Nifty Outlook: निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र दबाव में रहा, लेकिन 24,400-24,300 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर टिकने में कामयाब रहा। अब 10 अगस्त से शुरू हो रहे नए कारोबारी सप्ताह में निफ्टी की दिशा किन स्तरों से तय होगी? एक्सपर्ट्स ने सपोर्ट, रेजिस्टेंस और बाजार के अगले बड़े ट्रिगर्स के बारे में अपनी राय दी है।
Nifty Outlook: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को निफ्टी 50 में शुरुआती कमजोरी के बाद रिकवरी की कोशिश जरूर देखने को मिली, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली हावी रही। इसके चलते निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र गिरावट के साथ बंद हुआ। इंडेक्स 65 अंक यानी करीब 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 24,570 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में कमजोरी की एक बड़ी वजह हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली और कमजोर वैश्विक संकेत रहे। हालांकि, अच्छी बात यह रही कि निफ्टी ने अभी तक 24,400-24,300 के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन को नहीं तोड़ा है। ऐसे में अब सोमवार, 10 अगस्त से शुरू होने वाले नए कारोबारी सप्ताह में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि निफ्टी इस सपोर्ट के ऊपर टिकता है या नहीं।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले सप्ताह में घरेलू महंगाई के आंकड़े, कंपनियों के तिमाही नतीजे, अमेरिका के आर्थिक आंकड़े, कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक बाजारों का रुख निफ्टी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
शुक्रवार को कैसा रहा बाजार का प्रदर्शन?
शुक्रवार के कारोबार में निफ्टी 50 ने दिन की शुरुआत कमजोरी के साथ की। हालांकि, कारोबारी सत्र के दौरान इंडेक्स ने निचले स्तरों से वापसी करने की कोशिश की, लेकिन यह रिकवरी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते बाजार फिर दबाव में आ गया।
आखिरकार निफ्टी 65 अंक यानी 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 24,570 पर बंद हुआ। लगातार चार सत्रों की गिरावट के बावजूद इंडेक्स अपने अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। यही वजह है कि तकनीकी विश्लेषकों की नजर अब अगले सप्ताह के शुरुआती कारोबार पर रहेगी।
ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो तस्वीर पूरी तरह कमजोर नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.22 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि Nifty Smallcap 100 में 0.05 फीसदी की मामूली गिरावट रही। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में चुनिंदा शेयरों में खरीदारी का रुझान अभी भी मौजूद है।
किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?
शुक्रवार को निफ्टी 50 के शेयरों में भी काफी अंतर देखने को मिला। Grasim, TCS और Hindalco प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Trent में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो ऑटो, आईटी और PSU बैंक सेक्टर अपेक्षाकृत मजबूत रहे। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और केमिकल सेक्टर पर दबाव देखने को मिला।
इससे साफ है कि बाजार में फिलहाल व्यापक स्तर पर एकतरफा खरीदारी या बिकवाली नहीं है। निवेशक चुनिंदा सेक्टर और कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं। ऐसे माहौल में निफ्टी के लिए तकनीकी स्तर और स्टॉक-स्पेसिफिक खबरें दोनों महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
10 अगस्त से शुरू होने वाले सप्ताह में किन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर?
नए सप्ताह में घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों पर कई ऐसे संकेतक सामने आने वाले हैं, जो बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।
Motilal Oswal के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। इसके पीछे मजबूत घरेलू आर्थिक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कंपनियों के तिमाही नतीजों का अंतिम दौर प्रमुख कारण हो सकते हैं।
हालांकि, उनका मानना है कि शेयरों में खबरों के आधार पर उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए आने वाले सप्ताह में इंडेक्स के साथ-साथ स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन भी महत्वपूर्ण रहेगा।
महंगाई के आंकड़ों से मिलेगा बाजार को संकेत
अगले सप्ताह निवेशकों की नजर भारत के CPI और WPI महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी। महंगाई से जुड़े आंकड़े बाजार के लिए इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे अर्थव्यवस्था की स्थिति और भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिलते हैं।
इसके अलावा जून तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों का अंतिम दौर भी जारी रहेगा। कंपनियों के नतीजे, मैनेजमेंट कमेंट्री और आगे की कमाई को लेकर अनुमान कुछ खास शेयरों में तेज मूवमेंट ला सकते हैं।
वैश्विक मोर्चे पर अमेरिका के CPI और PPI महंगाई के आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का असर ब्याज दरों की उम्मीदों और ग्लोबल इक्विटी मार्केट के सेंटीमेंट पर पड़ सकता है।
इसके साथ ही OPEC की मासिक ऑयल मार्केट रिपोर्ट और चीन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन तथा रिटेल सेल्स के आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी। कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव भारत जैसे तेल आयातक देश के बाजार सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकता है।
Nifty Outlook: 24,400-24,300 का स्तर बेहद अहम
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोमवार यानी 10 अगस्त को निफ्टी के लिए कौन से तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण रहेंगे?
HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का मौजूदा रुझान कमजोर जरूर है, लेकिन इंडेक्स अभी भी 24,400-24,300 के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है।
खास बात यह है कि यह स्तर पहले निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस का काम कर चुका है और अब सपोर्ट जोन के रूप में काम कर रहा है। तकनीकी विश्लेषण में किसी पुराने रेजिस्टेंस का बाद में सपोर्ट में बदलना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
नागराज शेट्टी के मुताबिक, अगर निफ्टी इस सपोर्ट जोन की तरफ फिसलता है और वहां से खरीदारी आती है, तो यह बाजार में दोबारा मजबूती का संकेत दे सकता है। वहीं, 24,700 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट निफ्टी के मौजूदा कमजोर रुझान में बदलाव का संकेत दे सकता है।
Angel One ने बताए निफ्टी के सपोर्ट और रेजिस्टेंस
Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, निफ्टी के लिए पहला अहम सपोर्ट 24,450-24,350 के बीच है। अगर यह जोन टूटता है तो अगला बड़ा सपोर्ट 24,000 के आसपास माना जा रहा है।
ऊपर की ओर देखें तो निफ्टी के लिए 24,650-24,750 पहला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन होगा। इसके ऊपर 24,800-24,850 का स्तर अगली बड़ी चुनौती बन सकता है।
इसका मतलब यह हुआ कि आने वाले सप्ताह में 24,350-24,450 का क्षेत्र निफ्टी के लिए काफी अहम रहने वाला है। इस जोन के ऊपर मजबूती बाजार में खरीदारी का भरोसा बढ़ा सकती है, जबकि इसके नीचे कमजोरी बढ़ने की आशंका रहेगी।
25,000 के स्तर तक पहुंचने के लिए क्या करना होगा?
HDFC Securities के नंदीश शाह के मुताबिक, पिछले तीन कारोबारी सत्रों से निफ्टी लगभग 24,400-24,700 के दायरे में कारोबार कर रहा है।
उनके मुताबिक, निफ्टी अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में इंडेक्स को ऊपर की ओर कई अहम रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
नंदीश शाह के अनुसार, ऊपर की तरफ 24,770 और 25,000 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस रहेंगे। यदि निफ्टी 24,770 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।
वहीं, गिरावट की स्थिति में 24,430-24,380 का दायरा अहम सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।
इसलिए अगले सप्ताह निफ्टी की दिशा को समझने के लिए 24,400 के आसपास का स्तर बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। इसके ऊपर मजबूती बनी रहती है तो बाजार में रिकवरी की संभावना बनी रहेगी।
Bank Nifty Outlook: 58,300 के ऊपर निकला तो 59,100 तक जा सकता है इंडेक्स?
निफ्टी के साथ-साथ Bank Nifty पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। बैंकिंग इंडेक्स पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।
SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, Bank Nifty पिछले पांच कारोबारी सत्रों से 58,248-57,353 के दायरे में कारोबार कर रहा है। हालांकि, इंडेक्स अभी भी अपने 20-Day EMA के ऊपर बना हुआ है, जो तकनीकी नजरिए से एक सकारात्मक संकेत है।
ऊपर की ओर 58,200-58,300 का जोन महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है। अगर Bank Nifty इस स्तर के ऊपर मजबूती के साथ निकलता है तो अगला लक्ष्य 58,700 और उसके बाद 59,100 तक हो सकता है।
दूसरी ओर, गिरावट की स्थिति में 57,300-57,200 का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है। अगर यह सपोर्ट जोन कायम रहता है तो बैंकिंग शेयरों में दोबारा खरीदारी देखने को मिल सकती है।
सोमवार को निफ्टी की चाल के लिए क्या देखें?
10 अगस्त के कारोबार में निवेशकों को खास तौर पर तीन चीजों पर नजर रखनी चाहिए। पहला, निफ्टी 24,400-24,300 के सपोर्ट जोन के ऊपर टिकता है या नहीं। दूसरा, इंडेक्स 24,650-24,750 के रेजिस्टेंस जोन को पार करने में सफल होता है या नहीं। तीसरा, ग्लोबल मार्केट और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से मिलने वाला संकेत बाजार के सेंटीमेंट को किस दिशा में ले जाता है।
अगर निफ्टी सपोर्ट के ऊपर टिकता है और 24,700 के आसपास के रेजिस्टेंस को पार करता है, तो बाजार में रिकवरी की उम्मीद मजबूत हो सकती है। इसके विपरीत, 24,300 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर 24,000 की ओर दबाव बढ़ सकता है।
इसलिए अगले सप्ताह बाजार में सिर्फ तेजी या गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन के बीच ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन पर नजर रखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मौजूदा तकनीकी तस्वीर को देखें तो निफ्टी में शॉर्ट टर्म दबाव जरूर है, लेकिन लंबी अवधि की संरचना पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है। इंडेक्स अभी महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों के ऊपर बना हुआ है।
ऐसे में अगले सप्ताह 24,300-24,400 का सपोर्ट जोन बाजार के लिए निर्णायक हो सकता है। इसके ऊपर मजबूती बनी रहने पर 24,700 और फिर 25,000 की ओर वापसी की संभावना बन सकती है। वहीं, सपोर्ट टूटने पर बाजार में और मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।
हालांकि, निवेशकों को केवल इंडेक्स के स्तर देखकर ट्रेडिंग या निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। बाजार की दिशा पर वैश्विक संकेतों, महंगाई के आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमत, विदेशी निवेशकों की गतिविधि और कंपनियों के नतीजों का भी असर पड़ेगा।
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