VSS Mani Success Story: कभी पत्नी के गहने बेचकर ₹50,000 जुटाने वाले वीएसएस मणि ने किराए के कंप्यूटर और कुछ कर्मचारियों के साथ एक छोटे से गैराज से कारोबार शुरू किया था। आज उनकी बनाई कंपनी Just Dial का मार्केट कैप 6000 करोड़ रुपये से अधिक है। 2021 में मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल ने कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीद ली, लेकिन वीएसएस मणि आज भी इसके MD और CEO हैं।
Highlights
- ₹50,000 की पूंजी से शुरू हुई थी Just Dial।
- पत्नी के गहने बेचकर जुटाई थी शुरुआती रकम।
- किराए के कंप्यूटर और सिर्फ 6 कर्मचारियों के साथ शुरू हुआ कारोबार।
- आज Just Dial का मार्केट कैप 6000 करोड़ रुपये से अधिक।
- 2021 में रिलायंस रिटेल ने खरीदी 63.83% हिस्सेदारी।
- अधिग्रहण के बाद भी VSS Mani कंपनी के CEO बने हुए हैं।
VSS Mani Success Story: असफलता से मिली करोड़ों की सफलता
नई दिल्ली। भारत में आज जब किसी स्थानीय दुकान, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, रेस्टोरेंट या किसी अन्य सेवा की जानकारी चाहिए होती है तो लोग इंटरनेट या मोबाइल ऐप का सहारा लेते हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब इंटरनेट आम लोगों की पहुंच से बहुत दूर था। उसी दौर में वीएसएस मणि ने एक ऐसा बिजनेस मॉडल तैयार किया जिसने लोकल सर्च की पूरी तस्वीर बदल दी।
आज Just Dial देश के सबसे बड़े लोकल सर्च प्लेटफॉर्म में गिना जाता है, लेकिन इसकी शुरुआत बेहद साधारण परिस्थितियों में हुई थी। सीमित संसाधनों, किराए के कंप्यूटर और कुछ कर्मचारियों के साथ शुरू हुआ यह सफर आज हजारों करोड़ रुपये की कंपनी में बदल चुका है।
पहला बिजनेस हुआ फ्लॉप, लेकिन नहीं मानी हार
कई सफल उद्यमियों की तरह वीएसएस मणि की पहली कोशिश भी सफल नहीं रही। वर्ष 1989 में उन्होंने “AskMe” नाम से टेलीफोन डायरेक्टरी सेवा शुरू की थी। उस समय बाजार इस मॉडल के लिए तैयार नहीं था और कारोबार ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया।
हालांकि इस असफलता ने उन्हें निराश नहीं किया। उन्होंने अपनी गल्तियों से सीख ली और एक बेहतर मॉडल तैयार करने में जुट गए। यही अनुभव आगे चलकर Just Dial की नींव बना।
पत्नी के गहने बेचकर जुटाए 50 हजार रुपये
1996 में वीएसएस मणि ने मुंबई के एक छोटे से गैराज से Just Dial की शुरुआत की। शुरुआती पूंजी जुटाने के लिए उन्होंने पत्नी के गहने तक बेच दिए। कुल मिलाकर करीब ₹50,000 की रकम इकट्ठी हुई, जिससे किराए के कंप्यूटर, फर्नीचर और छोटा-सा ऑफिस तैयार किया गया।
उस समय कंपनी में केवल 6 कर्मचारी थे। संसाधन बेहद सीमित थे, लेकिन मणि का विजन बहुत बड़ा था।
फोन कॉल को बनाया कमाई का सबसे बड़ा जरिया
आज के दौर में लोग मोबाइल ऐप पर जानकारी खोजते हैं, लेकिन 1996 में इंटरनेट लगभग न के बराबर था। ऐसे समय में Just Dial ने एक अनोखा मॉडल अपनाया।
कोई भी व्यक्ति एक फोन कॉल करके अपने शहर में उपलब्ध दुकानों, डॉक्टरों, होटल, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, ट्रैवल एजेंट या अन्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकता था। इस सुविधा ने लोगों की बड़ी समस्या हल कर दी और धीरे-धीरे Just Dial पूरे देश में लोकप्रिय होती चली गई।
यही वजह रही कि वीएसएस मणि को भारत में लोकल सर्च इंडस्ट्री का पायनियर माना जाता है।
समय के साथ बदला बिजनेस मॉडल
जैसे-जैसे भारत में इंटरनेट और स्मार्टफोन का विस्तार हुआ, Just Dial ने भी खुद को बदला। कंपनी ने केवल टेलीफोन सेवा तक सीमित रहने के बजाय अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप लॉन्च किए।
आज Just Dial पर लाखों व्यवसाय सूचीबद्ध हैं और करोड़ों यूजर्स हर महीने स्थानीय सेवाओं की जानकारी प्राप्त करते हैं। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को समय रहते अपनाना कंपनी की सबसे बड़ी सफलता माना जाता है।
2021 में रिलायंस ने खरीदी बड़ी हिस्सेदारी
जुलाई 2021 में मुकेश अंबानी की Reliance Retail Ventures ने Just Dial में नियंत्रक हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया। इस डील के बाद रिलायंस रिटेल कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई।
वर्तमान में रिलायंस रिटेल वेंचर्स के पास कंपनी की 63.83% हिस्सेदारी है। हालांकि कंपनी का मालिकाना हक बदल गया, लेकिन वीएसएस मणि के अनुभव और नेतृत्व को देखते हुए उन्हें Managing Director (MD) और CEO के पद पर ही बनाए रखा गया।
आज 6000 करोड़ रुपये से ज्यादा है कंपनी की वैल्यू
महज ₹50,000 से शुरू हुआ यह कारोबार आज 6000 करोड़ रुपये से अधिक के मार्केट कैप वाली कंपनी बन चुका है। यह कहानी बताती है कि सीमित संसाधन सफलता की राह में सबसे बड़ी बाधा नहीं होते, बल्कि सही सोच, धैर्य और लगातार बदलाव अपनाने की क्षमता किसी भी छोटे स्टार्टअप को बड़ी कंपनी में बदल सकती है।
वीएसएस मणि की सफलता भारत के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कम पूंजी में अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं।


