजार में सोमवार को इन स्तरों पर नजर रखी जा सकती है:
| Nifty Level | महत्व |
|---|---|
| 24,800-25,000 | अगला प्रमुख अपसाइड जोन |
| 24,600-24,700 | मुख्य रेजिस्टेंस जोन |
| 24,500 | तत्काल सपोर्ट |
| 24,400-24,300 | अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन |
अगर Nifty 24,600-24,700 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार करके इसके ऊपर टिकता है, तो बाजार में तेजी का मोमेंटम मजबूत हो सकता है और इंडेक्स 24,800 से 25,000 की ओर बढ़ सकता है।
दूसरी तरफ, अगर बाजार इस रेजिस्टेंस जोन को पार करने में नाकाम रहता है और 24,500 के नीचे फिसलता है, तो 24,400-24,300 का सपोर्ट जोन महत्वपूर्ण हो जाएगा।
सोमवार को किन संकेतों पर रखें नजर?
निवेशकों के लिए सोमवार को सिर्फ शुरुआती गैप पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होगा। बाजार की दिशा समझने के लिए GIFT Nifty, एशियाई बाजार, अमेरिकी फ्यूचर्स, कच्चा तेल, डॉलर-रुपया और विदेशी निवेशकों की गतिविधि जैसे संकेतकों पर नजर रखना जरूरी होगा।
फिलहाल GIFT Nifty में मामूली बढ़त, एशियाई बाजारों की तेजी और Wall Street के रिकॉर्ड प्रदर्शन से बाजार को शुरुआती सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन कच्चे तेल में तेजी और Strait of Hormuz को लेकर अनिश्चितता तेजी को सीमित कर सकती है।
इसलिए सोमवार को बाजार में सपाट से हल्की सकारात्मक शुरुआत के बाद 24,600-24,700 का जोन सबसे महत्वपूर्ण नजर आएगा। इस जोन के ऊपर मजबूती बाजार को 24,800-25,000 की तरफ ले जा सकती है, जबकि कमजोरी आने पर 24,500 और फिर 24,400-24,300 के स्तर अहम होंगे।
डिस्क्लेमर: newsjagran.in पर दिए गए विचार और बाजार से जुड़ी जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से हैं। इन्हें निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश या ट्रेडिंग का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।


