BigBloc Construction Q1 Results: AAC ब्लॉक और ग्रीन बिल्डिंग मटेरियल बनाने वाली कंपनी BigBloc Construction ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2026 के दौरान मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी के ऑपरेशंस से रेवेन्यू में सालाना आधार पर 40% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही कंपनी का नेट लॉस भी पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले काफी कम हुआ है। EBITDA में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला है।
कंपनी अब अपने कारोबार को सिर्फ AAC ब्लॉक तक सीमित रखने के बजाय ग्रीन बिल्डिंग सॉल्यूशंस के क्षेत्र में विस्तार कर रही है। इसी रणनीति के तहत कंपनी ने नए प्रोडक्ट्स की कमर्शियल बिक्री शुरू की है और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। कंपनी इंदौर के पास देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड AAC ब्लॉक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है।
रेवेन्यू में 40.5% की बढ़ोतरी
BigBloc Construction के वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों के मुताबिक, कंपनी की ऑपरेशंस से आय 40.5% बढ़कर 79.14 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 56.35 करोड़ रुपये था।
रेवेन्यू में यह तेजी कंपनी के मुख्य AAC ब्लॉक कारोबार के साथ-साथ नए वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स और बेहतर क्षमता उपयोग से जुड़ी है। कंपनी के लिए यह ग्रोथ ऐसे समय में आई है, जब निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में हलचल बनी हुई है।
नेट लॉस में बड़ी गिरावट
रेवेन्यू बढ़ने के साथ कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में भी सुधार हुआ है। जून तिमाही में BigBloc Construction का नेट लॉस घटकर 71.95 लाख रुपये रह गया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 4.96 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ था।
इस तरह कंपनी ने अपने घाटे को काफी हद तक कम किया है। यह सुधार कंपनी के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बढ़ते रेवेन्यू के साथ लागत को नियंत्रित करने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बेहतर करने का असर नतीजों में दिखाई दे रहा है।
EBITDA में 386% की जोरदार बढ़ोतरी
कंपनी के EBITDA में भी तिमाही के दौरान बड़ा सुधार हुआ। EBITDA सालाना आधार पर 386% बढ़कर 6.28 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह करीब 1.29 करोड़ रुपये था।
वहीं, EBITDA मार्जिन 2.29% से बढ़कर 7.93% हो गया। कंपनी के मुताबिक, बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी, लागत नियंत्रण और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर बढ़ते फोकस से मार्जिन में सुधार हुआ है।
कंपनी के लिए EBITDA मार्जिन में यह सुधार खास तौर पर अहम है, क्योंकि इसका मतलब है कि बिक्री बढ़ने के साथ ऑपरेशनल स्तर पर कमाई की क्षमता भी बेहतर हुई है।
उमरगांव प्लांट में नए प्रोडक्ट्स की शुरुआत
BigBloc Construction अपने कारोबार में विविधता लाने पर भी जोर दे रही है। तिमाही के दौरान कंपनी ने उमरगांव प्लांट में कंस्ट्रक्शन केमिकल्स का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया।
इन नए प्रोडक्ट्स में ब्लॉक जॉइंटिंग मोर्टार, रेडी मिक्स प्लास्टर और टाइल एडहेसिव्स शामिल हैं। इन प्रोडक्ट्स के जरिए कंपनी AAC ब्लॉक के साथ-साथ निर्माण क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले अन्य उत्पादों की मांग को भी पूरा करने की कोशिश कर रही है।
इस रणनीति से कंपनी को अपने मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और ग्राहक आधार का इस्तेमाल करके नए सेगमेंट में कारोबार बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
क्षमता उपयोग बढ़कर 69% हुआ
कंपनी के प्लांट्स में क्षमता उपयोग में भी सुधार देखने को मिला है। BigBloc Construction का कुल क्षमता उपयोग बढ़कर 69% हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 53% था।
क्षमता उपयोग में 16 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि कंपनी अपनी उपलब्ध उत्पादन क्षमता का पहले की तुलना में ज्यादा प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर रही है। अगर मांग मजबूत रहती है तो बढ़ता क्षमता उपयोग कंपनी के रेवेन्यू और ऑपरेटिंग मार्जिन के लिए आगे भी सकारात्मक हो सकता है।
इंदौर के पास बनेगा देश का सबसे बड़ा AAC प्लांट
BigBloc Construction की विस्तार योजना में इंदौर प्रोजेक्ट सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। कंपनी ने हाल ही में इंदौर के पास 56,950 वर्ग मीटर जमीन खरीदी है। इसी जमीन पर भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड AAC ब्लॉक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की योजना है।
कंपनी के मुताबिक, मानसून के बाद इस प्लांट के निर्माण का काम शुरू होने की उम्मीद है। नया प्लांट तैयार होने के बाद कंपनी की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और ग्रीन कंस्ट्रक्शन पर बढ़ते जोर के बीच AAC ब्लॉक्स की मांग में भी लंबी अवधि में बढ़ोतरी की संभावना है। ऐसे में कंपनी का क्षमता विस्तार उसके भविष्य के ग्रोथ प्लान का अहम हिस्सा है।
L&T से मिला बुलेट ट्रेन स्टेशन प्रोजेक्ट का ऑर्डर
BigBloc Construction ने यह भी बताया है कि उसे L&T से बुलेट ट्रेन स्टेशन परियोजना के लिए ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर कंपनी की बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बढ़ने से उसे नए ग्राहकों और प्रोजेक्ट्स तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। इससे कंपनी के लिए भविष्य में बड़े संस्थागत और इंफ्रास्ट्रक्चर ऑर्डर्स के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
रूफटॉप सोलर क्षमता भी बढ़ी
कंपनी ने अपने कारोबार में ऊर्जा दक्षता और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पर भी फोकस बनाए रखा है। तिमाही के दौरान समूह की रूफटॉप सोलर क्षमता बढ़कर 3.34 मेगावाट हो गई।
सौर ऊर्जा का बढ़ता इस्तेमाल कंपनी के लिए लंबे समय में बिजली की लागत को नियंत्रित करने के साथ-साथ उसके ग्रीन बिल्डिंग और सस्टेनेबिलिटी फोकस को मजबूत कर सकता है।
AAC ब्लॉक कंपनी से ग्रीन बिल्डिंग सॉल्यूशंस कंपनी बनने का लक्ष्य
BigBloc Construction के CFO मोहित साबू के मुताबिक, कंपनी अब सिर्फ AAC ब्लॉक निर्माता के तौर पर नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग सॉल्यूशंस कंपनी के रूप में आगे बढ़ने की दिशा में काम कर रही है।
कंपनी का फोकस आने वाले समय में क्षमता विस्तार, नए प्रोडक्ट्स, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने और लंबी अवधि में शेयरधारकों के लिए वैल्यू बढ़ाने पर रहेगा।
कुल मिलाकर, जून तिमाही के नतीजों में कंपनी के रेवेन्यू और EBITDA में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है, जबकि नेट लॉस में बड़ी कमी आई है। इसके साथ ही इंदौर में प्रस्तावित बड़ा AAC प्लांट, कंस्ट्रक्शन केमिकल्स में विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से मिले ऑर्डर्स कंपनी की आगे की ग्रोथ स्ट्रैटेजी के अहम हिस्से हैं।
हालांकि, निवेशकों को कंपनी के शेयर में किसी भी निवेश से पहले इसके वैल्यूएशन, कर्ज, कैश फ्लो, भविष्य की क्षमता विस्तार लागत और इंडस्ट्री की मांग जैसे पहलुओं का भी आकलन करना चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in की ओर से किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं दी जाती है।


