JPSC-JSSC Protests: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। कथित परीक्षा गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर JPSC और JSSC के अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच रविवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों के इस्तीफे की खबर सामने आई है। राज्यपाल ने सरकार की सिफारिश पर इन इस्तीफों को स्वीकार कर लिया है।
राज्य में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। झारखंड लोक भवन के मुताबिक, राज्य सरकार की सिफारिश के बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तीनों सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए।
JPSC सदस्यों के इस्तीफे ऐसे समय में हुए हैं, जब राज्य में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग कर रहे हैं।
JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार
Governor Santosh Kumar Gangwar has accepted the resignations submitted by Ajita Bhattacharya, Anima Hansda, and Jamal Ahmed from their posts as members of the Jharkhand Public Service Commission, in light of the recommendation made by the State Government: Lok Bhavan, Jharkhand pic.twitter.com/vXK0yzXh3J
— ANI (@ANI) August 9, 2026 झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच रविवार को JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार किए गए। इनमें अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद शामिल हैं।
राज्य सरकार की सिफारिश के बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इन इस्तीफों को मंजूरी दी। हालांकि, इस्तीफों और छात्र आंदोलन के बीच सीधे तौर पर कोई संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है।
छात्र संगठनों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में कई स्तरों पर अनियमितताएं हुई हैं और इन मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि जांच किसी ऐसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए, जिस पर उन्हें भरोसा हो।
16वें दिन भी जारी रहा छात्रों का आंदोलन
भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। रांची के स्टेट गेस्ट हाउस ऑडिटोरियम में सरकार के प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों के बीच बातचीत भी हुई। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच मांगों को लेकर चर्चा हुई, लेकिन बैठक के बाद भी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ।
आंदोलन में शामिल छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्र अपनी प्रमुख मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
सरकार की ओर से दावा किया गया है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं। सरकार ने कथित अनियमितताओं की जांच के लिए CID और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की बात कही है। इसके अलावा न्यायिक निगरानी में जांच कराने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए सबसे अहम मुद्दा CBI जांच का है। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच CBI से कराने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे। बैठक के बाद छात्र नेता कुणाल ने कहा कि प्रस्तावित विधानसभा घेराव अपने तय कार्यक्रम के अनुसार होगा और इसे शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।
उनके मुताबिक, छात्रों की मांग किसी राजनीतिक विवाद को बढ़ाना नहीं बल्कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि जांच ऐसी एजेंसी से कराई जाए, जिससे पूरी प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का भरोसा कायम हो सके।
छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में शामिल लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर पारदर्शिता जरूरी है। इसी वजह से वे अपनी CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
JPSC की किन परीक्षाओं पर चर्चा हुई?
सरकार और छात्र संगठनों के बीच हुई बैठक में केवल मौजूदा विवाद ही नहीं, बल्कि कई भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। छात्र नेता रवींद्र पासवान के अनुसार, सरकारी प्रतिनिधियों के साथ यह बातचीत का दूसरा दौर था।
बैठक में 14वीं JPSC परीक्षा के अलावा 2023 और 2025 की JPSC बैकलॉग परीक्षाओं से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और भर्ती से जुड़े विभिन्न मामलों को सरकार के सामने रखा।
छात्र संगठनों का कहना है कि अलग-अलग परीक्षाओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष तरीके से समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।
सरकार और छात्रों के बीच बनी हुई है गतिरोध की स्थिति
सरकार का कहना है कि उसने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया है और कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए कई विकल्प दिए हैं। दूसरी तरफ छात्र संगठन CBI जांच की अपनी मांग पर कायम हैं।
यही वजह है कि बातचीत के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं और छात्र संगठनों ने अपने प्रस्तावित विधानसभा घेराव को भी जारी रखने की बात कही है।
आने वाले दिनों में सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत इस विवाद को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। अगर CBI जांच की मांग पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है, तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना बन सकती है। फिलहाल छात्रों और सरकार के बीच इस मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है।
JPSC-JSSC Protest: आगे क्या होगा?
JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार किए जाने और छात्रों के आंदोलन के बीच अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है। छात्रों की प्रमुख मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच है।
सरकार ने CID, ED और न्यायिक निगरानी में जांच के विकल्प सामने रखे हैं, लेकिन छात्र संगठन इन विकल्पों से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि CBI जांच के बिना वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
इस पूरे मामले में आगे सरकार और प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों के बीच होने वाली बातचीत अहम होगी। साथ ही, भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच और उस पर आने वाले आधिकारिक फैसलों से यह स्पष्ट होगा कि विवाद का समाधान किस दिशा में जाता है।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और छात्र संगठनों की ओर से सामने आए बयानों पर आधारित है। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही होगी।


