नई दिल्ली: गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले अदाणी ग्रुप ने पिछले आठ महीनों में विभिन्न माध्यमों से कुल ₹43,500 करोड़ का फंड जुटाया है। इस फंड जुटाने में राइट्स इश्यू और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) की अहम भूमिका रही। खास बात यह रही कि इन QIP में घरेलू म्यूचुअल फंड्स और अन्य संस्थागत निवेशकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे अदाणी समूह की कंपनियों में संस्थागत निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।
हाल ही में दिवालिया रियल एस्टेट एवं इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी जेपी एसोसिएट्स (JP Associates) के अधिग्रहण की बोली जीतने के बाद अदाणी ग्रुप एक बार फिर चर्चा में है। इसके साथ ही समूह की कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी भी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
8 महीनों में ऐसे जुटाए ₹43,500 करोड़
अदाणी ग्रुप ने पिछले आठ महीनों के दौरान अलग-अलग फंड जुटाने की योजनाओं के जरिए कुल ₹43,500 करोड़ जुटाए हैं।
- दिसंबर 2025: अदाणी समूह की फ्लैगशिप कंपनी के ₹25,000 करोड़ के राइट्स इश्यू का सफल समापन हुआ।
- जुलाई 2026: अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने ₹15,000 करोड़ के QIP की अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी की।
- जुलाई 2026: अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने ₹3,500 करोड़ का QIP सफलतापूर्वक बंद किया।
इन तीनों फंड जुटाने की योजनाओं को मिलाकर समूह ने कुल ₹43,500 करोड़ की पूंजी जुटाई।
AEL इस फंड का कहां करेगा इस्तेमाल?
अदाणी एंटरप्राइजेज द्वारा जुटाई गई ₹15,000 करोड़ की राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार को मजबूत करने में करेगी।
कंपनी के अनुसार यह राशि मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में निवेश की जाएगी—
- एयरपोर्ट कारोबार का विस्तार
- सड़क एवं हाईवे परियोजनाएं
- डेटा सेंटर बिजनेस
- ग्रीन एवं न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स
- कर्ज में कमी लाने के लिए आंशिक उपयोग
इस निवेश का उद्देश्य समूह के दीर्घकालिक विकास और बैलेंस शीट को और मजबूत बनाना है।
QIP में घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने दिखाई मजबूत दिलचस्पी
हाल के QIP में घरेलू म्यूचुअल फंड्स और अन्य संस्थागत निवेशकों ने बड़ी मात्रा में निवेश किया। इससे यह संकेत मिलता है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों का अदाणी ग्रुप की भविष्य की विकास योजनाओं पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ते अवसरों के कारण बड़े फंड हाउस समूह की कंपनियों में निवेश बढ़ा रहे हैं।
अदाणी कंपनियों में म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी रिकॉर्ड स्तर पर
अदाणी ग्रुप की पांच प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों—
- अदाणी एंटरप्राइजेज (AEL)
- अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन
- अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL)
- अदाणी पावर
- अदाणी ग्रीन एनर्जी
—में म्यूचुअल फंड्स की कुल हिस्सेदारी का बाजार मूल्य बढ़कर लगभग ₹1 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से घरेलू म्यूचुअल फंड्स द्वारा लगातार निवेश बढ़ाने के कारण हुई है।
GQG पार्टनर्स ने घटाई हिस्सेदारी, SBI म्यूचुअल फंड ने खरीदे शेयर
जहां घरेलू निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई, वहीं अदाणी समूह के प्रमुख विदेशी संस्थागत निवेशकों में शामिल GQG पार्टनर्स ने जून तिमाही के दौरान कुछ कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम की।
इसी दौरान SBI म्यूचुअल फंड ने ब्लॉक डील्स के जरिए GQG से अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के लगभग ₹5,750 करोड़ मूल्य के शेयर खरीदे। इससे घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी और मजबूत हुई।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर सफल फंड जुटाना और घरेलू म्यूचुअल फंड्स की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि संस्थागत निवेशक अदाणी ग्रुप की दीर्घकालिक विकास रणनीति पर भरोसा जता रहे हैं। हालांकि, निवेशकों को किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और जोखिमों का स्वतंत्र मूल्यांकन अवश्य करना चाहिए।


