Markets Trend: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव और बढ़ गया है। गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। बैंकिंग, केमिकल, रियल्टी और PSU बैंक शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली, जबकि ऑटो सेक्टर ने अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई। अब निवेशकों की नजर निफ्टी के सबसे अहम सपोर्ट स्तर 23,800 और आने वाले कॉर्पोरेट नतीजों पर टिकी हुई है।
क्रूड ऑयल की तेजी से बाजार पर बढ़ा दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 98 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। महंगा क्रूड भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए महंगाई, चालू खाता घाटा और कंपनियों की लागत बढ़ने का संकेत देता है। यही वजह रही कि दिनभर बाजार में रिकवरी की कोशिशें सफल नहीं हो सकीं।
निफ्टी करीब 150 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि बैंक निफ्टी में भी भारी कमजोरी देखने को मिली। HDFC Bank, SBI और ICICI Bank जैसे दिग्गज बैंकिंग शेयरों ने गिरावट को लीड किया।
किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा बिकवाली?
गुरुवार के कारोबार में सबसे अधिक दबाव निम्न सेक्टरों में देखने को मिला—
- केमिकल सेक्टर करीब 2% टूटा।
- रियल्टी इंडेक्स में लगभग 2% की गिरावट रही।
- PSU बैंक शेयरों में तेज बिकवाली हुई।
- मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए।
- INDIA VIX में बढ़त दर्ज हुई, जो बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत है।
हालांकि ऑटो सेक्टर ने मजबूती दिखाई। Hero MotoCorp और Bajaj Auto फ्यूचर्स के टॉप गेनर्स में शामिल रहे। वहीं Infosys के तिमाही नतीजों से पहले IT इंडेक्स लगभग सपाट कारोबार करता दिखा।
अच्छे नतीजों के बावजूद इन शेयरों में गिरावट
कई कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद निवेशकों ने मुनाफावसूली की।
- IndusInd Bank का शेयर लगभग 6% टूट गया।
- HPCL में रिजल्ट के बाद बिकवाली देखने को मिली।
- Nippon Life India AMC के शेयर भी दबाव में रहे।
- Vishal Mega Mart में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की।
इससे साफ है कि मौजूदा बाजार में सिर्फ अच्छे नतीजे ही शेयरों को ऊपर ले जाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
शुक्रवार को इन कंपनियों के रिजल्ट पर रहेगी नजर
शुक्रवार का कारोबारी सत्र तिमाही नतीजों के लिहाज से काफी अहम रहने वाला है।
निफ्टी की चार प्रमुख कंपनियां अपने जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी—
- Shriram Finance
- Tata Consumer Products
- NTPC
- SBI Life Insurance
बाजार की उम्मीद है कि Shriram Finance का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 52% तक बढ़ सकता है, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा Bank of Baroda, CG Power, Laurus Labs समेत वायदा बाजार की 13 कंपनियों के रिजल्ट भी निवेशकों के फोकस में रहेंगे।
अनुज सिंघल ने बाजार को लेकर क्या कहा?
सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल के अनुसार पिछले तीन कारोबारी सत्र बाजार के लिए बेहद कमजोर रहे हैं।
उनका कहना है कि—
- तीन दिनों में बाजार अपनी पूरी ट्रेडिंग रेंज के ऊपरी और निचले स्तर तक पहुंच चुका है।
- बैंक निफ्टी लगातार कमजोरी दिखा रहा है।
- निफ्टी अब अपने आखिरी बड़े सपोर्ट 23,800 के करीब पहुंच चुका है।
- बैंक निफ्टी भी 56,400 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल चुका है।
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी लगातार बनी हुई है।
- कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार के लिए नई चुनौती बन गई हैं।
- कॉर्पोरेट नतीजे भी फिलहाल बाजार को कोई मजबूत सपोर्ट नहीं दे पा रहे हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि INDIA VIX अभी घबराहट वाले स्तर पर नहीं पहुंचा है, इसलिए फिलहाल पैनिक जैसी स्थिति नहीं बनी है।
अब बाजार के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
अनुज सिंघल का मानना है कि पिछले तीन दिनों से बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि फिलहाल बाजार के पास कोई मजबूत सकारात्मक ट्रिगर नहीं है।
- कोई बड़ा इंडेक्स शेयर मजबूत अपट्रेंड में नहीं है।
- पिछले सप्ताह आई तेज तेजी अब बाजार के खिलाफ काम कर रही है।
- कंपनियों के तिमाही नतीजे भी मिले-जुले आ रहे हैं।
- SRF इसका बड़ा उदाहरण है, जो सिर्फ दो दिनों में करीब 10% टूट चुका है।
निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए अहम स्तर
निफ्टी
- सपोर्ट: 23,750 – 23,850
- रेजिस्टेंस: 23,950 – 24,050
बैंक निफ्टी
- सपोर्ट: 55,800 – 56,000
- रेजिस्टेंस: 56,700 – 56,900
कल के लिए ट्रेडिंग रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार फिलहाल अपने बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन पर खड़ा है। ऐसे में नई शॉर्ट पोजीशन बनाने से बचना बेहतर हो सकता है।
यदि किसी कारणवश शॉर्ट पोजीशन रखनी पड़े तो उसे हेज करना उचित रहेगा। वहीं अगर बाजार गैप-अप ओपनिंग देता है, तो मौजूदा शॉर्ट ट्रेड्स में तेजी से नुकसान होने का जोखिम भी रहेगा। इसलिए अगले कारोबारी सत्र में जोखिम प्रबंधन (Risk Management) पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा।
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